By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: Uttarakhand: भूकंप पर राज्यव्यापी ‘मेगा मॉक ड्रिल’: उत्तराखंड ने 80 स्थानों पर परखी तैयारियां
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand: भूकंप पर राज्यव्यापी ‘मेगा मॉक ड्रिल’: उत्तराखंड ने 80 स्थानों पर परखी तैयारियां
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand: भूकंप पर राज्यव्यापी ‘मेगा मॉक ड्रिल’: उत्तराखंड ने 80 स्थानों पर परखी तैयारियां

The Hill India News
Last updated: November 15, 2025 1:15 pm
The Hill India News
Published: November 15, 2025
Share
SHARE

देहरादून, 15 नवंबर। भूकंप जनित आपदाओं के प्रति उत्तराखंड की प्रशासनिक और तकनीकी तत्परता की वास्तविक परख के लिए शनिवार को राज्य के सभी 13 जनपदों में एक साथ मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) की ओर से आयोजित यह अब तक का सबसे बड़ा अभ्यास था, जिसमें 80 से अधिक स्थानों पर एक साथ बचाव, राहत और प्रतिक्रिया तंत्र की जांच की गई।

Contents
“मॉक ड्रिल का दस्तावेजीकरण अनिवार्य” — मुख्य सचिव80 स्थानों पर एक साथ अभ्यास, पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आयोजन“आपसी समन्वय ही असली शक्ति”—मुख्य सचिव“मिल रही सीख को तुरंत लागू करें”—आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष“उद्देश्य पूरे हुए, पर सुधार की गुंजाइश मौजूद”—सचिव आपदा प्रबंधनअभ्यास में शामिल अधिकारीआपदा तैयारियों की नई मिसाल

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर मॉक ड्रिल की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों से विस्तृत फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि इस राज्यव्यापी अभ्यास का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आपदा की वास्तविक स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।


“मॉक ड्रिल का दस्तावेजीकरण अनिवार्य” — मुख्य सचिव

SEOC से निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अभ्यास का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा में समय पर और समन्वित कार्रवाई जीवन और मृत्यु का फ़र्क तय करती है। इसलिए मॉक ड्रिल के दौरान मिली कमियों और सुझावों को न केवल दर्ज किया जाए, बल्कि उन पर समयबद्ध कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि उन्हें राज्य स्तर से किस प्रकार की सहायता या संसाधनों की आवश्यकता है, ताकि वास्तविक समय में उनकी प्रतिक्रिया और मजबूत हो सके।


80 स्थानों पर एक साथ अभ्यास, पहली बार इतने बड़े पैमाने पर आयोजन

यूएसडीएमए के अनुसार, पहली बार राज्य में इतने व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें—

  • 13 जिलों के 80 से अधिक स्थान
  • सरकारी और निजी अस्पताल
  • स्कूल एवं कॉलेज
  • बहुमंजिला इमारतें
  • इंडस्ट्रियल एरिया
  • बिजली, जल संस्थान और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाएं

सभी को शामिल किया गया। विभिन्न स्थानों पर दुर्घटनाग्रस्त भवनों, आग लगने, फंसे हुए लोगों, सड़क अवरोध, बिजली बाधित होने और संचार तंत्र में व्यवधान जैसी स्थितियों का सिमुलेशन किया गया।


“आपसी समन्वय ही असली शक्ति”—मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने कहा कि भूकंप के दौरान सबसे बड़ी चुनौती विभागों के बीच समन्वय होती है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि—

  • SEOC और DEOC के बीच संचार निर्बाध रहे
  • रेस्क्यू टीमों के रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाया जाए
  • अस्पतालों की इमरजेंसी तैयारी की समीक्षा की जाए
  • विद्युत, जल एवं सड़क विभाग अपने SOP को दोबारा परखें
  • सभी महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की सुरक्षा जांच नियमित की जाए

