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उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखण्ड : राज्य में सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण पर कार्यवाही करते हुए लगभग 6000 एकड़ जमीन को किया से मुक्त-धामी

The Hill India News
Last updated: March 29, 2025 2:23 pm
The Hill India News
Published: March 29, 2025
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में टीवी9 शिखर सम्मेलन 2025 ‘व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे’ में प्रतिभाग कर ‘एक देश, एक विधान, नया हिन्दुस्तान’ विषय पर चर्चा के दौरान राज्य के विकास, जन कल्याणकारी नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड निरन्तर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने इसे समाज में समानता और न्याय की दिशा में एक बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि यह जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप है, उत्तराखण्ड ने इसे लागू कर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना उत्तराखण्ड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष के लिए भी ऐतिहासिक है। गंगा गंगोत्री उत्तराखंड से निकली है। आने वाले समय में समान नागरिक संहिता की गंगोत्री सभी राज्यों को लाभ देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के चुनाव में हमने जनता से वादा किया था कि राज्य में समान नागरिक संहिता कानून को लागू करेंगे। राज्य की जनता ने भी हर 5 वर्ष में सरकार बदलने वाले मिथक को तोड़ा और हमारी सरकार पर फिर से भरोसा जताया। जनता से किये वायदे पूरा कर हमने सांस्कृतिक और धार्मिक सुरक्षा के रूप में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में समिति गठित होने के बाद लगभग बीस माह में 72 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं और जनसंवाद स्थापित कर रायशुमारी ली गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी वर्गों, धर्मों, पंथों से संबंधित लोगों के लगभग 2.36 लाख सुझाव प्राप्त हुए और ऑनलाइन सुझाव भी मांगे गए। स्वतंत्र भारत के इतिहास में उत्तराखण्ड पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया है। उन्होने कहा कि यूसीसी को संविधान के प्रावधान के तहत लागू किया गया है। इसका विरोध करने वाले लोग संविधान और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को ना मानने वाले लोग हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण होने की शिकायतों के बाद से हमारी सरकार लगातार काम कर रही है और लगभग 6000 एकड़ जमीन को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण के रूप में किया जाने वाला कृत्य तथा सरकारी भूमि पर किया जाने वाला अतिक्रमण किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। प्रदेश में बिना किसी तुष्टिकरण के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ से समान रूप से सभी को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहस और बलिदान का प्रतीक वीर बाल दिवस हमें साहस और बलिदान की कहानी याद दिलाता है। जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने मुगल शासक के अत्याचारों का डटकर सामना किया और धर्म नहीं बदलने की कसम खाई। इन साहिबजादों ने अपनी जान की बाजी लगाकर धर्म के लिए निष्ठा का परिचय दिया। उन्होंने साबित किया कि धर्म केवल रस्मों-रिवाजों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद प्रधानमंत्री ने वीर बाल साहिबजादो को याद करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल मुखवा और पर्यटन स्थल हर्षिल के हालिया दौरे से शीतकालीन यात्रा के लिए अच्छा माहौल तैयार हुआ है। राज्य में चारधाम यात्रा के अन्तर्गत पर्यटन व तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है और राज्य में पहली बार शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया गया है। प्रधानमंत्री जी ने देशभर के लोगों खासकर युवाओं से सर्दियों में उत्तराखण्ड आने का आह्वाहन करते हुए कहा कि सर्दियों में जब देश के बड़े हिस्से में कोहरा होता है, तो पहाड़ों में वें धूप का आनन्द ले सकते हैं। ऐसा पहली बार हुआ, जब कि चार धाम यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड आना हुआ। चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वीआईपी भी आम यात्रियों की तरह दर्शन करेंगे। यात्रा के पहले महीने में भारी भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन राज्य के 8 जिलों के 11 शहरों में किया गया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्रीजी ने किया। यह उत्तराखण्ड के गठन का 25वां वर्ष है, देशभर के युवाओं ने इस युवा राज्य में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री कहा कि वे स्वयं एक सामान्य कार्यकर्ता है, तथा पार्टी की ओर से उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी जाती है उसे वह पूरे मनोयोग से पूरा करते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कभी भी नाम के चक्कर में नहीं पड़ते हैं और वें कुछ बनने के लिए नहीं, बल्कि कुछ करने में विश्वास करते है। उन्होंने आगे कहा कि एक सैनिक पुत्र होने के नाते अनुशासन उनके जीवन का हिस्सा रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली से देहरादून के बीच बन रहे एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से देहरादून का सफर लगभग ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आज हर क्षेत्र में विकास की चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर डबल इंजन की सरकारें प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नये आयाम प्राप्त कर रही है। उत्तराखण्ड भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में निरन्तर प्रगति के पथ पर आगे बढ रहा है।

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