नई दिल्ली/देहरादून/जयपुर: भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम इस समय अपने चरम पर है। उत्तर और पश्चिम भारत जहाँ भीषण लू (Heatwave) और झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में हैं, वहीं हिमालयी राज्यों में इंद्र देव का प्रकोप भारी बारिश और ओलावृष्टि के रूप में दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा भारत मौसम अपडेट 2026 जारी करते हुए कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है।
जहाँ राजस्थान के बाड़मेर में सूरज की तपिश 46 डिग्री के खतरनाक स्तर को पार कर गई है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बादलों की आवाजाही ने लोगों को मामूली राहत दी है। दूसरी ओर, उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने का ‘ऑरेंज अलर्ट’ प्रशासन की चिंता बढ़ा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर: ‘येलो अलर्ट’ और बारिश की उम्मीद
दिल्लीवासियों के लिए सोमवार का दिन मिला-जुला रहा। जहाँ रविवार की तुलना में गर्मी थोड़ी कम महसूस की गई, वहीं आसमान में छाए बादलों ने चिलचिलाती धूप से बचाव किया। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन पर अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम, यानी 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालांकि, राहत की असली खबर मंगलवार के लिए है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अनुमान है कि गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। न्यूनतम तापमान 27 डिग्री और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। लोदी रोड, रिज और आयानगर जैसे स्टेशनों पर भी तापमान औसत से कम दर्ज किया गया है, जो उमस भरी गर्मी के बीच थोड़ी शांति लेकर आया है।
राजस्थान: बाड़मेर बना ‘तंदूर’, 47 डिग्री की ओर बढ़ता पारा
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में इस समय प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। राज्य के पश्चिमी हिस्सों में सूरज की किरणें आग बरसा रही हैं। मौसम केंद्र जयपुर के आंकड़ों के मुताबिक, बाड़मेर में रविवार को तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन के सबसे उच्चतम स्तरों में से एक है।
जोधपुर और बीकानेर संभाग के इलाकों में अगले 4 से 5 दिनों तक भीषण ‘हीटवेव’ की चेतावनी दी गई है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भी तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। यहाँ रातें भी ‘ऊष्ण’ (Warm Nights) रहने वाली हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, जयपुर और शेखावाटी क्षेत्र में अगले 48 घंटों में हल्की धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी से तापमान में मामूली गिरावट की उम्मीद की जा रही है।
उत्तराखंड: पहाड़ों पर आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’
हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है। जहाँ मैदानी इलाकों में लोग पसीने से तरबतर हैं, वहीं पहाड़ों पर कुदरत का कहर बरसने की आशंका है। देहरादून मौसम केंद्र ने 12 और 13 मई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के पहाड़ी जिलों में आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और बहुत तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ (आंधी) चलने की भी संभावना है। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में जाने से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतें। पर्यटन सीजन के बीच इस तरह का प्रतिकूल मौसम यात्रा मार्गों पर बाधा उत्पन्न कर सकता है।
जलवायु परिवर्तन और बदलता मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि एक ही समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह का विरोधाभासी मौसम जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। जहाँ एक ओर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ों पर बारिश हो रही है, वहीं पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म हवाएं राजस्थान और गुजरात के बेल्ट को झुलसा रही हैं।
सावधानी ही बचाव: चिकित्सकों की सलाह
भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है। लू से बचने के लिए अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जैसे ओआरएस, नींबू पानी और छाछ का सेवन करने को कहा गया है। वहीं, उत्तराखंड की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की ताजा गाइडलाइंस देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
भारत मौसम अपडेट 2026 यह स्पष्ट करता है कि आने वाले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। गर्मी की तपिश और अचानक होने वाली मानसूनी पूर्व बारिश (Pre-Monsoon Rain) के बीच स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखना अनिवार्य है।