उन्होंने साफ कहा कि यह अभ्यास केवल कागज पर नहीं, बल्कि भविष्य की वास्तविक परिस्थितियों में कार्रवाई का आधार बनेगा।


“मिल रही सीख को तुरंत लागू करें”—आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष

राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन के माननीय उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला ने कहा कि मॉक ड्रिल प्रशासनिक तत्परता की वास्तविक परख है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि—

  • कमियों को फौरन दूर किया जाए
  • विभागीय समन्वय और बेहतर बनाया जाए
  • उपकरण, जनशक्ति और संचार व्यवस्था की नियमित समीक्षा हो
  • फील्ड टीमों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए

उन्होंने कहा कि आपदा के समय त्वरित, संगठित और प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिक्रिया ही जन-जीवन की सुरक्षा की गारंटी है।


“उद्देश्य पूरे हुए, पर सुधार की गुंजाइश मौजूद”—सचिव आपदा प्रबंधन

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि ड्रिल के प्रमुख उद्देश्य हासिल हुए हैं, लेकिन कई स्थानों पर संसाधनों और समन्वय में सुधार की आवश्यकता सामने आई है।

उन्होंने निर्देश दिया कि—

  • उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए
  • फील्ड टीमों को संचालन का पूरा प्रशिक्षण दिया जाए
  • प्रतिक्रिया समय और संसाधनों के उपयोग का विश्लेषण किया जाए
  • स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाई जाए और उन्हें नियमित प्रशिक्षण दिया जाए

सचिव सुमन ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य “आपदा में शून्य मृत्यु” है, और इसे हासिल करने के लिए तत्परता और प्रशिक्षण में निरंतर सुधार अनिवार्य है।


अभ्यास में शामिल अधिकारी

निरीक्षण के दौरान

  • आईजी फायर मुख्तार मोहसिन
  • अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप
  • अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी
  • संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी
  • डा. बिमलेश जोशी
    सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आपदा तैयारियों की नई मिसाल

राज्यव्यापी भूकंप मॉक ड्रिल ने उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन क्षमता को नए सिरे से परखा है। मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देश इस बात का संकेत हैं कि राज्य प्रशासन केवल मॉक अभ्यास नहीं, बल्कि वास्तविक समय की प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने पर केंद्रित है।

यह मेगा ड्रिल न केवल प्रशासन की तत्परता का परीक्षण थी, बल्कि यह संदेश भी कि भूकंप जैसी भयावह आपदा के सामने तैयारियां ही सबसे बड़ा हथियार हैं।

You Might Also Like

Bangladesh Crisis: लंदन नहीं गईं शेख हसीना, भारत में कब तक रहेंगी इस बात का हो गया खुलासा
Uttarakhand: नैनीताल में PWD टेंडर प्रक्रिया में दबाव बनाने की कोशिश विफल: सात आरोपी गिरफ्तार, SSP ने दिए सख्त निर्देश
राजधानी दिल्ली समेत इन राज्यों में कब होगी बारिश? मौसम विभाग का आया बड़ा अपडेट
1100 किमी पीछा, हर मोड़ पर चौकन्नी नज़र—दिल्ली पुलिस ने गुजरात से पकड़ा “साइको किलर” सलमान उर्फ़ बोना
इज़रायल ने हमास के कमांडर को किया ढेर, गाजा में 75 आतंकी ठिकानों पर वायुसेना का हमला
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील

The Hill India News
The Hill India News
July 21, 2026
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
मध्यप्रदेश में UCC को मिली विधानसभा की मंजूरी: हंगामे, ‘जय श्रीराम’ के नारों और तीखी बहस के बीच पास हुआ ऐतिहासिक विधेयक
पेपर लीक पर उत्तराखंड में उबाल: गैरसैंण से हल्द्वानी तक छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में…’ बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट में मतभेद, अब चीफ जस्टिस तय करेंगे कानूनी दिशा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?