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Reading: Uttarakhand: आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत: शिक्षा विभाग में बीआरपी–सीआरपी को मिलेगी 15 दिन की छुट्टी, कार्यदायित्व भी तय
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Uttarakhand: आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत: शिक्षा विभाग में बीआरपी–सीआरपी को मिलेगी 15 दिन की छुट्टी, कार्यदायित्व भी तय

The Hill India News
Last updated: December 6, 2025 3:09 am
The Hill India News
Published: December 6, 2025
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देहरादून: उत्तराखंड के शिक्षा विभाग ने ब्लॉक संसाधन व्यक्तियों (BRP) और संकुल संसाधन व्यक्तियों (CRP) को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त इन कर्मचारियों को अब साल में 15 दिन का आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) प्रदान किया जाएगा। साथ ही अन्य निर्धारित सरकारी छुट्टियां भी उनके लिए मान्य होंगी। इस निर्णय से राज्यभर में कार्यरत हजारों बीआरपी–सीआरपी को प्रशासनिक राहत मिलने की उम्मीद है।

Contents
स्कूलों में मासिक निरीक्षण और शिक्षण सहयोग अनिवार्यप्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी में भी निभाएंगे अहम भूमिका25 हजार रुपये तक खर्च करने की अनुमति, उससे अधिक के लिए अनुमति जरूरीआउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला माना जा रहानिष्कर्ष

राज्य परियोजना निदेशक दीप्ति सिंह ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह पहली बार है जब शिक्षा विभाग ने आउटसोर्स कर्मचारियों के कार्यदायित्व और अधिकारों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।


स्कूलों में मासिक निरीक्षण और शिक्षण सहयोग अनिवार्य

जारी आदेशों के अनुसार बीआरपी–सीआरपी की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि सीआरपी को हर महीने अपनी संबंधित न्याय पंचायत के 10 स्कूलों का अनिवार्य रूप से भ्रमण करना होगा। इस दौरान वे:

  • आदर्श पाठ योजना का प्रस्तुतिकरण करेंगे
  • कक्षा शिक्षण में शिक्षकों को सीधा सहयोग प्रदान करेंगे
  • बच्चों की सीखने की प्रगति पर नज़र रखते हुए सुझाव देंगे

यह व्यवस्था शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यालयों में अकादमिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


प्री-बोर्ड परीक्षा की तैयारी में भी निभाएंगे अहम भूमिका

राज्य परियोजना कार्यालय के आदेश के अनुसार सीआरपी को प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। वे:

  • प्रश्नपत्र तैयार करने में सहायता
  • मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी
  • विद्यालयों में परीक्षा पूर्व व्यवस्थाओं में सहयोग

जैसे कार्य करेंगे। इससे विद्यालय स्तर पर परीक्षाओं की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।


25 हजार रुपये तक खर्च करने की अनुमति, उससे अधिक के लिए अनुमति जरूरी

आदेश के अनुसार सीआरपी को अपने कार्य क्षेत्र में विभिन्न शिक्षा-संबंधी गतिविधियों और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अधिकतम 25,000 रुपये तक खर्च करने की अनुमति दी गई है। यह धनराशि प्रशिक्षण, शैक्षणिक सामग्री, आयोजन या आवश्यक मरम्मत जैसे मदों में उपयोग की जा सकती है।

इसके अतिरिक्त:

  • 25,000 रुपये से अधिक खर्च के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की अनुमति अनिवार्य होगी।
  • इस प्रावधान से जिलों में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवश्यक लचीलापन उपलब्ध होगा।

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा

शिक्षक संगठनों एवं शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि बीआरपी–सीआरपी की भूमिका विद्यालयी शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन आउटसोर्स कर्मियों के रूप में उनकी सेवा स्थितियां अस्पष्ट रही हैं।
15 दिन के आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति:

  • कर्मचारियों के अधिकारों को सशक्त करेगी
  • कार्य–जीवन संतुलन में सुधार लाएगी
  • प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाएगी

इसके साथ ही, पहली बार उनके कार्यक्षेत्र, निरीक्षण समय और दायित्वों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जिससे उनकी जवाबदेही और कार्यक्षमता दोनों में वृद्धि होगी।


निष्कर्ष

शिक्षा विभाग द्वारा बीआरपी–सीआरपी के लिए घोषित नई व्यवस्था न केवल आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है बल्कि विद्यालयों की अकादमिक गुणवत्ता को भी बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इन निर्देशों के प्रभाव का आकलन जिलों एवं न्याय पंचायत स्तर पर किया जाएगा।

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