देहरादून/पिथौरागढ़/रुड़की: उत्तराखंड के दो अलग-अलग जिलों से दिल दहला देने वाली खबरें सामने आई हैं। मकर संक्रांति और त्योहार के उल्लास के बीच पिथौरागढ़ और रुड़की में दो परिवारों के चिराग बुझ गए। पिथौरागढ़ में एक बेलगाम डंपर ने जिम से लौट रहे छात्र को अपनी चपेट में ले लिया, वहीं रुड़की के झबरेड़ा में एक पिता की कार को बैक करते समय हुई चूक ने उनके 3 वर्षीय मासूम बेटे की जान ले ली। इन घटनाओं के बाद से ही दोनों क्षेत्रों में शोक की लहर है।
पिथौरागढ़: जिम से लौट रहे छात्र के लिए काल बना तेज रफ्तार डंपर
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के जाखपुरान रोड पर मंगलवार की सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक तेज रफ्तार डंपर (UK 05 CA 1928) ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। मृतक की पहचान 18 वर्षीय विकास कुमार के रूप में हुई है, जो राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) शैलकुमारी में 11वीं कक्षा का छात्र था।
टायर के नीचे आने से मौके पर ही हुई मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विकास कुमार रोजाना की तरह जिम में वर्कआउट करने के बाद अपनी बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही वह थरकोट के पास पहुंचा, सामने से आ रहे अनियंत्रित डंपर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विकास डंपर के पिछले टायर की चपेट में आ गया और उसके सिर के ऊपर से पहिया गुजर गया। इस Uttarakhand Road Accident में छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और चालक की गिरफ्तारी
हादसे के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार होने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया है। ऐंचोली चौकी प्रभारी कमलेश जोशी ने बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और डंपर को कब्जे में ले लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, विकास के पिता राजेंद्र प्रसाद वर्तमान में बीआरओ (BRO) में मिजोरम में तैनात हैं, जिन्हें घटना की सूचना दे दी गई है।
रुड़की: घर के आंगन में हुआ हादसा, पिता की कार ने ली मासूम की जान
दूसरी ओर, हरिद्वार जिले के रुड़की (झबरेड़ा) से एक ऐसी घटना सामने आई जिसने हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए। यहाँ एक पिता की कार को बैक करने के दौरान हुए हादसे में उनके 3 साल के बेटे की जान चली गई।
अनजाने में हुई बड़ी चूक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झबरेड़ा निवासी रवि कुमार, जो पेशे से टैक्सी चालक हैं, 13 जनवरी की शाम अपनी कार को घर के आंगन में बैक करके पार्क कर रहे थे। उसी समय उनका 3 साल का बेटा अचानक घर का दरवाजा खोलकर बाहर आ गया और कार के पीछे जाकर खड़ा हो गया। रवि को इस बात का आभास नहीं हुआ और कार का पिछला पहिया बच्चे के ऊपर चढ़ गया।
अस्पताल ले जाने से पहले ही तोड़ा दम
जैसे ही बच्चे की चीख सुनाई दी, रवि ने आनन-फानन में कार आगे की और लहूलुहान बेटे को गोद में उठाकर अस्पताल की ओर भागे, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं। झबरेड़ा थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि यह एक अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें पिता की ही कार से अनजाने में यह हादसा हुआ। इस Roorkee Accident News ने पूरे कस्बे को स्तब्ध कर दिया है।
त्योहार के दिन बुझ गए घरों के चिराग: परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मकर संक्रांति का दिन जहाँ प्रदेशभर में उत्सव का माहौल था, वहीं इन दोनों परिवारों के लिए यह काला दिन साबित हुआ।
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पिथौरागढ़ में शोक: विकास के शिक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि वह एक अत्यंत सौम्य और मेधावी छात्र था। उसकी मौत की खबर सुनते ही जीआईसी शैलकुमारी में शोक की लहर दौड़ गई। विकास की मां बेसुध हैं, वहीं उसके छोटे भाई कार्तिक और बहन दिया का रो-रोकर बुरा हाल है।
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रुड़की में कोहराम: 3 साल के मासूम की मौत के बाद से रवि के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पिता स्वयं को कोस रहे हैं और पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है।
सड़क सुरक्षा और सतर्कता: एक गंभीर चेतावनी
ये दोनों घटनाएं Road Safety और व्यक्तिगत सतर्कता की ओर इशारा करती हैं। पहाड़ों में डंपर और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति लगातार युवाओं की जान ले रही है। वहीं, रिहायशी इलाकों और घरों के भीतर वाहन चलाते समय छोटे बच्चों की मौजूदगी का ध्यान रखना भी अनिवार्य है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।



