बदलापुर (ठाणे): महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर इलाके से पवित्र वैवाहिक रिश्ते को तार-तार कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और दिल नहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज एक मनपसंद साड़ी न खरीदकर लाने जैसी मामूली सी बात पर उपजे गुस्से ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए मातम में बदल दिया। पत्नी ने अपने पति की पहले प्रेशर कुकर के भारी-भरकम ढक्कन से बेरहमी से पिटाई की और फिर गला दबाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
अपराध की इस खौफनाक घटना ने एक बार फिर समाज में घटते धैर्य, अनियंत्रित होते गुस्से और दांपत्य जीवन में बढ़ती हिंसक प्रवृत्तियों पर कई गंभीर और यक्ष प्रश्न खड़े कर दिए हैं। मामला बदलापुर पूर्व इलाके का है, जहां एक साधारण घरेलू विवाद ने देखते ही देखते विकराल और हिंसक रूप धारण कर लिया।
मामूली जिद से शुरू हुआ विवाद और खौफनाक अंजाम
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 35 वर्षीय हरेराम किशुनजी सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और ठाणे के बदलापुर पूर्व क्षेत्र में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहते थे। वहीं आरोपी महिला की पहचान 30 वर्षीय सुनीता देवी हरेराम सिंह के रूप में की गई है, जो बिहार के रोहतास जिले की मूल निवासी है।
घटना वाले दिन हरेराम जब काम से घर लौटे, तो उनकी पत्नी सुनीता देवी ने उनसे साड़ी लाने के बारे में पूछा। जब पति ने बताया कि वे किसी कारणवश साड़ी नहीं ला सके, तो सुनीता देवी आपे से बाहर हो गई। शुरुआत में दोनों के बीच जुबानी तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में गुस्सा इस कदर हावी हो गया कि महिला ने रसोई में रखे प्रेशर कुकर का भारी ढक्कन उठाकर पति के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। हमला इतना अचानक था कि हरेराम को खुद को संभालने या बचाव करने का मौका तक नहीं मिला।
पुलिस को गुमराह करने की चालाकी, पोस्टमार्टम ने खोला राज
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी ने मामले को दुर्घटना या बीमारी से हुई स्वाभाविक मौत का रूप देने की शातिराना कोशिश की। उसने आसपास के लोगों और पुलिस को यह जताने का प्रयास किया कि उसके पति की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। हालांकि, बदलापुर पुलिस की सूक्ष्म जांच और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की सतर्कता के सामने महिला की यह साजिश ज्यादा देर टिक नहीं सकी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। डॉक्टरों ने स्पष्ट रिपोर्ट दी कि मृतक की मौत किसी बीमारी या सामान्य चोट से नहीं, बल्कि गला दबाने से दम घुटने (Asphyxia due to strangulation) के कारण हुई है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक का आधिकारिक बयान:
बदलापुर पूर्व थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन पाटिल ने मीडिया को बताया:
“मेडिकल रिपोर्ट से यह साफ हो गया कि मौत प्राकृतिक नहीं थी। पोस्टमार्टम में गला दबाने से दम घुटने की पुष्टि हुई। इसके बाद जब हमने मृतक के रिश्तेदारों और मकान मालिक से गहन पूछताछ की, तो पत्नी के बयानों में भारी विरोधाभास मिला। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। स्थानीय अदालत ने आरोपी सुनीता देवी को 29 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।”
घरेलू हिंसा और दांपत्य में बढ़ता तनाव: चिंताजनक सामाजिक पहलू
ठाणे की यह घटना कोई अलग-थलग या अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों से पति-पत्नी के बीच मामूली बातों पर हत्या जैसी संगीन वारदातों के आंकड़े चिंताजनक रूप से बढ़े हैं। कभी शक, कभी आर्थिक तंगी, तो कभी इच्छाओं की पूर्ति न होना वैवाहिक जीवन में खूनी संघर्ष का कारण बन रहा है।
हाल ही में महाराष्ट्र से ही एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर आई थी, जहां एक पति ने क्रूरता से अपनी पत्नी की हत्या कर दी और उसके शव को कार की अगली सीट पर रखकर घंटों तक शहर की सड़कों पर घूमता रहा, जिसके बाद उसने थाने जाकर सरेंडर कर दिया था। इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि किस तरह मानवीय संवेदनाएं और नैतिक मूल्य घटते जा रहे हैं।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक ताना-बाना
समाजशास्त्रियों और मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के गंभीर अपराध केवल एक दिन के गुस्से का नतीजा नहीं होते, बल्कि लंबे समय से दबे तनाव, संवादहीनता और असंतोष का हिंसक विस्फोट होते हैं। भौतिकवादी इच्छाओं या छोटी-छोटी अपेक्षाओं के न पूरे होने पर जीवन समाप्त करने जैसा कदम उठाना समाज में गिरते मानसिक स्वास्थ्य और सहनशीलता की कमी की ओर इशारा करता है।
यदि इन प्रवृत्तियों पर समय रहते परिवार और समाज के स्तर पर विचार नहीं किया गया, तो सामाजिक ताना-बाना बिखरने की कगार पर पहुंच जाएगा।
कानूनी स्थिति और आगे की जांच
बदलापुर पूर्व पुलिस ने आरोपी सुनीता देवी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या (Murder) और साक्ष्य मिटाने/पुलिस को गुमराह करने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में किसी अन्य व्यक्ति की अप्रत्यक्ष भूमिका या साजिश थी। फिलहाल आरोपी महिला से पुलिस हिरासत के दौरान सघन पूछताछ जारी है।
