ढलान पर रंबल स्ट्रिप पार करते ही ट्रक में आया जोरदार उछाल, चालक ने ब्रेक फेल होने का किया दावा; सड़क किनारे मोड़ने की कोशिश में हॉस्टल में जा घुसा वाहन, हादसे में कोई जनहानि नहीं
देहरादून: राजधानी देहरादून के मोहब्बेवाला क्षेत्र में एक बार फिर सड़क हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार सुबह नेशनल हाईवे से शहर की ओर आ रहा ईंटों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल की दीवार तोड़ते हुए परिसर के अंदर जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रक हॉस्टल की दीवार को तोड़ने के बाद पलट गया। अचानक हुए इस हादसे के बाद हॉस्टल और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
गनीमत रही कि हादसे में किसी छात्रा या अन्य व्यक्ति की जान नहीं गई। ट्रक चालक को पुलिस ने मौके से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। घटना के बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हटवाया और मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया।
रंबल स्ट्रिप के बाद ट्रक के उछलने का चालक का दावा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ट्रक चालक का कहना है कि वह मुजफ्फरनगर से ईंटों से भरा ट्रक लेकर देहरादून आ रहा था। नेशनल हाईवे से देहरादून शहर की ओर प्रवेश करते समय सड़क पर ढलान वाले हिस्से में गति कम करने के लिए रंबल स्ट्रिप बनाई गई हैं।
चालक मशरूर के मुताबिक, ट्रक जब रंबल स्ट्रिप के ऊपर से गुजरा तो उसमें काफी जोरदार उछाल आया। चालक का दावा है कि इसके बाद ट्रक के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख उसने वाहन को सड़क के किनारे मोड़ने की कोशिश की, ताकि सड़क पर मौजूद लोगों को नुकसान से बचाया जा सके।
चालक के अनुसार, ट्रक करीब 200 मीटर तक आगे जाने के बाद नियंत्रण से बाहर हो गया और अंत में गर्ल्स हॉस्टल की दीवार से टकराकर उसे तोड़ते हुए परिसर में जा घुसा। टक्कर के बाद ट्रक पलट गया।
हालांकि, हादसे के वास्तविक तकनीकी कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल चालक ने रंबल स्ट्रिप के कारण ट्रक में उछाल और उसके बाद ब्रेक फेल होने को दुर्घटना की वजह बताया है।
हादसे के बाद हॉस्टल में मचा हड़कंप
सुबह के समय अचानक तेज आवाज के साथ ट्रक के हॉस्टल की दीवार तोड़कर अंदर घुसने से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हॉस्टल परिसर और आसपास रहने वाले लोगों को कुछ देर के लिए समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।
ट्रक के दीवार से टकराने और पलटने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना क्लेमेंटाउन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले ट्रक में फंसे चालक को बाहर निकाला और उसका इलाज कराया।
इसके बाद पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और यातायात व्यवस्था को सामान्य कराने की कार्रवाई शुरू की। क्षतिग्रस्त ट्रक को हटाने के लिए क्रेन भी मौके पर बुलवाई गई।
पुलिस के अनुसार, हादसे में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है। यह बात राहत देने वाली है, क्योंकि जिस स्थान पर ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहां गर्ल्स हॉस्टल होने के कारण बड़ी संख्या में छात्राओं और अन्य लोगों की मौजूदगी हो सकती थी।
कुछ दिन पहले भी हुआ था गंभीर हादसा
मोहब्बेवाला क्षेत्र में सड़क हादसे का यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि कुछ दिन पहले ही इसी इलाके में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई थी। उस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हुए थे।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद मोहब्बेवाला क्षेत्र की सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हुआ था। देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल और जिलाधिकारी आशीष चौहान ने भी घटनास्थल और संबंधित सड़क क्षेत्र का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के बाद सड़क पर वाहनों की गति कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में नेशनल हाईवे से शहर की ओर आने वाले ढलान वाले हिस्से में वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए रंबल स्ट्रिप लगाए गए।
