
देहरादून, 16 नवंबर 2025। मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा स्थापित राज्य के प्रथम आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में बाल दिवस 2025 के अवसर पर “स्पोर्ट्स डे” का भव्य आयोजन किया गया। प्रशासन के सतत प्रयासों से सड़क पर जीवन यापन कर रहे, भिक्षावृत्ति और बाल मजदूरी में संलिप्त दर्जनों बच्चे अब शिक्षा, खेल और व्यक्तित्व विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
जिला प्रशासन की इस पहल ने मायूस बचपन को न केवल नई दिशा दी है, बल्कि अनेक बच्चे अब विभिन्न खेल स्पर्धाओं में पदक जीतकर आत्मविश्वास के साथ मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। सड़क से स्कूल और खेल मैदान तक का यह परिवर्तन आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में प्रदान की जा रही शिक्षा, परामर्श तथा खेल-गतिविधियों की निरंतरता का परिणाम है।
चार सदनों में बंटे बच्चे — ‘नदियों और पर्वतों’ से प्रेरित नामकरण
इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों को उत्तराखंड की दो महान नदियों और दो पर्वत चोटियों के नाम पर चार सदनों में विभाजित किया गया है—
- नंदा (लाल)
- अलकनंदा (हरा)
- पिंडर (पीला)
- त्रिशूल (नीला)
बाल दिवस के अवसर पर चारों सदनों ने पूरे उत्साह के साथ मार्च पास्ट और पीटी डिस्प्ले में अपनी प्रतिभा और फिटनेस का शानदार प्रदर्शन किया। स्वागत नृत्य ने कार्यक्रम की ऊर्जा और आकर्षण को और बढ़ाया।
बच्चों ने जोश के साथ खेल स्पर्धाओं में दिखाया दमखम
लेमन रेस (छोटे बच्चे)
- स्वर्ण – सुनाक्षी (नंदा)
- रजत – ब्यूटी (अलकनंदा)
- कांस्य – शिवानी (पिंडर)
स्प्रिंट रेस (छोटे बच्चे)
- स्वर्ण – आर्यन (अलकनंदा)
- रजत – तन्नू (पिंडर)
- कांस्य – मनप्रीत (त्रिशूल)
सैक रेस
- कांस्य – करण (त्रिशूल)
100 मीटर दौड़ (बालक वर्ग)
- स्वर्ण – लक्ष्मण (त्रिशूल)
- रजत – शिवा (पिंडर)
- कांस्य – हरीश (अलकनंदा)
100 मीटर दौड़ (बालिका वर्ग)
- स्वर्ण – सोनम (अलकनंदा)
- रजत – गुड़िया (पिंडर)
- कांस्य – मीनाक्षी (त्रिशूल)
400 मीटर रिले रेस
- स्वर्ण – अलकनंदा
- रजत – त्रिशूल
- कांस्य – नंदा
खो-खो (मिक्स: 4 बालक + 4 बालिका)
- रोमांचक मुकाबले में अलकनंदा विजेता, पिंडर उपविजेता रहे।
हर्डल रेस
- स्वर्ण – अमित (त्रिशूल)
- रजत – आदित्य (पिंडर)
- कांस्य – चांदनी (अलकनंदा)
अलकनंदा हाउस बना ओवरऑल चैंपियन
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद सर्वाधिक 255 अंक अर्जित कर अलकनंदा हाउस ने ओवरऑल हाउस विनर का खिताब अपने नाम किया।
- प्रथम स्थान – अलकनंदा: 255 अंक
- द्वितीय स्थान – त्रिशूल: 232 अंक
- तृतीय स्थान – पिंडर: 185 अंक
बच्चों की ऊर्जा, उत्साह और सहभागिता ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
खेलों का निष्पक्ष संचालन और सक्रिय सहयोग
सभी खेलों का संचालन इंटेंसिव केयर सेंटर के प्रोजेक्ट लीडर संचित कुमार तथा शिक्षक कुलदीप सिंह चौहान द्वारा रेफरी के रूप में किया गया। कार्यक्रम बच्चों के लिए प्रेरणा, अनुशासन, खुशी और आत्मविश्वास का एक अनूठा संगम सिद्ध हुआ।
अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे—
- मीना बिष्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी
- श्रवण कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य साधुराम इंटर कॉलेज
- विवेक कुमार और अशोक बिष्ट, मैनेजर
- संचित कुमार, आसरा ट्रस्ट
- मानसी शर्मा, कोऑर्डिनेटर, समर्पण
- दीक्षा धीमान, असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर, उदयनि शालिनी फाउंडेशन
अतिथियों ने बच्चों की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का यह मॉडल पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक है।
मा० मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के समर्पित प्रयासों से सड़क पर बिखरा मायूस बचपन अब मुस्कुराता हुआ भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
इंटेंसिव केयर सेंटर में शिक्षा, खेल और समग्र व्यक्तित्व विकास का समन्वित वातावरण बच्चों को सड़क से पदक विनर बनने की ओर प्रेरित कर रहा है।



