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Uttarakhand: हरिद्वार में अधजली महिला की लाश के पीछे छिपे रहस्य से उठा पर्दा — पुलिस ने प्रेमी सलमान और साथी महिला को किया गिरफ्तार

हरिद्वार, 24 अक्टूबर : हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र में कुछ दिन पहले मिली अधजली महिला की लाश के पीछे छिपे रहस्य से आखिरकार पर्दा उठ गया है। हरिद्वार पुलिस और सीआईयू टीम ने इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा करते हुए मृतका सीमा खातून के प्रेमी सलमान और उसकी सहयोगी मेहरुन्निशा को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ कि प्रेम संबंधों में चल रहे विवाद और पुरानी रंजिश के चलते यह जघन्य हत्या की गई थी।

प्रेम संबंध बना खूनी अंजाम का कारण

एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मुख्य आरोपी सलमान, जनपद उधमसिंह नगर के काशीपुर क्षेत्र का निवासी है। उसका मृतका सीमा खातून से कई वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच नजदीकी इतनी बढ़ चुकी थी कि वे एक साथ ट्रांसपोर्ट कार्य में भी जुड़े हुए थे। लेकिन हाल के दिनों में सलमान की किसी अन्य महिला से शादी की बात चल रही थी, जिसे लेकर सीमा खातून बेहद नाराज थी।

वार्ता के अनुसार, 17 अक्टूबर की शाम दोनों के बीच ट्रक के अंदर इस मुद्दे को लेकर झगड़ा शुरू हुआ, जो देखते-देखते इतना बढ़ गया कि सलमान ने गुस्से में आकर सीमा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के दौरान उसके साथ उसकी परिचित महिला मेहरुन्निशा भी मौजूद थी, जिसने वारदात में सलमान का साथ दिया।

ट्रक में रखा शव, फिर हाईवे किनारे डीजल डालकर जलाया

हत्या के बाद आरोपी सलमान ने मृतका के शव को ट्रक के भीतर ही छिपाकर रखा और रात में उसे लेकर श्यामपुर थाना क्षेत्र के गाजीवाली के पास पहुंचा। वहां उसने शव पर डीजल डालकर आग लगा दी ताकि पहचान न हो सके। अगले दिन 18 अक्टूबर की सुबह जब राहगीरों ने सड़क किनारे एक अधजला शव देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

स्थानीय पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। चूंकि शव की पहचान करना मुश्किल था, इसलिए पुलिस ने DNA और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए

सीओ सिटी के पर्यवेक्षण में गठित विशेष जांच दल ने मामले की कड़ियाँ जोड़ने के लिए 300 से अधिक वाहनों के सीसीटीवी फुटेज और एएनपीआर कैमरा रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच की। इसी दौरान एक सफेद कंटेनर ट्रक संदिग्ध रूप से घटना स्थल के आसपास गुजरता दिखाई दिया।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उधमसिंह नगर में सीमा खातून नाम की महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है। इस सूचना के बाद पुलिस ने सीमांत जिलों में सक्रिय निगरानी शुरू की और संदिग्ध महिला मेहरुन्निशा को हिरासत में लिया गया, जिसे मृतका के साथ आखिरी बार देखा गया था।

पूछताछ में उजागर हुई साजिश

पुलिस पूछताछ के दौरान मेहरुन्निशा ने पूरे अपराध की कहानी कबूल कर ली। उसने बताया कि मृतका सीमा खातून ने कुछ वर्ष पहले उसके बेटे को एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फंसवाकर जेल भेजा था, जिससे वह उससे बेहद नाराज थी। इसी रंजिश और सलमान के साथ चल रहे प्रेम संबंधों को लेकर तीनों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था।

मेहरुन्निशा ने बताया कि सीमा बार-बार सलमान पर शादी का दबाव डालती थी और उसकी निजी जिंदगी में दखल दे रही थी। इसी बात से परेशान होकर उसने सलमान के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और उसे 17 अक्टूबर की रात अंजाम दे दिया।

23 अक्टूबर को सलमान की गिरफ्तारी

पुलिस ने लगातार तीन दिन तक क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया। अंततः 23 अक्टूबर की रात, पुलिस टीम ने श्यामपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुख्य आरोपी सलमान पुत्र घसीटा खां (निवासी मझरा लक्ष्मीपुर, काशीपुर, उधमसिंह नगर) को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त ट्रक, डीजल का जरीकेन, और अन्य साक्ष्य सामग्री बरामद की गई। जबकि उसकी सहयोगी मेहरुन्निशा (आयु 53 वर्ष) को पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी थी।

तकनीकी और भौतिक साक्ष्य बने गिरफ्तारी का आधार

एसपी क्राइम ने बताया कि पुलिस ने इस पूरे केस को सुलझाने में तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, और लोकेशन ट्रैकिंग का महत्वपूर्ण उपयोग किया। इसके अलावा घटनास्थल से मिले अधजले कपड़ों और ट्रक के भीतर के नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

प्राथमिक साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि सीमा खातून की हत्या गला दबाकर की गई और बाद में शव को जलाकर पहचान मिटाने की कोशिश की गई।

आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा

दोनों आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाने का प्रयास) समेत कई गंभीर धाराएँ जोड़ी गई हैं।

हरिद्वार पुलिस की टीम को मिली सराहना

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने केस सुलझाने में लगी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह मामला अत्यंत जटिल था, लेकिन तकनीकी विश्लेषण और सतत निगरानी से पुलिस ने इसे कम समय में सुलझा लिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।


सामाजिक संदेश

यह वारदात एक बार फिर यह सोचने को मजबूर करती है कि प्रेम और रिश्तों में अंधा विश्वास या असुरक्षा किस तरह इंसान को अपराध की राह पर ले जा सकती है। व्यक्तिगत संबंधों में हिंसा न केवल एक जीवन को समाप्त करती है, बल्कि कई परिवारों को बर्बाद कर देती है।

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