By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: मणिपुर के इन तीन जिलों में अलग सरकार क्यों चाहते हैं कुकी? जानिए कुकीलैंड की मांग का इतिहास
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > मणिपुर के इन तीन जिलों में अलग सरकार क्यों चाहते हैं कुकी? जानिए कुकीलैंड की मांग का इतिहास
देशफीचर्ड

मणिपुर के इन तीन जिलों में अलग सरकार क्यों चाहते हैं कुकी? जानिए कुकीलैंड की मांग का इतिहास

The Hill India News
Last updated: November 17, 2023 7:10 am
The Hill India News
Published: November 17, 2023
Share
फ़ाइल फ़ोटो
SHARE

मणिपुर में महीनों बाद भी शांति बहाल नहीं हो सकी है. हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच अब ‘कुकी-जो’ समुदाय के सबसे बड़े संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) ने उन तीन जिलों में सेल्फ रुल यानी स्वतंत्र तरीके से प्रशासन चलाने का ऐलान किया है, जहां ‘कुकी-जो’ समुदाय के लोग बहुसंख्यक हैं. ये तीन जिले चुराचांदपुर, कांगपोक्पी और टैंगनाउपोल हैं. इसके लिए आईटीएलएफ ने भारत सरकार को दो हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है.

इन आदिवासी संगठन का मानना है कि भारत सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं नजर आ रही. जिस सेल्फ रुल यानी स्व-शासन की बात वो कर रहे हैं, उसमें अपना अलग मुख्यमंत्री और अपने समुदाय के लिए सरकारी अधिकारियों का शासन लागू कराना है. ट्राइबन फोरम का कहना है कि इन तीन जिलों में मणिपुर की एन बिरेन सरकार का कोई दखल नहीं होगा. समानांतर प्रशासन पर कुकी-जो समुदाय के लोग अड़ गए हैं, लेकिन कुकीलैंड की उनकी मांग बहुत पुरानी है.

देखा जाए तो उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर के भूगोल और आबादी को ऐसे समझिए. मणिपुर का 10 प्रतिशत इलाका घाटी वाला है, जबकि लगभग 90 फीसदी इलाका पहाड़ी है. यहां मुख्य रूप से तीन समुदाय रहते हैं. पहला मैतेई, दूसरा नागा और तीसरा कुकी. इनमें नागा और कुकी आदिवासी समुदाय हैं, जबकि मैतेई गैर-आदिवासी हैं. मणिपुर की आबादी 38 लाख है. मैतेई की आबादी वैसे तो 53 प्रतिशत है लेकिन राज्य की 60 विधानसभा सीटों में से 40 पर मैतेई समुदाय का ही कब्जा है. कुकी, जिनकी आबादी राज्य में 40 फीसदी है, वे ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं.

कुकीलैंड की मांग साल 1980 के दशक से चली आ रही है, कुकी समुदाय के लोगों के लिए एक अलग राज्य की मांग जोड़ पकड़ने लगी. कुकी-जोमी समुदाय के लोग जो मणिपुर में अल्पसंख्यक हैं. उन्होंने कुकी राष्ट्रीय संगठन के नाम से एक विद्रोही समूह का गठन किया. उसके बाद ये मांग गाहे-बगाहे उठती रही कि हमें मैतेई लोगों के शासन में नहीं रहना. कुकी राज्य मांग समिति (केएसडीसी) का मानना था कि करीब 13 हजार वर्ग किलोमीटर का इलाका उनका है और इसे मणिपुर से अलग किया जाना चाहिए.

मणिपुर में 4 मई के बाद से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हिंसा का दौर शुरू हुआ. मैतेई समुदाय की मांग थी कि उन्हें भी एसटी स्टेटस यानी जनजाति का दर्जा दिया जाए. इसके पीछे दलील ये कि उनकी आबादी तो ज्यादा है, लेकिन संसाधन और प्रशासन पर हक उस अनुपात में नहीं है. मणिपुर हाई कोर्ट ने भी मैतेई समुदाय की मांग को उचित मानते हुए राज्य सरकार से एसटी स्टेटस देने की सिफारिश कर दी.

 

You Might Also Like

नई दिल्ली : तीन राज्यों के 3 विधानसभा क्षेत्रों में उप-चुनाव के लिए कार्यक्रम
नई दिल्ली : अच्छे बीजों से उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है : शिवराज सिंह चौहान
ट्रोल होने पर रजनीकांत का जवाब, ‘सन्यासियों के पैर छूना और उनका आशीर्वाद लेना मेरी आदत है’
ITBP राशन घोटाला: पूर्व कमांडेंट अशोक कुमार गुप्ता को CBI अदालत से बड़ी राहत, 70 लाख के गबन का है आरोप
दिल्ली में बिजली महंगी होने के संकेत: DERC की याचिका खारिज, उपभोक्ताओं पर बढ़ सकता है बोझ
TAGGED:Cookielandhistory of demandKukis separate governmentthree districts of Manipur
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डविदेशस्पोर्ट्स

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का बड़ा ऐलान! इंटरनेशनल फुटबॉल को कहेंगे अलविदा, 23 साल का ऐतिहासिक सफर होगा खत्म

The Hill India News
The Hill India News
November 5, 2026
कल देहरादून में अमित शाह का शक्ति प्रदर्शन! परेड ग्राउंड में 25 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की जुटेगी भीड़, 1500 करोड़ की योजनाओं की सौगात देंगे गृह मंत्री; पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर
देहरादून का मोहब्बेवाला बना मौत का हाईवे! CRRI-NHAI की टीम के निरीक्षण के डेढ़ घंटे बाद ही पलटा ट्रक, कार सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौत; 6 साल का मासूम बचा, एक साल में 18 बड़े हादसों से उठे गंभीर सवाल
पेंशनधारियों के लिए दिवाली से पहले CM धामी का बड़ा तोहफा! 9.99 लाख लोगों के खातों में पहुंचे ₹148.18 करोड़, जानिए किसे कितनी मिली पेंशन
दिवाली से पहले धामी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा! महंगाई भत्ता 3% बढ़ाकर किया 63%, चार महीने का एरियर भी मिलेगा; जानिए किसे होगा फायदा
चावड़ी बाजार में मौत बनकर ढही तीन मंजिला इमारत! दो लोगों की दर्दनाक मौत, चार घायल; लापरवाही पर MCD का बड़ा एक्शन, दो इंजीनियर सस्पेंड
4000 करोड़ की ‘रामायण’ ने सिनेमाघरों में दी दस्तक, रणबीर कपूर बने भगवान राम तो यश ने लूटी महफिल; जानिए कैसी है फिल्म
75 साल के रजनीकांत का बॉक्स ऑफिस पर जलवा! ‘जेलर 2’ ने 466 करोड़ कमाकर रचा इतिहास, 2026 की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म बनी
ईरान युद्ध बना ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की हार की वजह! क्या अब रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की जाएगी कुर्सी? व्हाइट हाउस में बढ़ी हलचल
ट्रंप की हार से भारतीय शेयर बाजार में दिवाली! खुलते ही 1,609 अंक उछला सेंसेक्स, निफ्टी में भी तूफानी तेजी, निवेशकों की बल्ले-बल्ले
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?