By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तर प्रदेश: बुलंदशहर में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, सिंचाई विभाग का जिलेदार 2 लाख की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तर प्रदेश > उत्तर प्रदेश: बुलंदशहर में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, सिंचाई विभाग का जिलेदार 2 लाख की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
उत्तर प्रदेशक्राइमफीचर्ड

उत्तर प्रदेश: बुलंदशहर में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, सिंचाई विभाग का जिलेदार 2 लाख की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

The Hill India News
Last updated: April 14, 2026 5:19 am
The Hill India News
Published: April 14, 2026
Share
SHARE

बुलंदशहर से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है, जहां उत्तर प्रदेश विजिलेंस टीम ने सिंचाई विभाग के एक जिलेदार को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश कुमार उर्फ राजेश चौहान के रूप में हुई है, जो सिंचाई विभाग में जिलेदार के पद पर तैनात था। इस मामले में एक बिचौलिए को भी हिरासत में लिया गया है, जिसकी पहचान भूपेंद्र सिंह के रूप में हुई है।

मामले की शुरुआत गाजियाबाद के महरौली निवासी डॉ. प्रदीप गुप्ता की शिकायत से हुई। डॉ. गुप्ता के अनुसार, उनके पास महरौली क्षेत्र में करीब 531.71 वर्गगज जमीन है, जिसके सभी वैध कागजात उनके पास मौजूद हैं। इस जमीन पर वे निर्माण कार्य करवा रहे थे। आरोप है कि 28 फरवरी को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के सिंचाई विभाग के जिलेदार राजेश चौहान ने जेसीबी मशीन के जरिए उनकी बाउंड्रीवॉल को गिरवा दिया और जमीन को विभाग की संपत्ति बताते हुए निर्माण कार्य को अवैध घोषित कर दिया।

डॉ. गुप्ता का कहना है कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया और अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए, तब जिलेदार ने निर्माण कार्य को जारी रखने की अनुमति देने के बदले रिश्वत की मांग की। यह मांग सीधे तौर पर नहीं की गई, बल्कि एक बिचौलिए भूपेंद्र सिंह के माध्यम से 5 लाख रुपये की मांग रखी गई। काफी मिन्नतों और बातचीत के बाद यह रकम 2 लाख रुपये पर तय हुई।

इस पूरे घटनाक्रम से परेशान होकर डॉ. प्रदीप गुप्ता ने मेरठ विजिलेंस टीम से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम का नेतृत्व विजिलेंस अधिकारी केवी सिंह कर रहे थे।

सोमवार को विजिलेंस टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। टीम का एक सदस्य किसान के वेश में मौके पर पहुंचा ताकि पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा सके और किसी प्रकार की भनक आरोपी को न लगे। जैसे ही डॉ. गुप्ता ने तय रकम के अनुसार 2 लाख रुपये जिलेदार को दिए, विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजेश चौहान और बिचौलिए भूपेंद्र सिंह को रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को सिकंदराबाद थाने ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं, और क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में लिप्त रहा है।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं, जहां सरकारी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर आम नागरिकों से अवैध वसूली करते हैं। हालांकि, विजिलेंस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और एजेंसियां सख्त रुख अपना रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिकायतकर्ता हिम्मत दिखाकर आगे आएं और ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित एजेंसियों को दें, तो इस प्रकार के भ्रष्टाचार पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। इस मामले में भी डॉ. प्रदीप गुप्ता की सजगता और साहस की वजह से एक भ्रष्ट अधिकारी को कानून के शिकंजे में लाया जा सका।

फिलहाल विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं। यह घटना न केवल बुलंदशहर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है और कानून से कोई भी बच नहीं सकता।

You Might Also Like

UNSC में भारत के साधा चीन पर निशाना, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दी उससे सतर्क रहने की हिदायत
Earthquake: पाकिस्तान और चीन को लगे तेज के झटके, इतनी तीव्रता वाले ‘भूकंप’ से थर्रायी धरती
केंद्र का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: दिल्ली को मिले नए उपराज्यपाल, बिहार-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के बदले गवर्नर; देखें पूरी सूची
एशिया कप: भारत-पाकिस्तान मैच पर सियासी घमासान, विपक्षी दलों ने की बहिष्कार की मांग
Uttarakhand: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने करी, मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
TAGGED:Bribery CaseBulandshahrCorruption ExposedIrrigation DepartmentRed Handed ArrestUP Vigilance
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डमौसम

भारत में मानसून का महारूप: दिल्ली-NCR में जलभराव, पहाड़ों पर भूस्खलन; UP, बिहार समेत 16 राज्यों में रेड-येलो अलर्ट जारी

The Hill India News
The Hill India News
July 21, 2026
दिल्ली में हुए CJP प्रदर्शन में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल, 15-20 गाड़ियां क्षतिग्रस्त; 70 हिरासत में, ताबड़तोड़ कई FIR दर्ज
जेपी नड्डा और CJP के बीच बैठक: ‘धरना प्रदर्शन समाप्त’ करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने रखीं तीन बड़ी शर्तें, दिल्ली में तनाव बरकरार
बदरीनाथ धाम दान चोरी मामला: गणेश गोदियाल और BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी में आर-पार, ‘संगठित अपराध’ के आरोपों से गरमाई उत्तराखंड की सियासत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट सख्त, नई SIT गठित करने के निर्देश, वरिष्ठ IPS अधिकारी करेंगे जांच की अगुवाई
उत्तराखंड में बारिश का कहर: रेड अलर्ट के बीच 24 घंटे में तीन मौतें, भूस्खलन और हादसों से कई जिले प्रभावित
संसद मार्च पर बवाल: CJP प्रदर्शन के बीच पुलिस की सख्ती, नड्डा से वार्ता के बाद खत्म हुआ अनशन, कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
50 कोशिशें, गोल्ड मेडल और टूटा सपना: सरकारी नौकरी की दौड़ में हारकर होनहार इंजीनियर ने दी जान
बरसात में मकड़ी ने काट लिया तो घबराएं नहीं! WHO के तकनीकी सलाहकार ने बताए सही इलाज के तरीके और खतरे के संकेत
उत्तराखंड में सुपरफूड किनोवा की दस्तक: थलीसैंण से शुरू होगा खेती का नया अध्याय, कम पानी में अधिक मुनाफे की उम्मीद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?