By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: मध्य प्रदेश :मुरैना में एनएससी के जैविक बीज फार्म का केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया शिलान्यास
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > मध्य प्रदेश :मुरैना में एनएससी के जैविक बीज फार्म का केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया शिलान्यास
देशफीचर्ड

मध्य प्रदेश :मुरैना में एनएससी के जैविक बीज फार्म का केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया शिलान्यास

Rajesh Dabral
Last updated: September 28, 2022 5:08 pm
Rajesh Dabral
Published: September 25, 2022
Share
SHARE

राष्ट्रीय चंबल वन्य जीव अभयारण्य की 207 हेक्टे.  भूमि के डी-नोटिफिकेशन का निर्णय- तोमर

अभयारण्य क्षेत्र राजस्व भूमि होने से रेत उपलब्धता स्थानीय स्तर पर होगी, रोजगार बढ़ेंगे

बीज फार्म से किसानों को उच्च उपज के बीज मिलेंगे एवं सामाजिक-आर्थिक स्तर सुधरेगा

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर ने आज मुरैना में राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) के जैविक बीज फार्म का शिलान्यास किया। इसके प्रारंभ होने पर मध्य प्रदेश के किसानों को तिलहन के नए जैविक बीज उपलब्ध होंगे। इस फार्म से किसान आधुनिक पद्धतियों से अवगत होंगे, उन्हें उच्च उपज देने वाले बीज मिलेंगे, उनका सामाजिक-आर्थिक स्तर सुधरेगा। इस मौके पर श्री तोमर ने घोषणा की कि पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राष्ट्रीय चंबल वन्य जीव अभयारण्य की 207 हेक्टे. भूमि डी-नोटिफिकेशन करने की अनुशंसा का बड़ा फैसला लिया है। यह अभयारण्य क्षेत्र राजस्व भूमि होने से रेत की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर होगी, जिससे रोजगार भी बढ़ेंगे।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने बताया कि केंद्र सरकार ने मुरैना (म.प्र.) में जैविक बीजों के उत्पादन के लिए बीहड़ क्षेत्र में भूमि सुधार करके फार्म स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए म.प्र. सरकार द्वारा केंद्रीय कृषि मंत्रालय को मुरैना के 4 गांवों (गडोरा, जाखौना, रिठौरा खुर्द, गोरखा) में 885.34 हेक्टे. जमीन आवंटित की गई है। यह भूमि चंबल का बीहड़ क्षेत्र है एवं क्षेत्र में रेवाइंस होने से कृषि कार्य नहीं हो पा रहा था, चूंकि एनएससी किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है व 15 लाख क्विंटल गुणवत्तायुक्त प्रमाणित बीज उत्पादित कर किसानों को उपलब्ध करा रहा है, इसलिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने मुरैना में जैविक बीजों के उत्पादन के लिए फार्म विकसित करने की जिम्मेदारी एनएसपी को सौंपी है। मुरैना में रेवाइंस क्षेत्र में बीज उत्पादन से भूमि में सुधार होगा व भूमि उपजाऊ होगी। स्थानीय किसान भूमि सुधार से प्रेरित होकर अपने खेतों में भी भूमि सुधार कर नवीनतम वैज्ञानिक पद्धति से बीज उत्पादन कर खेती में कम लागत से उच्च आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। कृषकों को यहां बीज उत्पादन की नवीनतम तकनीक सीखने को मिलेगी। एनएससी के विशेषज्ञों द्वारा स्थानीय व प्रदेश के किसानों को ट्रेनिंग के जरिये नवीनतम बीज उत्पादन तकनीक सिखाई जाएगी। मुरैना के स्थानीय श्रमिकों को फार्म में भूमि सुधार एवं बीज उत्पादन से रोजगार प्राप्त होगा। मुरैना फार्म से किसानों को नवीनतम एवं आनुवंशिक व भौतिक रूप से शुद्ध जैविक तिलहन बीज प्राप्त होने से अच्छा उत्पादन प्राप्त होगा, जिससे न केवल प्रदेश के कृषकों के सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि कृषकों को पोषण सुरक्षा भी प्राप्त होगी।

तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में चौतरफा काम होने से भारत की साख दुनियाभर में बढ़ी है, हमारा देश वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से कार्य कर रहे हैं। पीएम का नारा है “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान”, मुरैना का बीज फार्म किसानों की प्रगति के लिए विज्ञान व अनुसंधान का पूरा उपयोग करेगा। बीज कृषि का आधार व प्रमुख आदान है। उन्होंने कहा कि खेती के लिए अच्छे बीजों की उपलब्धता से उत्पादन-उत्पादकता में वृद्धि व किसानों के लिए उच्च आय के अलावा एग्री इको-सिस्टम व अर्थव्यवस्था को समग्र रूप से लाभ होता है। केंद्र सरकार, राज्यों में बीज उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही विविध योजनाओं द्वारा बीज वितरण में सहायता करती है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने फसलों के गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन व गुणन बढ़ाने के लिए 2014-15 से बीज व रोपण सामग्री उपमिशन लागू किया है, ताकि किसानों को पर्याप्त बीज मिलें। बीज संबंधी विभिन्न गतिविधियों के जरिये राज्यों व सार्वजनिक क्षेत्र के बीज संगठनों को, बीज गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत किया जा रहा है। बीते 8 साल में व्यावसायिक खेती के लिए 304 किस्में अधिसूचित की गई हैं।

राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में डी-नोटिफिकेशन से होंगे कई लाभ:

केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद  तोमर के प्रयासों से डी-नोटिफिकेशन होने से, यह एरिया अभयारण्य क्षेत्र के बाहर हो जाएगा, जिससे वहां से रेत की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर ही होगी व इसमें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय निर्माण/विकास कार्यों में रेत आसानी से सस्ते दाम पर मिलेगी। श्री तोमर ने डी-नोटिफिकेशन किए जाने के संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से आग्रह किया था। तत्संबंधी प्रस्ताव पर मंत्री श्री यादव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड की स्थायी समिति की 69वीं बैठक में चर्चा की गई व समिति ने अभयारण्य से निम्नानुसार 207.05 हेक्टेयर क्षेत्र बाहर करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है- बड़ोदिया बिंदी (रेंज-सबलगढ़, जिला श्योपुर) में 9.49 हे., बरवासिन (रेंज-देवारी, जिला मुरैना) में 118.66 हे. व राजघाट (पीपराई) (रेंज- देवारी, जौरा, जिला-मुरैना) में 78.90 हे.। यह डी-नोटिफिकेशन होने से अवैध रेत परिवहन पर अंकुश लगेगा। संरक्षित क्षेत्र के विभिन्न उत्पादों पर 4 लाख से अधिक आबादी प्रत्यक्षतः निर्भर करती है। स्थानीय स्तर पर रेत खनन होने से रोजगार में वृद्धि होगी।

बीज फार्म के शिलान्यास अवसर पर म.प्र. के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह व श्री एंदल सिंह कंसाना, श्री रघुराज कंसाना, श्री गिर्राज दंडोतिया, श्री सूबेदार सिंह सिकरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिले के अधिकारी व किसान और कार्यकर्ता उपस्थित थे। प्रारंभ में एनएससी के एमडी व मंत्रालय के संयुकत सचिव अश्विनी कुमार ने स्वागत किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री  तोमर द्वारा किसानों को बीज वितरित किए गए।

You Might Also Like

ISRO का ‘बाहुबली’ रचेगा इतिहास: 6100 किलो के ‘BlueBird-6’ के साथ LVM3 की हुंकार, बदल जाएगी मोबाइल इंटरनेट की दुनिया
Uttarakhand: मुख्यमंत्री धामी ने किया वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ, पीड़ित परिवार की सहायता राशि बढ़ाकर 10 लाख करने का ऐलान
मलबा और पत्थर जमा होने से गंगोत्री में गंगा ने घाटों से किया किनारा
उत्तराखण्ड : पिथौरागढ़ के प्राचीन मंदिरों को भी मानसखण्ड कोरिडोर योजना के तहत जोड़ा जायेगा- सीएम धामी
मध्य प्रदेश : हमारी सरकार ग़रीबों,आदिवासियों,दलितों और पिछड़ों की सरकार है और ग़रीब कल्याण इसका मुख्य उद्देश्य है : अमित शाह
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

“महिला शक्ति का महाकुंभ: उत्तराखंड की 13 बेटियों को मिलेगा प्रतिष्ठित तीलू रौतेली सम्मान, 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी होंगी सम्मानित”

The Hill India News
The Hill India News
August 6, 2026
दिल्ली में उत्तराखंड बीजेपी की कोर ग्रुप बैठक से चुनावी तैयारियों को मिली नई धार: संगठन मजबूत करने, बूथ प्रबंधन और 2027 मिशन पर हुआ मंथन, टिकट कटने की अटकलों पर पार्टी ने तोड़ी चुप्पी
IGIMS में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल: मंत्री निशांत कुमार के सामने फूट पड़ा मरीजों का दर्द, इलाज में लापरवाही और अव्यवस्था की शिकायतों से मचा हड़कंप
JPSC आंदोलन निर्णायक मोड़ पर: सरकार से वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित, भूख हड़ताल पर अड़े छात्रों ने कहा—‘अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस फैसला चाहिए’
उत्तराखंड में बारिश बनी आफत: देवप्रयाग और रुद्रप्रयाग में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचीं अलकनंदा-मंदाकिनी, 179 सड़कें बंद; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
देहरादून में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: ‘अग्निवीर आक्रोश यात्रा’ को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी का भव्य स्वागत, सैनिकों और युवाओं के मुद्दों पर बुलंद की आवाज
उत्तराखंड में SIR पर सियासी संग्राम: फॉर्म-7 को लेकर कांग्रेस का बड़ा आरोप, भाजपा ने किया पलटवार; 19 लाख नोटिसों से बढ़ी चुनावी हलचल
₹7 करोड़ के लोन घोटाले से हिला उत्तराखंड! सहकारी बैंक की अल्मोड़ा शाखा में बड़ा फर्जीवाड़ा, तत्कालीन MD समेत 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज
परिसीमन बिल पर सरकार ने बढ़ाया विपक्ष की ओर दोस्ती का हाथ, राहुल गांधी ने रखी बड़ी शर्त; संसद का गतिरोध खत्म होगा या बढ़ेगा सियासी टकराव?
हिमालय की औषधीय विरासत को नई पहचान दिलाने वाले वैज्ञानिक डॉ. विजयकांत पुरोहित हुए सम्मानित: ‘कर्मयोगी सम्मान’ से बढ़ा उत्तराखंड का गौरव
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?