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Reading: अल्मोड़ा–हल्द्वानी हाईवे पर भारी संकट: मलबा गिरने से सड़क बंद, यात्रियों और स्थानीय लोगों में खौफ
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उत्तराखंडफीचर्ड

अल्मोड़ा–हल्द्वानी हाईवे पर भारी संकट: मलबा गिरने से सड़क बंद, यात्रियों और स्थानीय लोगों में खौफ

The Hill India News
Last updated: September 1, 2025 5:27 am
The Hill India News
Published: September 1, 2025
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अल्मोड़ा/हल्द्वानी: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों को मैदानों से जोड़ने वाला अल्मोड़ा–हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार, 1 सितंबर 2025 की सुबह एक बार फिर से संकट में है। क्वारब क्षेत्र में पहाड़ से भारी मलबा गिरने के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई। पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या बार-बार सामने आती रही है, लेकिन इस बार हालात और गंभीर हो गए हैं।

Contents
क्वारब पुल के पास सड़क बाधितयात्रा और आवश्यक सामान पर असरसमस्या की जड़स्थानीय लोगों और प्रशासन पर सवालप्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत कार्य

क्वारब पुल के पास सड़क बाधित

स्थानीय लोगों और प्रशासन के अनुसार, क्वारब पुल के पास यह इलाका संवेदनशील बन चुका है। पहले भी कभी सड़क कुछ घंटों के लिए, कभी पूरे दिन के लिए बंद रहती थी, लेकिन सोमवार को गिरा मलबा इतना भारी था कि सड़क पूरी तरह बाधित हो गई।

यात्री और वाहन चालक फिलहाल वैकल्पिक और लंबा रास्ता पकड़कर ही अल्मोड़ा, रानीखेत, कौसानी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जैसे जिलों तक पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से न सिर्फ समय अधिक लग रहा है, बल्कि यात्रियों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।


यात्रा और आवश्यक सामान पर असर

स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों ने बताया कि सड़क बंद होने के कारण रोजमर्रा के सामान के दाम बढ़ गए हैं।

  • खाद्य सामग्री, सब्ज़ी और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ महंगी हो गई हैं।
  • निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामान भी ज्यादा दामों पर उपलब्ध है।

यात्री परेशान हैं और उनका कहना है कि पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित और सुगम यात्रा अब चुनौतीपूर्ण बन गई है।


समस्या की जड़

विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार, क्वारब पुल का निर्माण करते समय पहाड़ की कटिंग की गई थी।

  • इस वजह से यह इलाका अब सेंसिटिव जोन बन गया है।
  • बारिश के समय पहाड़ से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरते रहते हैं।
  • यह स्थिति स्थायी खतरे का रूप ले चुकी है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

स्थानीय प्रशासन ने समय-समय पर मलबा हटाने और अस्थायी सुरक्षा उपाय करने की कोशिश की है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकला।


स्थानीय लोगों और प्रशासन पर सवाल

स्थानीय लोग प्रशासन से नाराज हैं और उनका कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है।

  • छोटे और बड़े वाहन चालक रोजाना खतरे को मोल लेकर यात्रा कर रहे हैं।
  • यात्रियों का कहना है कि अगर स्थायी उपाय किए जाएँ तो न केवल यात्रा सुरक्षित होगी बल्कि सामान की लागत और समय भी कम होगा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि क्वारब क्षेत्र में प्लास्टिक/रॉक बॉल्डर रोकने वाले संरचनात्मक उपाय और पहाड़ी उपचार (Hill Treatment) किए जाएँ, ताकि हर बारिश में सड़क बाधित न हो।


प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत कार्य

उत्तराखंड परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम मलबा हटाने और अस्थायी मार्ग बनाने में लगी हुई है।

  • मलबा हटाने के लिए मशीनरी तैनात की गई है।
  • वाहन चालकों और यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग और सूचना प्रणाली सक्रिय की गई है।
  • प्रशासन ने यात्री सुरक्षा के लिए चेतावनी और सतर्कता जारी की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश जारी रहती है, तो मलबा गिरने की समस्या बढ़ सकती है और सड़क बार-बार बंद हो सकती है।


अल्मोड़ा–हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह संकट पहाड़ी जिलों की जीवनरेखा और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। प्रशासन अस्थायी कदम उठा रहा है, लेकिन स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

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