By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड में बारिश बनी आफत: देवप्रयाग और रुद्रप्रयाग में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचीं अलकनंदा-मंदाकिनी, 179 सड़कें बंद; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड में बारिश बनी आफत: देवप्रयाग और रुद्रप्रयाग में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचीं अलकनंदा-मंदाकिनी, 179 सड़कें बंद; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
उत्तराखंडफीचर्डमौसम

उत्तराखंड में बारिश बनी आफत: देवप्रयाग और रुद्रप्रयाग में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचीं अलकनंदा-मंदाकिनी, 179 सड़कें बंद; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

The Hill India News
Last updated: August 6, 2026 11:33 am
The Hill India News
Published: August 6, 2026
Share
SHARE

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। पहाड़ों में कई दिनों से जारी वर्षा के चलते प्रदेश की प्रमुख नदियां उफान पर हैं और कई स्थानों पर उनका जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। सबसे अधिक चिंता रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग क्षेत्र को लेकर है, जहां अलकनंदा, मंदाकिनी और भागीरथी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं, जिससे प्रदेशभर में 179 सड़कें बंद हो गई हैं। स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, मौसम विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। नदी किनारे बसे लोगों को लाउडस्पीकर और सायरन के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है, जबकि यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

बारिश ने बढ़ाई चिंता, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट का असर

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने पहले ही 6 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और चमोली जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। पूर्वानुमान के अनुरूप इन जिलों में रात से ही लगातार तेज बारिश हो रही है। लगातार वर्षा का सीधा असर प्रदेश की नदियों और पहाड़ी क्षेत्रों पर दिखाई दे रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले 24 से 48 घंटे तक इसी तरह बारिश जारी रही तो कई नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में जुटा हुआ है।

अलकनंदा और मंदाकिनी ने पार किया खतरे का निशान

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर चेतावनी अथवा खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। कुछ स्थानों पर जलस्तर पहले ही निर्धारित सीमा से ऊपर दर्ज किया गया है।

प्रमुख नदियों की वर्तमान स्थिति

  • देवप्रयाग में भागीरथी नदी का जलस्तर 462.40 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 462 मीटर है। यानी नदी चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है।
  • रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर 627.80 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो 627 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर है।
  • रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 626.60 मीटर पहुंच गया है, जबकि खतरे का स्तर 626 मीटर निर्धारित है।
  • रुद्रप्रयाग संगम क्षेत्र में अलकनंदा का जलस्तर 623.45 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर के बेहद करीब है।
  • धारचूला में काली नदी का जलस्तर 889.04 मीटर दर्ज हुआ, जो चेतावनी स्तर 889 मीटर से ऊपर पहुंच चुका है।
  • हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर गुरुवार सुबह 292.75 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो चेतावनी स्तर 293 मीटर से केवल 25 सेंटीमीटर नीचे है।

इन आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

लाउडस्पीकर और सायरन से लोगों को किया जा रहा सतर्क

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है। कई संवेदनशील क्षेत्रों में लाउडस्पीकर और सायरन के माध्यम से लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदियों के किनारे न जाएं, बच्चों को जलधाराओं के पास न जाने दें और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना को देखते हुए बचाव दलों को भी अलर्ट रखा गया है।

भूस्खलन से 179 सड़कें बंद, कई राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित

भारी बारिश का सबसे बड़ा असर प्रदेश के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। लगातार हो रहे भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण 179 सड़कें अभी भी बंद हैं। कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात बाधित है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभावित प्रमुख सड़क मार्ग

  • ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-134) सिलाई बैंड और स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन के कारण बंद।
  • ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34) पर पापड़ागाड़ के पास छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू, लेकिन बड़े वाहनों के लिए मार्ग खोलने का कार्य जारी।
  • ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-07) हेलंग के पास मलबा आने से बाधित।
  • कर्णप्रयाग-थराली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-109) आमसौड़ क्षेत्र में मलबा आने से बंद।
  • तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग के कई स्थानों पर मलबा गिरने से यातायात प्रभावित।
  • धारचूला-तवाघाट मार्ग कूलागाड़ के पास बंद।
  • गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू नालू पानी क्षेत्र में अवरुद्ध।
  • यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सिलाई बैंड और दुर्बिल क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने के कारण बाधित।
  • कालसी-चकराता राज्य राजमार्ग-20 झझरेड क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बंद।

लोक निर्माण विभाग, बीआरओ और जिला प्रशासन की टीमें लगातार मलबा हटाकर मार्ग खोलने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बनी हुई है।

चारधाम यात्रियों को विशेष सतर्क रहने की सलाह

चारधाम यात्रा मार्गों पर भी मौसम का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें। यदि अत्यंत आवश्यक न हो तो यात्रा टालने की सलाह दी गई है।

विशेष रूप से बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे केवल प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें तथा जोखिम वाले क्षेत्रों में रुकने से बचें।

आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की सुरक्षा सलाह

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण सावधानियां जारी की हैं—

  • नदी, नालों और जलधाराओं के पास जाने से बचें।
  • भारी बारिश के दौरान घर के अंदर सुरक्षित रहें।
  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें।
  • पहाड़ों की खड़ी ढलानों पर जाने से बचें।
  • उफनती नदियों में तैराकी या नौकायन बिल्कुल न करें।
  • प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों और अलर्ट का पालन करें।
  • किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

इसके अलावा निर्माणाधीन पुलों, भवनों, सुरंगों और अन्य परियोजनाओं पर भी भारी बारिश के दौरान कार्य रोकने की सलाह दी गई है।

मानसून सीजन में अब तक हजारों सड़कें प्रभावित

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक 1,869 से अधिक सड़कें विभिन्न कारणों से बाधित हो चुकी हैं। इनमें से 1,690 मार्गों को खोल दिया गया है, जबकि 179 सड़कें अब भी बंद हैं। प्रशासन लगातार मशीनों और कर्मचारियों की मदद से मार्गों को सुचारु करने में जुटा है।

आपदा प्रबंधन सचिव ने क्या कहा?

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि प्रदेश के देहरादून, बागेश्वर और चमोली जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी है। उन्होंने कहा कि अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी, बाणगंगा, यमुना और शारदा सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कुछ स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जबकि अन्य जगहों पर जलस्तर चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि सभी जिला प्रशासनों, एसडीआरएफ, पुलिस और संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

जनता से प्रशासन की अपील

प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। नदी किनारे रहने वाले लोग विशेष सतर्क रहें और यदि प्रशासन सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दे तो उनका तत्काल पालन करें।

उत्तराखंड में मानसून अभी सक्रिय है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों की सतर्कता ही किसी भी संभावित आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय साबित हो सकती है। फिलहाल पूरा प्रदेश बारिश के इस कठिन दौर से गुजर रहा है और सभी की निगाहें मौसम की अगली स्थिति पर टिकी हुई हैं।

You Might Also Like

उत्तराखंड रोडवेज ने पहली बार घाटे से उभरकर करी 56 करोड़ मुनाफे की कमाई, दौड़ेंगी 330 नई आधुनिक बसें
टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2026: वैश्विक साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बनी टिहरी झील, सीएम धामी ने दी ₹26 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात
कुएं में लटका मिला 7वीं क्लास के बच्चे का शव, परिजनों का 50 लाख रूपये और सरकारी नौकरी की मदत के लिए धरना
Uttarakhand: एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2025 के समापन समारोह में शामिल हुए सीएम धामी
Kenya: भयानक सड़क हादसा, 48 लोगों की दर्दनाक मौत और कई घायल
TAGGED:Alaknandachar dham yatraDevprayagdisaster managementLand slideMandakinirainRudraprayagUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

“महिला शक्ति का महाकुंभ: उत्तराखंड की 13 बेटियों को मिलेगा प्रतिष्ठित तीलू रौतेली सम्मान, 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी होंगी सम्मानित”

The Hill India News
The Hill India News
August 6, 2026
दिल्ली में उत्तराखंड बीजेपी की कोर ग्रुप बैठक से चुनावी तैयारियों को मिली नई धार: संगठन मजबूत करने, बूथ प्रबंधन और 2027 मिशन पर हुआ मंथन, टिकट कटने की अटकलों पर पार्टी ने तोड़ी चुप्पी
IGIMS में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल: मंत्री निशांत कुमार के सामने फूट पड़ा मरीजों का दर्द, इलाज में लापरवाही और अव्यवस्था की शिकायतों से मचा हड़कंप
JPSC आंदोलन निर्णायक मोड़ पर: सरकार से वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित, भूख हड़ताल पर अड़े छात्रों ने कहा—‘अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस फैसला चाहिए’
उत्तराखंड में बारिश बनी आफत: देवप्रयाग और रुद्रप्रयाग में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचीं अलकनंदा-मंदाकिनी, 179 सड़कें बंद; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
देहरादून में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: ‘अग्निवीर आक्रोश यात्रा’ को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी का भव्य स्वागत, सैनिकों और युवाओं के मुद्दों पर बुलंद की आवाज
उत्तराखंड में SIR पर सियासी संग्राम: फॉर्म-7 को लेकर कांग्रेस का बड़ा आरोप, भाजपा ने किया पलटवार; 19 लाख नोटिसों से बढ़ी चुनावी हलचल
₹7 करोड़ के लोन घोटाले से हिला उत्तराखंड! सहकारी बैंक की अल्मोड़ा शाखा में बड़ा फर्जीवाड़ा, तत्कालीन MD समेत 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज
परिसीमन बिल पर सरकार ने बढ़ाया विपक्ष की ओर दोस्ती का हाथ, राहुल गांधी ने रखी बड़ी शर्त; संसद का गतिरोध खत्म होगा या बढ़ेगा सियासी टकराव?
हिमालय की औषधीय विरासत को नई पहचान दिलाने वाले वैज्ञानिक डॉ. विजयकांत पुरोहित हुए सम्मानित: ‘कर्मयोगी सम्मान’ से बढ़ा उत्तराखंड का गौरव
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?