By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: Uttarakhand: उत्तराकाशी के डुण्डा में बड़ी कार्रवाई: प्रतिबंधित काजल-कांठ की 597 नग लकड़ियाँ बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand: उत्तराकाशी के डुण्डा में बड़ी कार्रवाई: प्रतिबंधित काजल-कांठ की 597 नग लकड़ियाँ बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand: उत्तराकाशी के डुण्डा में बड़ी कार्रवाई: प्रतिबंधित काजल-कांठ की 597 नग लकड़ियाँ बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

The Hill India News
Last updated: October 8, 2025 1:17 pm
The Hill India News
Published: October 8, 2025
Share
CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v62), quality = 82?
SHARE

डुण्डा (उत्तरकाशी): तड़के सुबह डुण्डा बैरियर पर चेकिंग अभियान के दौरान उत्तरकाशी पुलिस को प्रतिबंधित काजल-कांठ की बड़ी खेप बरामद हुई। कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि वाहन में लदी कुल 597 नग प्रतिबंधित लकड़ी पुलिस ने जब्त की। पुलिस ने आरोपियों और बरामद लकड़ी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है।

Contents
घटना का प्रारूपिक विवरणपुलिस टीम और आगे की कार्रवाईकाजल-कांठ लकड़ी — क्यों है यह प्रतिबंधित?पर्यावरणीय व स्थानीय असरतस्करी नेटवर्क और रोकथाम की चुनौतियाँपुलिस व प्रशासन की अपील

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल के निर्देशन एवं पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार की देखरेख में की गई। चौकी डुण्डा प्रभारी उपनिरीक्षक प्रकाश राणा के नेतृत्व में सुबह करीब 6:30 बजे चेकिंग अभियान के दौरान वाहन संख्या UK10C 1427 (यूटिलिटी) को रोका गया और तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित काजल-कांठ की लकड़ी मिली। मौके पर वाहन में सवार गोपाल बोहरा व चालक विजय को गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना का प्रारूपिक विवरण

पुलिस को पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपियों ने लकड़ी को गंगोरी-अगोडा क्षेत्र के जंगलों से इकट्ठा किया था और आगे इसे देहरादून या सहारनपुर ले जाने की योजना बना रहे थे। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार लकड़ी स्थानांतरण और तस्करी की यह कड़ी सीमावर्ती और पर्वतीय क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही अवैध गतिविधियों का हिस्सा मानी जा रही है।

गिरफ्तार व्यक्तियों का विवरण इस प्रकार है:

  • गोपाल बोहरा, पुत्र चन्द्र सिंह बोहरा, मूल निवासी ग्राम डोली, थाना कंचनपुर (महाकाली, नेपाल); वर्तमान आवास मोजांग, त्यूणी, देहरादून; उम्र 39 वर्ष।
  • विजय, पुत्र प्रेमलाल, निवासी नाल्ड, गंगोरी भटवाड़ी, उत्तरकाशी; वाहन चालक; उम्र 35 वर्ष।

पुलिस टीम और आगे की कार्रवाई

इस ऑपरेशन में जिन अंगिकारियों ने भूमिका निभाई उन्होंने कहा कि प्रारम्भिक धरातली जाँच के बाद दोनों आरोपियों और जप्त लकड़ी को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है ताकि वन विभाग कानूनी दर्जा और संरक्षण नियमों के आधार पर आगे की कार्यवाही कर सके। कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी — उपनिरीक्षक प्रकाश राणा, कांस्टेबल राजेंद्र गोस्वामी, कांस्टेबल अनिल नौटियाल और पीआरडी का सदस्य कृति — को भी हमेशा की तरह सटीक प्रशासनिक मदद करने के लिए सराहा गया।

वन विभाग और पुलिस के संयुक्त सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस धाराओं के अंतर्गत आरोपियों पर मुक़दमा दर्ज किया जाएगा और जप्त लकड़ी को विधिसम्मत प्रक्रिया के बाद कैसे निपटाया जाएगा।

काजल-कांठ लकड़ी — क्यों है यह प्रतिबंधित?

काजल-कांठ की लकड़ी उच्च हिमालय के आरक्षित वन क्षेत्रों में मिलती है और इसे पारंपरिक तथा औषधीय उपयोगों के कारण बहुत मूल्यवान माना जाता है। स्थानीय पारंपरिक बौद्ध समुदाय इस लकड़ी से विशेष बर्तन (बाउल) बनाते हैं जिनका खाद्य और पेय पदार्थों के लिए उपयोग होता है। इस लकड़ी की मांग और कीमत के कारण यह भारत-नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्रों में अवैध तस्करी का विषय बनी रहती है। संरक्षण योग्य प्रजातियों और आरक्षित वन क्षेत्रों से अवैध कटाई व तस्करी पर रोक लगाने हेतु राज्य और केंद्र सरकार की नीतियाँ कड़ी हैं — इसलिए इस तरह की लकड़ी को प्रतिबंधित सूची में रखा गया है।

