
देहरादून: देश के वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। रविवार को पेश होने वाले इस ऐतिहासिक बजट को लेकर जहां पूरे देश की निगाहें वित्त मंत्री के पिटारे पर टिकी हैं, वहीं उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे ‘जन-उत्सव’ और जागरूकता अभियान बनाने की तैयारी कर ली है। प्रदेश नेतृत्व ने तय किया है कि बजट केवल आंकड़ों का खेल न बनकर रह जाए, बल्कि गांव-गांव तक इसके लाभ और विजन की चर्चा हो। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय से लेकर मंडल स्तर तक 78 स्थानों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सामूहिक बजट अवलोकन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
डिजिटल कनेक्ट: LED के जरिए बजट का सीधा प्रसारण
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि रविवार का दिन देश और प्रदेश की आर्थिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दिन है। पार्टी का उद्देश्य है कि आम आदमी सीधे तौर पर सरकार के विजन से जुड़े।
पार्टी की रणनीति के प्रमुख बिंदु:
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मुख्य कार्यक्रम: देहरादून स्थित प्रदेश मुख्यालय में भव्य आयोजन होगा, जहां वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक साथ बजट भाषण देखेंगे।
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व्यापक विस्तार: विधानसभा और मंडल स्तर पर कुल 78 महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी।
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जन-भागीदारी: इन केंद्रों पर केवल पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों, युवाओं और गृहणियों को भी आमंत्रित किया गया है ताकि वे प्रत्यक्ष रूप से बजट की घोषणाओं को सुन सकें।
अनिल गोयल को सौंपी गई कमान
इस पूरे अभियान को सुव्यवस्थित तरीके से जमीन पर उतारने के लिए भाजपा ने अपनी संगठनात्मक शक्ति झोंक दी है। प्रदेश नेतृत्व ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल को ‘प्रदेश समन्वयक’ (State Coordinator) की जिम्मेदारी सौंपी है। गोयल की देखरेख में ही आने वाले दिनों में बजट पर जिलावार गोष्ठियां, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे, ताकि बजट की बारीकियों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाया जा सके।
‘एक निवेशक की तरह समझें अपना अधिकार’: महेंद्र भट्ट
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस पहल के पीछे की फिलॉसफी को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट केवल सरकारी दस्तावेजों का पुलिंदा नहीं है, बल्कि यह सवा सौ करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
महेंद्र भट्ट ने जोर देते हुए कहा, “प्रत्येक नागरिक को यह समझने का अधिकार है कि उसके द्वारा दिए गए टैक्स का पैसा देश के विकास में कहां और कैसे खर्च हो रहा है। आमजन को एक ‘निवेशक’ की तरह जागरूक होना चाहिए। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक मोर्चे पर भारत की बढ़ती ताकत की जानकारी हर घर तक पहुंचे, यही हमारा प्राथमिक उद्देश्य है।”
पोस्ट-बजट रणनीति: जनसंवाद और गोष्ठियां
बजट पेश होने के तुरंत बाद भाजपा का काम खत्म नहीं होगा। पार्टी ने एक लंबी कार्ययोजना तैयार की है:
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एक्सपर्ट टॉक: आर्थिक विशेषज्ञों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के साथ मिलकर बजट के प्रभाव का विश्लेषण।
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प्रेस वार्ता: प्रत्येक जिले में पत्रकार वार्ता कर बजट की प्रमुख उपलब्धियों को जनता के सामने रखना।
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विकास का ब्लूप्रिंट: उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए बजट में मिलने वाली विशेष सौगातों (जैसे रेल, सड़क और पर्यटन अवसंरचना) पर विशेष फोकस कर जनसंवाद स्थापित करना।
बजट 2026 से उत्तराखंड की उम्मीदें
इस बार के बजट से उत्तराखंड को विशेष अपेक्षाएं हैं। चाहे वह ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास हो या चारधाम यात्रा कॉरिडोर के लिए अतिरिक्त फंड। भाजपा की इस कवायद का एक राजनीतिक पहलू यह भी है कि वह बजट के माध्यम से विकास के एजेंडे को धार देकर स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
पारदर्शिता की ओर बढ़ता कदम
बजट को जन-जन तक ले जाने की यह कोशिश लोकतंत्र को और अधिक सहभागी बनाती है। जब आम आदमी जीडीपी, राजकोषीय घाटे और पूंजीगत व्यय जैसे शब्दों का अर्थ अपने स्थानीय परिवेश में समझता है, तो वह सरकार की जवाबदेही भी बेहतर तरीके से तय कर पाता है। उत्तराखंड भाजपा का यह ‘बजट मॉडल’ न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरेगा, बल्कि आम लोगों में सरकार के प्रति भरोसे को भी नई ऊंचाई देगा।


