
ऊधमसिंह नगर/देहरादून | उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने शुक्रवार को प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत को सम्मान देते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया। मुख्यमंत्री ने ऊधमसिंह नगर के गदरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर डलबाबा में बुक्सा जनजाति (Buksa Tribe) के महान प्रतीक राजा जगतदेव की भव्य प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल राजा जगतदेव के बलिदान को याद किया, बल्कि गदरपुर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तीन महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा भी की।
राजा जगतदेव: वीरता, स्वाभिमान और संस्कृति के संरक्षक
प्रतिमा के अनावरण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में राजा जगतदेव के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजा जगतदेव जी का जीवन केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का एक अमूल्य उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य अंश:
“यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं है, बल्कि यह बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा और उनके बलिदानों को नमन करने का दिन है। राजा जगतदेव जी ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनकी गाथा अदम्य शक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक है।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राजा जगतदेव की गौरवगाथा पर व्यापक शोध कार्य (Research) होना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां जान सकें कि कैसे उनके पूर्वजों ने उत्तराखंड की अस्मिता को बचाए रखा।
जनजातीय कल्याण: राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति’ तक विकास पहुँचाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और कोटद्वार जैसे क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
सरकार के आगामी रोडमैप में शामिल बिंदु:
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इतिहास का दस्तावेजीकरण: जनजातीय समाज के लोक देवताओं और महापुरुषों के इतिहास को संरक्षित करना।
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बुनियादी सुविधाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के अवसरों का विस्तार।
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सांस्कृतिक संरक्षण: बुक्सा समाज की विशिष्ट परंपराओं और कला को पहचान दिलाना।
गदरपुर क्षेत्र के लिए CM धामी की 3 बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने इस विशेष अवसर को क्षेत्र के विकास से जोड़ते हुए तीन प्रमुख घोषणाएं कीं, जो स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मील का पत्थर साबित होंगी:
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धार्मिक पर्यटन का विकास: ग्राम सभा रोशनपुर स्थित डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी (Boundary Wall), टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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कनेक्टिविटी में सुधार (बलरामनगर-खेमपुर): ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू कराया जाएगा।
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शिक्षण संस्थानों तक पहुंच: ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं और स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा।
कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में गदरपुर और ऊधमसिंह नगर के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, और दर्जा प्राप्त मंत्री मंजीत सिंह राजू प्रमुख थे।
प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर नितिन भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मणिकांत मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। स्थानीय बुक्सा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए इसे अपने समाज के लिए एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण बताया।
विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
राजनीतिक और सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार, राजा जगतदेव की प्रतिमा का अनावरण और जनजातीय क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का विस्तार, मुख्यमंत्री धामी की ‘समावेशी विकास’ (Inclusive Development) की नीति को दर्शाता है। उत्तराखंड की पांच प्रमुख जनजातियों (जौनसारी, भोटिया, थारू, बुक्सा और राजी) में बुक्सा समाज का अपना विशेष सांस्कृतिक महत्व है। इस तरह के आयोजनों से न केवल सामाजिक समरसता बढ़ती है, बल्कि जनजातीय युवाओं में अपने गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूकता भी पैदा होती है।
विरासत और विकास का संगम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ‘विरासत के साथ विकास’ के मंत्र को धरातल पर उतार रही है। राजा जगतदेव की प्रतिमा का अनावरण इसी दिशा में एक बड़ा संकेत है कि राज्य अपनी जड़ों को भूले बिना आधुनिक प्रगति की ओर अग्रसर है। सड़कों के पुनर्निर्माण और मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण से गदरपुर क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।