प्रशासन का उद्देश्य सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों को नियंत्रित करना था, लेकिन अब इसी स्थान पर ट्रक दुर्घटना होने के बाद रंबल स्ट्रिप की डिजाइन, ऊंचाई, अंतराल और निर्माण मानकों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
रंबल स्ट्रिप से वाहन की गति कम करने का उद्देश्य
रंबल स्ट्रिप सड़क पर बनाए गए ऐसे विशेष हिस्से होते हैं, जिनसे वाहन गुजरने पर चालक को कंपन और आवाज के जरिए सड़क पर सावधानी बरतने तथा गति कम करने का संकेत मिलता है। इन्हें आमतौर पर चौराहों, टोल प्लाजा, स्कूलों, अस्पतालों, खतरनाक मोड़ों और ऐसे स्थानों से पहले लगाया जाता है जहां वाहनों की गति नियंत्रित करना जरूरी होता है।
रंबल स्ट्रिप का उद्देश्य वाहनों को अचानक रोकना नहीं, बल्कि चालक को सतर्क कर गति कम करने के लिए प्रेरित करना होता है। हालांकि, भारी वाहनों के मामले में इनके निर्माण की डिजाइन और सड़क की स्थिति महत्वपूर्ण हो जाती है।
मोहब्बेवाला में हुए हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या भारी वाहनों के लिए बनाए गए रंबल स्ट्रिप उचित मानकों के अनुरूप हैं और क्या ढलान वाले हिस्से में इनके निर्माण के बाद वाहन चालकों को पर्याप्त चेतावनी और सुरक्षित गति परिवर्तन का अवसर मिल रहा है।
चालक ने क्या बताया?
ट्रक चालक मशरूर ने हादसे को लेकर बताया कि रंबल स्ट्रिप पर पहुंचते ही ट्रक में काफी उछाल आया। उसके अनुसार, ट्रक की गति कम थी, लेकिन रंबल स्ट्रिप पार करने के बाद ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया।
चालक ने बताया कि उसने सड़क पर मौजूद लोगों को बचाने के लिए ट्रक को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद ट्रक करीब 200 मीटर आगे जाकर सड़क किनारे स्थित गर्ल्स हॉस्टल की दीवार से टकरा गया।
चालक के इस बयान की पुलिस और संबंधित तकनीकी जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी। ब्रेक फेल होने के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह वाहन की तकनीकी जांच के बाद स्पष्ट हो सकता है।
पुलिस ने क्या कहा?
थाना क्लेमेंटाउन प्रभारी लोकपाल परमार के अनुसार, पुलिस को हादसे की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक चालक को बाहर निकालकर उसका उपचार कराया। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हटाने के लिए क्रेन बुलवाई गई।
थाना प्रभारी के मुताबिक, हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाने की कार्रवाई की।
अब जांच का विषय क्या होगा?
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल दुर्घटना के वास्तविक कारण को लेकर है। क्या ट्रक के ब्रेक में पहले से तकनीकी खराबी थी? क्या रंबल स्ट्रिप पार करने के बाद किसी तकनीकी समस्या के कारण ब्रेक ने काम करना बंद किया? क्या ट्रक की गति निर्धारित सीमा के भीतर थी? या फिर सड़क की ढलान, भारी लोड और वाहन की स्थिति ने मिलकर हादसे की स्थिति पैदा की?
इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और वाहन की तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि गर्ल्स हॉस्टल की दीवार टूटने और भारी-भरकम ट्रक के परिसर में घुसने के बावजूद किसी की जान नहीं गई। लेकिन लगातार हो रहे हादसों के बीच मोहब्बेवाला की सड़क सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
प्रशासन द्वारा लगाए गए रंबल स्ट्रिप का उद्देश्य निश्चित रूप से वाहनों की गति कम करना है, लेकिन अब यह भी जरूरी हो गया है कि उनकी स्थिति, डिजाइन और भारी वाहनों पर पड़ने वाले प्रभाव की तकनीकी समीक्षा की जाए। साथ ही सड़क पर पर्याप्त चेतावनी संकेत, स्पीड लिमिट और ढलान वाले हिस्से में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
मोहब्बेवाला में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे यह सवाल जरूर खड़ा कर रहे हैं कि सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपाय जमीन पर कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं। इस ताजा हादसे में जान बच जाना राहत की बात है, लेकिन भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए दुर्घटना के कारणों की गंभीरता से जांच और आवश्यक सुधार बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
