रुद्रपुर, उत्तराखंड: उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल उठाते हुए, गांधी कॉलोनी की एक युवती काशीपुर रोड स्थित फ्लाईओवर पर चढ़ गई। उसके हाथ में एक तख्ती थी, जिस पर उसने अपनी व्यथा लिखी थी। युवती के इस कदम से न सिर्फ राहगीरों की भीड़ जुट गई, बल्कि पुलिस और प्रशासन के महकमे में हड़कंप मच गया।
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए युवती को बचा लिया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
क्या है पूरा मामला और पीड़िता के आरोप?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता रुद्रपुर के गांधी कॉलोनी की रहने वाली है। युवती का आरोप है कि उसी के मोहल्ले में रहने वाला एक युवक, जो कि एक प्रतिष्ठित बैंक में कार्यरत है, पिछले सात वर्षों से उसके साथ प्रेम संबंध में था। पीड़िता के मुताबिक, युवक ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए, जिनका इस्तेमाल करके वह लगातार उसे मानसिक और भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल कर रहा था।
मामला तब और गंभीर हो गया जब पीड़िता ने बताया कि सात अप्रैल की रात आरोपी युवक उसके घर आया और शादी का पुनः आश्वासन देकर उसके साथ जबरन संबंध बनाए, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। जब पीड़िता ने युवक पर शादी करने का दबाव बनाया, तो उसने न सिर्फ टालमटोल करना शुरू कर दिया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने अपनी शिकायत लेकर रुद्रपुर पुलिस के पास न्याय की गुहार लगाई, तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कई दिनों तक थानों के चक्कर काटने के बाद भी जब उसे कोई राहत नहीं मिली, तो आहत होकर उसने चरम कदम उठाने का फैसला किया।
गांधी कॉलोनी से निकलकर वह सीधे काशीपुर रोड स्थित फ्लाईओवर के ऊपर पहुंच गई और अपनी जान देने की कोशिश करने लगी। उसके हाथ में मौजूद तख्ती इस बात का स्पष्ट प्रमाण थी कि वह अपनी आवाज और सिस्टम की बेरुखी को सार्वजनिक करना चाहती थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन और पुलिस की तत्परता
फ्लाईओवर पर युवती के खड़े होने और आत्महत्या के प्रयास की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कोतवाली पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। एसएसआई अनिल जोशी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युवती से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया।
जब काफी देर की समझाइश के बाद भी युवती शांत नहीं हुई, तो पुलिसकर्मियों ने तत्परता और संयम दिखाते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर उतारा। इसके बाद उसे वाहन में बैठाकर कोतवाली ले जाया गया, जहाँ उसकी काउंसलिंग की गई।
प्रशासन और अधिकारियों का रुख
इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों में काफी आक्रोश है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीओ सिटी प्रशांत कुमार ने मीडिया को जानकारी दी:
“युवती की शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होगी। पीड़िता को न्याय का पूरा भरोसा दिलाया गया है।”
फिलहाल, पीड़िता पूरी तरह सुरक्षित है और उसे चिकित्सा एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस टीम अब आरोपी की तलाश और मामले के सभी तकनीकी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।



