By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अल्मोड़ा–हल्द्वानी हाईवे पर भारी संकट: मलबा गिरने से सड़क बंद, यात्रियों और स्थानीय लोगों में खौफ
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > अल्मोड़ा–हल्द्वानी हाईवे पर भारी संकट: मलबा गिरने से सड़क बंद, यात्रियों और स्थानीय लोगों में खौफ
उत्तराखंडफीचर्ड

अल्मोड़ा–हल्द्वानी हाईवे पर भारी संकट: मलबा गिरने से सड़क बंद, यात्रियों और स्थानीय लोगों में खौफ

The Hill India News
Last updated: September 1, 2025 5:27 am
The Hill India News
Published: September 1, 2025
Share
SHARE

अल्मोड़ा/हल्द्वानी: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों को मैदानों से जोड़ने वाला अल्मोड़ा–हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार, 1 सितंबर 2025 की सुबह एक बार फिर से संकट में है। क्वारब क्षेत्र में पहाड़ से भारी मलबा गिरने के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई। पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या बार-बार सामने आती रही है, लेकिन इस बार हालात और गंभीर हो गए हैं।

Contents
क्वारब पुल के पास सड़क बाधितयात्रा और आवश्यक सामान पर असरसमस्या की जड़स्थानीय लोगों और प्रशासन पर सवालप्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत कार्य

क्वारब पुल के पास सड़क बाधित

स्थानीय लोगों और प्रशासन के अनुसार, क्वारब पुल के पास यह इलाका संवेदनशील बन चुका है। पहले भी कभी सड़क कुछ घंटों के लिए, कभी पूरे दिन के लिए बंद रहती थी, लेकिन सोमवार को गिरा मलबा इतना भारी था कि सड़क पूरी तरह बाधित हो गई।

यात्री और वाहन चालक फिलहाल वैकल्पिक और लंबा रास्ता पकड़कर ही अल्मोड़ा, रानीखेत, कौसानी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जैसे जिलों तक पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से न सिर्फ समय अधिक लग रहा है, बल्कि यात्रियों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।


यात्रा और आवश्यक सामान पर असर

स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों ने बताया कि सड़क बंद होने के कारण रोजमर्रा के सामान के दाम बढ़ गए हैं।

  • खाद्य सामग्री, सब्ज़ी और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ महंगी हो गई हैं।
  • निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामान भी ज्यादा दामों पर उपलब्ध है।

यात्री परेशान हैं और उनका कहना है कि पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित और सुगम यात्रा अब चुनौतीपूर्ण बन गई है।


समस्या की जड़

विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार, क्वारब पुल का निर्माण करते समय पहाड़ की कटिंग की गई थी।

  • इस वजह से यह इलाका अब सेंसिटिव जोन बन गया है।
  • बारिश के समय पहाड़ से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरते रहते हैं।
  • यह स्थिति स्थायी खतरे का रूप ले चुकी है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

स्थानीय प्रशासन ने समय-समय पर मलबा हटाने और अस्थायी सुरक्षा उपाय करने की कोशिश की है, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकला।


स्थानीय लोगों और प्रशासन पर सवाल

स्थानीय लोग प्रशासन से नाराज हैं और उनका कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है।

  • छोटे और बड़े वाहन चालक रोजाना खतरे को मोल लेकर यात्रा कर रहे हैं।
  • यात्रियों का कहना है कि अगर स्थायी उपाय किए जाएँ तो न केवल यात्रा सुरक्षित होगी बल्कि सामान की लागत और समय भी कम होगा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि क्वारब क्षेत्र में प्लास्टिक/रॉक बॉल्डर रोकने वाले संरचनात्मक उपाय और पहाड़ी उपचार (Hill Treatment) किए जाएँ, ताकि हर बारिश में सड़क बाधित न हो।


प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत कार्य

उत्तराखंड परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम मलबा हटाने और अस्थायी मार्ग बनाने में लगी हुई है।

  • मलबा हटाने के लिए मशीनरी तैनात की गई है।
  • वाहन चालकों और यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग और सूचना प्रणाली सक्रिय की गई है।
  • प्रशासन ने यात्री सुरक्षा के लिए चेतावनी और सतर्कता जारी की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश जारी रहती है, तो मलबा गिरने की समस्या बढ़ सकती है और सड़क बार-बार बंद हो सकती है।


अल्मोड़ा–हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह संकट पहाड़ी जिलों की जीवनरेखा और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। प्रशासन अस्थायी कदम उठा रहा है, लेकिन स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

You Might Also Like

उत्तर प्रदेश: नितिन गडकरी ने बलिया में 6500 करोड़ रुपये के निवेश से 7 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया
चारधाम यात्राः कपाटोद्घाटन के समय हुई पुष्पवर्षा
नई दिल्ली : आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता संयुक्त समिति की छठी बैठक नई दिल्ली में आयोजित
उत्तराखंड में संस्कृत संरक्षण की ऐतिहासिक पहल: सीएम धामी ने 13 जिलों में 13 ‘आदर्श संस्कृत ग्राम’ किए शुभारंभ
नई दिल्ली : यह बजट ‘मित्रकाल बजट’ है ओर सरकार के पास भारत के भविष्य के निर्माण की कोई रूपरेखा नहीं है – राहुल गांधी
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता

The Hill India News
The Hill India News
October 19, 2026
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च से हाई अलर्ट! राजीव चौक समेत 6 मेट्रो स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा अपडेट
‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब! वीकेंड पर 11 अक्टूबर तक ट्रैफिक प्लान लागू, भारी वाहनों की एंट्री बंद; जानें कहां होगी पार्किंग और किन रास्तों से गुजरेंगे वाहन
कैंसर से जंग लड़ रही महिला पर दोहरी मार! तिलवाड़ा में खुदाई से चार मंजिला मकान पर मंडराया खतरा, बेबस प्रभा सकलानी ने CM धामी से लगाई न्याय की गुहार
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?