By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: केदारनाथ यात्रा ने तोड़ा 2024 का रिकॉर्ड — श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > केदारनाथ यात्रा ने तोड़ा 2024 का रिकॉर्ड — श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार
उत्तराखंडफीचर्ड

केदारनाथ यात्रा ने तोड़ा 2024 का रिकॉर्ड — श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार

The Hill India News
Last updated: October 8, 2025 4:06 pm
The Hill India News
Published: October 8, 2025
Share
File Photo
SHARE

देहरादून: उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ रही है। मौसम की चुनौतियों और भूस्खलन के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। खासतौर पर केदारनाथ धाम ने इस बार नया इतिहास रच दिया है। अब तक यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 16 लाख 56 हजार के पार पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 2024 के पूरे यात्राकाल में आए 16 लाख 52 हजार 76 यात्रियों से अधिक है।

Contents
5614 श्रद्धालुओं ने बुधवार को किए बाबा केदार के दर्शनचारधाम यात्रा फिर पकड़ रही रफ्तारप्रकृति की चुनौतियों के बीच प्रशासन की तत्परतासुरक्षित यात्रा के लिए पुख्ता इंतज़ाममुख्यमंत्री धामी ने दिए सख्त निर्देशधार्मिक पर्यटन के बढ़ते आयामयात्रियों के लिए जरूरी हिदायतेंश्रद्धालु उत्साह से भरपूर

गौरतलब है कि अभी धाम के कपाट बंद होने में करीब 15 दिन शेष हैं। ऐसे में यह आंकड़ा आने वाले दिनों में और ऊंचाई छूने की संभावना है।


5614 श्रद्धालुओं ने बुधवार को किए बाबा केदार के दर्शन

बुधवार को बाबा केदारनाथ के धाम में 5614 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यात्रा के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष की यात्रा अप्रैल के अंत में शुरू हुई थी, और तब से अब तक प्रतिदिन औसतन पांच से दस हजार श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच रहे हैं।

केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 23 अक्टूबर को भैयादूज के अवसर पर बंद होंगे। इस प्रकार यात्राकाल अभी दो सप्ताह से अधिक शेष है, और प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार यात्रियों की संख्या 17 लाख से पार जा सकती है।


चारधाम यात्रा फिर पकड़ रही रफ्तार

लंबे मानसून सीजन और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के चलते कुछ समय के लिए चारधाम यात्रा की रफ्तार थम गई थी। लेकिन जैसे ही मौसम ने करवट ली, श्रद्धालुओं का सैलाब फिर से उमड़ पड़ा है।

अब न केवल केदारनाथ, बल्कि बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

राज्य सरकार के अनुसार, अब तक चारों धामों में 43 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो राज्य की धार्मिक पर्यटन क्षमता और श्रद्धालु विश्वास का संकेत है।


प्रकृति की चुनौतियों के बीच प्रशासन की तत्परता

इस साल का मानसून उत्तराखंड के लिए कई चुनौतियां लेकर आया। जुलाई और अगस्त में बादल फटने, भूस्खलन और अतिवृष्टि ने चारधाम मार्गों को कई जगहों पर अवरुद्ध कर दिया।
खासकर गंगोत्री धाम का धराली क्षेत्र भयंकर आपदा की चपेट में आया, जहां मार्ग और कई ढांचागत सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।

लेकिन प्रशासन ने हार नहीं मानी। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, BRO और पुलिस-होमगार्ड टीमों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए मार्गों को फिर से सुचारू कराया।
जेसीबी और हाइड्रा मशीनें लगातार मलबा हटाने में लगीं, ताकि यात्रा निर्बाध जारी रह सके।


सुरक्षित यात्रा के लिए पुख्ता इंतज़ाम

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

  • संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF, SDRF और पुलिस बल की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।
  • भूस्खलन संभावित स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
  • मार्गों की सफाई और मलबा हटाने के लिए 24×7 जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं।
  • प्रमुख पड़ावों — सीतापुर, सोनप्रयाग, गौरीकुंड और रामबाड़ा में चिकित्सा केंद्र और राहत टीमें मौजूद हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान दें और खराब मौसम में यात्रा से परहेज़ करें।


