By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: नारी शक्ति को समर्पित ऐतिहासिक कदम की तैयारी: पीएम मोदी ने दिए बड़े संकेत, संसद में महिला आरक्षण पर तेज़ होगी प्रक्रिया
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > नारी शक्ति को समर्पित ऐतिहासिक कदम की तैयारी: पीएम मोदी ने दिए बड़े संकेत, संसद में महिला आरक्षण पर तेज़ होगी प्रक्रिया
देशफीचर्ड

नारी शक्ति को समर्पित ऐतिहासिक कदम की तैयारी: पीएम मोदी ने दिए बड़े संकेत, संसद में महिला आरक्षण पर तेज़ होगी प्रक्रिया

The Hill India News
Last updated: April 13, 2026 7:02 am
The Hill India News
Published: April 13, 2026
Share
SHARE

देश की विकास यात्रा में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने के करीब है, जो पूरी तरह महिला शक्ति को समर्पित होगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट संकेत दिए कि संसद जल्द ही एक ऐसा नया इतिहास रचने जा रही है, जो न केवल अतीत के सपनों को साकार करेगा बल्कि भविष्य के संकल्पों को भी मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि देश अब उस मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ नारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनेगा। उन्होंने इसे एक समतावादी भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस सम्मेलन में देशभर से विभिन्न क्षेत्रों—जैसे शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया और सामाजिक कार्य—से जुड़ी सफल महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की भूमिका को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और सशक्त बनाना तथा नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना था।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि वर्ष 2023 में संसद की नई इमारत में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पेश किया गया था। अब इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद के विशेष सत्र का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की लाखों माताओं और बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।

उन्होंने भावुक अंदाज़ में कहा कि वे इस मंच पर उपदेश देने या किसी को जागरूक करने नहीं, बल्कि देश की महिलाओं का आशीर्वाद लेने आए हैं। उनके अनुसार, महिलाओं का आशीर्वाद ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सबसे बड़ी ताकत है।

इस मौके पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस विचार को याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाएं जब आधा आसमान संभालती हैं, तो उन्हें कम से कम एक तिहाई राजनीतिक भागीदारी भी मिलनी चाहिए। रहाटकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के जरिए इस दूरदर्शी सोच को साकार करने का काम किया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अधिनियम केवल संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की उस सोच को बदलने की कोशिश है, जिसने वर्षों तक महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया से दूर रखा। उनके अनुसार, यह कानून भारतीय लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील और समावेशी बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की यात्रा ‘बेटी बचाओ’ अभियान से शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि पहले बेटियों को जन्म से पहले ही खत्म कर दिया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे समाज में जागरूकता आई और ‘बेटी पढ़ाओ’ का दौर शुरू हुआ। अब देश ‘बेटी बढ़ाओ’ के चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां महिलाओं को नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और सरकार की नीतियां इस बदलाव को और गति दे रही हैं।

यह सम्मेलन केंद्र सरकार के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसमें महिलाओं के नेतृत्व में विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है, जिसे भारतीय राजनीति में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून के लागू होने से न केवल महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि नीति-निर्माण में उनके दृष्टिकोण को भी अधिक महत्व मिलेगा। इससे शासन अधिक संतुलित, संवेदनशील और समावेशी बन सकेगा।

सम्मेलन में यह भी जोर दिया गया कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और इस लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी। ‘विकसित भारत 2047’ के विजन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को केंद्र में रखा गया है।

सरकार का मानना है कि जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होंगी, तो विकास अधिक टिकाऊ और समावेशी होगा। यही कारण है कि पंचायत स्तर से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आने वाले दिनों में संसद का विशेष सत्र इस दिशा में अहम साबित हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया को और स्पष्ट रूप दिया जाएगा और देश एक नए युग की शुरुआत की ओर बढ़ेगा।

कुल मिलाकर, ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब महिला सशक्तिकरण को केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की आधारशिला मान रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के संकेतों से यह साफ है कि आने वाला समय देश की महिलाओं के लिए नए अवसर और नई संभावनाएं लेकर आने वाला है।

You Might Also Like

उत्तराखंड में नालंदा के बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार; 2.75 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन की जांच
New Delhi: इस बार एक सप्‍ताह पहले ही कर लेंगे पीएम मोदी ‘मन की बात’, इसकी वजह ये है…
ED की बड़ी कार्रवाई: रिलायंस समूह की 1,120 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां कुर्क, कुल कुर्की 10,000 करोड़ पार
बुमराह का धमाका! कपिल देव का रिकॉर्ड ध्वस्त, विदेशी धरती पर सबसे सफल भारतीय गेंदबाज़ बने
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के बजट-उपरान्त वेबिनार का उद्घाटन किया..
TAGGED:Gender EqualityNarishakti VandanPM ModiWomen empowermentWomen in PoliticsWomen Reservation
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरमाई, मुकदमों और वाहन जब्ती के आरोप पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान—“अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे”

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?