पर्यावरणीय व स्थानीय असर

वन सम्पदा की अवैध कटाई से केवल जैव-विविधता को खतरा नहीं होता, बल्कि स्थलीय पारिस्थितिकी और स्थानीय लोगों की जीवननिर्वाहिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। पर्वतीय क्षेत्रों में वन आवरण की कटाई से मिट्टी कटाव, भूस्खलन व जलधाराओं पर भी असर हो सकता है। इसलिए वन विभाग एवं पुलिस द्वारा ऐसे मामलों पर सख्ती आवश्यक मानी जाती है।

तस्करी नेटवर्क और रोकथाम की चुनौतियाँ

पुलिस के अनुसार पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रो में सड़कों की सीमित पहुँच, कच्चे मार्ग तथा सीमापारियों के कारण अवैध लकड़ी का बहिर्वहन तथा बाजार तक पहुँचना आसान हो जाता है। नियंत्रित प्रजातियों की कीमत ऊँची होने के कारण स्थानीय स्तर पर इस अवैध व्यापार को अंजाम देने वाले गिरोह सक्रिय रहते हैं। इससे निपटने के लिए पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ जनता की जागरूकता बढ़ाना और निगरानी बढ़ाना अहम है।

पुलिस व प्रशासन की अपील

डुण्डा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नज़दीकी चौकी या वन विभाग को दें। साथ ही लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अवैध कटाई, परिवहन या खरीद-बिक्री में भाग न लें ताकि स्थानीय पारिस्थितिकी व वन संपदा सुरक्षित रखी जा सके। 

डुण्डा बैरियर पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने 597 नग प्रतिबंधित काजल-कांठ की लकड़ियों सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वन विभाग के हवाले कर दिया है। मामले की आगे की विधिक और वन विभागीय जांच जारी है, जबकि स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने जागरूकता व सघन निगरानी बढ़ाने का संकल्प भी जताया है।

You Might Also Like

पार्लियामेंट स्मोक कांड: संसद के बाहर खुद को जलाने का प्लान था सागर का, पूछताछ में बड़ा खुलासा
NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे ISIS मॉड्यूल में शामिल, सभी आरोपियों पर 3-3 लाख का इनाम घोषित
बंगाल में बड़े बदलाव की शुरुआत: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के 7 दिनों में 7 बड़े फैसले, पुलिस कल्याण बोर्ड भी भंग
किसानों के खातों में गड़बड़ झाला कर लाखों के घोटाले का आरोपी गिरफ्तार
Uttarakhand: जाखन नदी की पुलिया टूटने पर, कांग्रेस परवादून जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने उठाई पुलिया निर्माण की मांग
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

अंकिता भंडारी और मोहम्मद दीपक केस के अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी! तीन भाषाओं में आया पत्र, हाईकोर्ट में मचा हड़कंप

The Hill India News
The Hill India News
September 16, 2026
UPI चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला! ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर MDR को चुनौती, सरकार के फैसले पर उठे सवाल
पीएम मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ पर सियासत तेज, गणेश गोदियाल ने उठाए सवाल; बोले- दीप जलाएं तो अंकिता भंडारी को याद कर न्याय की प्रार्थना करें
मक्का के आसमान में हूती ड्रोन से मचा हड़कंप, सऊदी एयर डिफेंस ने किया इंटरसेप्ट; पाकिस्तान की चुप्पी के बीच ‘मक्का रक्षा समझौते’ पर उठे सवाल
औली की बर्फीली पहाड़ियों में भारत-अमेरिका की सेनाओं का शक्ति प्रदर्शन, 1200 जवानों ने संभाला मोर्चा; ड्रोन और आधुनिक तकनीक से होगी युद्ध की तैयारी
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दामों ने बढ़ाई टेंशन, स्मार्ट लॉकडाउन की खबरों से मचा हड़कंप; 4 दिन काम और वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों पर चर्चा
दिव्यांग बच्चों के बीच सीएम धामी ने काटा जन्मदिन का केक, बच्चों का गीत सुन भावुक हुए मुख्यमंत्री; बोले- सहानुभूति नहीं, सशक्तिकरण जरूरी
UPI Payment पर बड़ा अपडेट! 15 अक्टूबर से बदलेंगे नियम, लेकिन हर पेमेंट पर नहीं लगेगा चार्ज; ₹2,000 तक UPI फ्री, जानिए पेट्रोल, बीमा, रेलवे, म्यूचुअल फंड और बड़े पेमेंट पर क्या होगा असर
संजू सैमसन ने रचा इतिहास! धोनी-पंत समेत बड़े विकेटकीपर पीछे, अफगानिस्तान के खिलाफ 22 गेंदों में 57 रन से बनाया महारिकॉर्ड
पिरान कलियर में मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था नशे का खेल! STF का छापा पड़ा तो सामने आया बड़ा राज, 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल और 10 कोडीन सिरप बरामद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?