मुख्यमंत्री धामी ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा,

“श्रद्धालुओं का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सरकार ने हर स्तर पर तैयारी की है। सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यात्रियों को सुविधाएं सर्वोच्च स्तर पर दी जाएंगी।


धार्मिक पर्यटन के बढ़ते आयाम

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा है। अनुमान है कि इस यात्रा से प्रतिवर्ष राज्य को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आर्थिक लाभ होता है।

इस वर्ष के रिकॉर्ड आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन तेजी से पुनर्जीवित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ धाम से जुड़ाव और सरकार की लगातार निवेश नीतियों ने इस क्षेत्र में नई ऊर्जा भरी है।

यात्रियों के लिए विकसित नई रोपवे योजना, हेली सेवाएं और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम ने यात्रा को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बना दिया है।


यात्रियों के लिए जरूरी हिदायतें

जिला प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है —

  • मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा स्थगित करें।
  • प्रशासनिक या पुलिस टीमों के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
  • ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी या ठंड लगने की स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता लें।
  • यात्रा पर निकलने से पहले चारधाम यात्री पंजीकरण पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

श्रद्धालु उत्साह से भरपूर

विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु अब भी बाबा केदार के दर्शन के लिए कतार में हैं। गुजरात से आए एक श्रद्धालु विनोदभाई पटेल ने कहा,

“बारिश, ठंड और बर्फ के बावजूद यहां की ऊर्जा अद्भुत है। ऐसा लगता है जैसे बाबा खुद आशीर्वाद दे रहे हों।”

दिल्ली की मीनाक्षी शर्मा कहती हैं,

“केदारनाथ आने का हर अनुभव नया होता है। इस बार सुविधाएं बेहतर हैं, रास्ते साफ हैं और प्रशासन हर जगह मौजूद है।”

केदारनाथ यात्रा का यह नया रिकॉर्ड सिर्फ संख्या नहीं है — यह उत्तराखंड की अदम्य इच्छाशक्ति, प्रशासनिक तत्परता और श्रद्धालुओं के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
प्रकृति की हर चुनौती के बावजूद राज्य ने यह साबित किया है कि “जहां आस्था, वहां व्यवस्था।”

आने वाले दो हफ्तों में यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी और उम्मीद है कि वर्ष 2025 का यह यात्राकाल चारधाम इतिहास का सबसे सफल और सुरक्षित अध्याय साबित होगा।

You Might Also Like

21 जून को फिर होगी NEET UG 2026 परीक्षा, पेपर लीक के बाद NTA ने घोषित की री-एग्जाम डेट
हमास हमले के बाद PM मोदी का बड़ा बयान, ‘कठिन समय में हम इजरायल के साथ…’
Madhya Pradesh: पुरानी रंजिश के चलते मुरैना में एक ही परिवार के 6 लोगों की हत्या
उत्तराखंड: हल्द्वानी में निजी स्कूलों पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा, महंगी किताबें थोपने पर 46 स्कूलों को नोटिस
उत्तराखंड सचिवालय संघ चुनाव परिणाम: सत्ता विरोधी लहर पर भारी पड़ा दीपक जोशी का आक्रामक अभियान, नए चेहरों के उदय से बदली ब्यूरोक्रेसी की राजनीति
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता

The Hill India News
The Hill India News
October 19, 2026
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च से हाई अलर्ट! राजीव चौक समेत 6 मेट्रो स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा अपडेट
‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब! वीकेंड पर 11 अक्टूबर तक ट्रैफिक प्लान लागू, भारी वाहनों की एंट्री बंद; जानें कहां होगी पार्किंग और किन रास्तों से गुजरेंगे वाहन
कैंसर से जंग लड़ रही महिला पर दोहरी मार! तिलवाड़ा में खुदाई से चार मंजिला मकान पर मंडराया खतरा, बेबस प्रभा सकलानी ने CM धामी से लगाई न्याय की गुहार
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?