
देहरादून, 31 जुलाई 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि नव-निर्वाचित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों को आधुनिक तकनीकी, वित्तीय प्रबंधन और शासन प्रणाली पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ग्राम स्तर से ठोस पहल जरूरी है, और इसी क्रम में पंचायतीराज व्यवस्था को आधुनिक बनाना अत्यंत आवश्यक है।
“एकीकृत पंचायत भवन” होगी ग्राम प्रशासन की रीढ़
मुख्यमंत्री ने राज्यभर में ‘एकीकृत पंचायत भवनों’ के निर्माण का सुझाव दिया, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी, आशा व अन्य आवश्यक सेवा प्रदाता एक ही छत के नीचे बैठें। इसके लिए रोस्टर सिस्टम लागू कर सुविधाओं को केंद्रीकृत और सुलभ बनाने की बात कही गई। इससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई सेवाएं मिल सकेंगी।
गांवों का नियोजित विकास और ई-गवर्नेंस पर फोकस
मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों में बजट नियोजन को और सुदृढ़ किया जाए ताकि प्रत्येक पंचायत का सुनियोजित विकास हो सके। साथ ही पंचायतीराज विभाग को यह भी विश्लेषण करने का कार्य सौंपा गया है कि आगामी 15 वर्षों में कितने ग्रामीण क्षेत्र शहरीकरण की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। यह आकलन राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है।
स्थापना दिवस को ग्राम उत्सव के रूप में मनाने का सुझाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम सभाओं के स्थापना दिवस को उत्सव की तरह मनाया जाए और इसके लिए ग्रामस्तरीय संवाद, सांस्कृतिक मेलों और स्थानीय महापुरुषों की जयंती जैसे आयोजनों से जोड़ा जाए। इसके लिए एक वार्षिक कैलेंडर तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पंचायतों में रीयल टाइम मॉनिटरिंग और शिकायत निवारण ढांचा जरूरी
धामी ने पंचायत स्तर पर सभी विकास योजनाओं की रीयल टाइम मॉनिटरिंग, ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और सार्वजनिक ऑडिट रिपोर्टों को ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रत्येक पंचायत स्तर पर शिकायत दर्ज करने और समयबद्ध समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा निदेशक पंचायतीराज निधि यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



