नई दिल्ली/अजमेर/गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तीन बड़े मोर्चों—स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और उच्च तकनीक—पर ऐतिहासिक पहलों की शुरुआत की। राजस्थान के अजमेर से करोड़ों लड़कियों के लिए ‘वरदान’ माने जाने वाले एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन कैंपेन का आगाज करने के साथ ही, पीएम ने गुजरात के साणंद में भारत के पहले प्रमुख सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन कर वैश्विक चिप निर्माण मानचित्र पर भारत की उपस्थिति दर्ज कराई है।
एचपीवी वैक्सीनेशन कैंपेन: सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ ‘सुरक्षा कवच’
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रिवेंटिव हेल्थकेयर (निवारक स्वास्थ्य सेवा) को प्राथमिकता देते हुए 14 वर्ष तक की आयु की लड़कियों के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान लॉन्च किया।
“यह अभियान केवल एक टीका नहीं, बल्कि देश की बेटियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य की गारंटी है।”
सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) भारत में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है। इस टीकाकरण अभियान का लक्ष्य इस घातक बीमारी को जड़ से मिटाना है। केंद्र सरकार की इस पहल से करोड़ों परिवारों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य सूचकांक में भी क्रांतिकारी सुधार आएगा।
राजस्थान का कायाकल्प: 16,680 करोड़ की विकास परियोजनाएं
अपने राजस्थान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने अजमेर में ₹16,680 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें सड़क, पानी और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है:
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ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: बांदीकुई से जयपुर तक 4-लेन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, जिससे जयपुर और दिल्ली के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
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इकोनॉमिक कॉरिडोर: अमृतसर-जामनगर आर्थिक कॉरिडोर और दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण खंडों का लोकार्पण।
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एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे: इन राजमार्गों को ‘ग्रीन हाईवे’ के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ प्रवेश और निकास नियंत्रित होगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी और ईंधन की बचत होगी।
‘जल जीवन’ और ‘अक्षय ऊर्जा’ पर जोर
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नोनेरा और परवान अकावाद पेयजल परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त, राजस्थान के ‘रिन्यूएबल एनर्जी जोन’ (REZ) से बिजली की निर्बाध निकासी सुनिश्चित करने के लिए कई ट्रांसमिशन सिस्टम और ग्रिड सबस्टेशनों का उद्घाटन किया गया। यह कदम राजस्थान को देश का सोलर हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
आत्मनिर्भर भारत: साणंद में सेमीकंडक्टर क्रांति
दोपहर बाद प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के साणंद पहुंचे, जहाँ उन्होंने ‘माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी’ के असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) संयंत्र का उद्घाटन किया।
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परियोजना की लागत: ₹22,500 करोड़ से अधिक का कुल निवेश।
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महत्व: यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत स्वीकृत पहला प्रोजेक्ट था, जिसका निर्माण रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।
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क्षमता: इस प्लांट में 5 लाख वर्ग फुट का अत्याधुनिक ‘क्लीनरूम’ क्षेत्र है, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप चिप निर्माण और असेंबली करेगा।
युवाओं को मिला ‘रोजगार का उपहार’
केवल ईंट और पत्थर ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री ने मानवीय पूंजी पर भी निवेश किया। राजस्थान के विभिन्न सरकारी विभागों में नवनियुक्त 21,800 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। पीएम ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार युवाओं के कौशल विकास और उन्हें पारदर्शी तरीके से रोजगार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण: क्यों खास है आज का दिन?
आर्थिक विशेषज्ञों और स्वास्थ्य जानकारों का मानना है कि ये परियोजनाएं ‘मल्टीप्लायर इफेक्ट’ पैदा करेंगी। जहाँ एचपीवी वैक्सीनेशन से स्वास्थ्य खर्च कम होगा, वहीं सेमीकंडक्टर प्लांट से भारत की विदेशों (विशेषकर चीन और ताइवान) पर निर्भरता कम होगी। नेशनल हाईवे का जाल बिछाने से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, जिससे भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
आज के ये उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन को धरातल पर उतारने की कोशिश हैं। स्वास्थ्य से लेकर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग तक, भारत अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक वैश्विक समाधान प्रदाता के रूप में उभर रहा है।



