उत्तर प्रदेश : SVM पोर्टल से यूपी में स्कूली वाहनों की निगरानी होगी हाईटेक, अभिभावकों को भी मिलेगी रियल-टाइम जानकारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्कूली वाहनों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने “इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनीटरिंग (SVM) पोर्टल” विकसित किया है, जिसके माध्यम से अब प्रदेशभर के सभी स्कूल वाहनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य स्कूली वाहनों की निगरानी को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाना है।
परिवहन विभाग के अनुसार, सभी स्कूलों को अपने यहां संचालित होने वाले वाहनों का पूरा विवरण SVM पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराना होगा। इसमें स्कूल बसों के साथ-साथ अनुबंधित वाहन और अभिभावकों द्वारा लगाए गए निजी वाहन भी शामिल होंगे। इस पहल से राज्य में चल रहे हर स्कूली वाहन की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो जाएगी, जिससे निगरानी प्रक्रिया केंद्रीकृत हो जाएगी।
यह पोर्टल पारंपरिक मैनुअल चेकिंग सिस्टम की जगह आधुनिक डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा देगा। इसमें रीयल-टाइम ट्रैकिंग और अलर्ट सिस्टम की सुविधा होगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों और वाहन स्वामियों तक पहुंचाई जा सकेगी। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि जिम्मेदारी भी तय की जा सकेगी।
SVM पोर्टल को परिवहन विभाग के ‘वाहन’ और ‘सारथी’ डेटाबेस से जोड़ा जा रहा है। इससे वाहनों और उनके चालकों का सत्यापन स्वतः हो सकेगा। पोर्टल पर हर वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। यदि किसी वाहन के दस्तावेज अधूरे होंगे या उसकी फिटनेस की अवधि समाप्त होने वाली होगी, तो संबंधित व्यक्ति को स्वतः अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा। इसके साथ ही चेतावनी भी जारी की जाएगी, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस पोर्टल की एक खास बात यह है कि इसमें विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अलग-अलग निगरानी इंटरफेस तैयार किए गए हैं। कमिश्नर, जिला मजिस्ट्रेट, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और पुलिस विभाग के अधिकारी इस पोर्टल के माध्यम से अपने-अपने स्तर पर निगरानी कर सकेंगे। इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और निगरानी व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी।
अभिभावकों के लिए भी यह पोर्टल बेहद उपयोगी साबित होगा। वे अपने बच्चों के स्कूल वाहन की फिटनेस और अन्य जरूरी जानकारी इस पोर्टल के जरिए देख सकेंगे। इससे उन्हें यह भरोसा रहेगा कि उनका बच्चा जिस वाहन से स्कूल जा रहा है, वह पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप है। यह पारदर्शिता अभिभावकों के विश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
परिवहन विभाग जल्द ही इस पोर्टल को गो-लाइव करने की तैयारी में है। इसके लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे इस नई प्रणाली का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें। साथ ही अन्य संबंधित विभागों को भी इस पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
लखनऊ जोन के आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय के अनुसार, शासन के निर्देश पर 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी स्कूलों को अपने वाहनों का विवरण पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालय से जुड़े हर वाहन—चाहे वह स्कूल का हो, अनुबंधित हो या अभिभावकों द्वारा लगाया गया हो—उसका पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध रहे।
कुल मिलाकर, SVM पोर्टल के माध्यम से उत्तर प्रदेश में स्कूली वाहनों की निगरानी एक नई दिशा में आगे बढ़ेगी। यह पहल न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत बनाएगी। आने वाले समय में यह प्रणाली अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।



