
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित दून लाइब्रेरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 130वां एपिसोड सुना। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल प्रधानमंत्री के संबोधन की सराहना की, बल्कि राज्य के विकास, आगामी लक्ष्यों और समान नागरिक संहिता (UCC) की पहली वर्षगांठ को लेकर बड़े संकेत दिए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है, जो समाज के अनसुने नायकों को दुनिया के सामने लाता है।
इनोवेशन और एआई (AI): उत्तराखंड की नई पहचान
प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया और तकनीकी भारत के विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज इनोवेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। एआई का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह हमारे दैनिक कार्यों का अभिन्न अंग होगा।”
उन्होंने भविष्य की कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि उत्तराखंड के साइंस, आईटी और टेक्नोलॉजी विभाग इस दिशा में सक्रियता से काम कर रहे हैं। धामी ने विश्वास जताया कि जो प्रशासनिक कार्य वर्तमान में कई दिनों में पूरे होते हैं, एआई की मदद से उन्हें महज कुछ घंटों में निपटाया जा सकेगा, जिससे शासन में पारदर्शिता और गति आएगी।

समान नागरिक संहिता (UCC): एक साल का बेमिसाल सफर
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए याद दिलाया कि 27 जनवरी उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक तारीख है। इसी दिन उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए थे।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, “हमने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले देवभूमि की जनता से वादा किया था कि हम समान कानून लागू करेंगे। उत्तराखंड एक सीमावर्ती राज्य है, यहाँ चारधाम हैं और यह गंगा-यमुना का उद्गम स्थल है। सुरक्षा और संवेदनशीलता की दृष्टि से यहाँ रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होना अनिवार्य था, जिसे हमने पूर्ण संकल्प के साथ लागू किया है।” उन्होंने इसे राज्य के आत्म-सम्मान और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।
प्रेरणा का पुंज: ‘मन की बात’ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के संवाद कौशल की सराहना करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ के हर एपिसोड से कुछ नया सीखने को मिलता है। यह मंच उन लोगों को पहचान दिलाता है जो सीमित संसाधनों में समाज सेवा के बड़े कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रेरणा के कारण आज उत्तराखंड राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसे राज्य के रूप में उभरा है जहाँ कई ऐतिहासिक निर्णय पहली बार लिए गए हैं।
जन-कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित विधायकों और पदाधिकारियों से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने ‘अंत्योदय’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जब तक पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ नहीं मिलेगा, तब तक विकास अधूरा है।
इस अवसर पर गरिमामयी उपस्थिति:
कार्यक्रम के दौरान विधायक खजान दास, विधायक सुरेश गढ़िया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, वरिष्ठ नेता अनिल गोयल, संजय नेगी और दायित्वधारी रजनी रावत समेत कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री धामी का ‘मन की बात’ सुनने के बाद दिया गया यह संबोधन स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड सरकार अब ‘परंपरा और तकनीक’ के संतुलन पर काम कर रही है। एक तरफ जहाँ UCC के जरिए सामाजिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर AI और इनोवेशन के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के लिए राज्य को तैयार किया जा रहा है।



