तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (नेशनल पुलिस एकेडमी) में सामने आए महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी से कथित यौन उत्पीड़न (सेक्सुअल हैरेसमेंट) के मामले ने अब नया और बेहद सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। जिस आरोपी ट्रेनी आईपीएस अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी के आत्महत्या करने की कोशिश की खबर सोमवार को सामने आई थी, अब शुरुआती पुलिस जांच में दावा किया गया है कि यह कथित आत्महत्या का प्रयास नहीं, बल्कि सहानुभूति हासिल करने और अपने ऊपर दर्ज गंभीर आरोपों से बचने के लिए रचा गया एक नाटक हो सकता है। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जबकि पुलिस और अकादमी प्रशासन दोनों अलग-अलग स्तर पर जांच में जुटे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, अट्टापुर पुलिस ने एक महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी की शिकायत के आधार पर उदय कृष्ण रेड्डी के खिलाफ राष्ट्रीय पुलिस अकादमी परिसर में कथित यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था। शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी मानसिक दबाव में था। इसी बीच यह खबर सामने आई कि उसने आत्महत्या करने की कोशिश की है, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के बाद उदय कृष्ण रेड्डी अपने रिश्तेदारों के घर अमीरपेट चले गए थे। वहां उन्होंने कथित तौर पर बिना खाना खाए अत्यधिक मात्रा में शराब पी ली, जिसके कारण वे बेहोश हो गए। सोमवार सुबह जब परिजनों ने उन्हें जगाने की कोशिश की और सफलता नहीं मिली, तो उनके कमरे में शराब और सैनिटाइजर की बोतल देखकर आशंका जताई गई कि उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की है। इसके बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके ब्लड सैंपल की जांच कराई। मेडिकल रिपोर्ट में शरीर में किसी भी प्रकार के जहर या जहरीले पदार्थ की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर यह संभावना जताई कि आरोपी ने आत्महत्या का नाटक रचकर अपने खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले से ध्यान हटाने और लोगों की सहानुभूति प्राप्त करने का प्रयास किया। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी की गहन जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में क्या हुआ था।
मामले में उस समय एक और नया मोड़ आया जब आरोपी उदय कृष्ण रेड्डी द्वारा लिखा गया एक कथित पत्र सामने आया। इस पत्र में उन्होंने दावा किया है कि वह पिछले लगभग एक वर्ष से महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी के साथ रिश्ते में थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला अधिकारी सहित चार अन्य लोग उनकी वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। पत्र में उदय ने यह भी लिखा कि उनके पास दोनों के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट के सबूत मौजूद हैं, जो उनके दावों की पुष्टि कर सकते हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही कथित चैट को जांच में प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाने की जानकारी दी है।
दूसरी ओर, आरोपी के भाई प्रणय कृष्ण रेड्डी ने मीडिया के सामने आकर अपने भाई का बचाव किया है। उनका कहना है कि उदय कृष्ण रेड्डी के खिलाफ जो भी बातें प्रचारित की जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी और भ्रामक हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस बीच राष्ट्रीय पुलिस अकादमी प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए एक आंतरिक जांच समिति (इंटरनल कमेटी) का गठन कर दिया है। यह समिति अकादमी परिसर में हुई कथित घटना की विस्तृत जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी ट्रेनी आईपीएस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सहित अन्य आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
अट्टापुर पुलिस भी लगातार जांच में जुटी हुई है। जांच अधिकारियों ने राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के अधिकारियों से मुलाकात की है और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर उसका विश्लेषण शुरू कर दिया है। इसके अलावा घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
यह मामला इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें देश की प्रतिष्ठित पुलिस प्रशिक्षण संस्था के दो ट्रेनी आईपीएस अधिकारियों का नाम सामने आया है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद आवश्यक मानी जाती है, ताकि न तो किसी निर्दोष के साथ अन्याय हो और न ही किसी पीड़ित को न्याय मिलने में देरी हो।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड तथा संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आरोपी के दावे कितने सही हैं, कथित पत्र और व्हाट्सऐप चैट का क्या महत्व है तथा महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है, क्योंकि जांच के निष्कर्ष ही आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।
