By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: लालकुआं नगर पंचायत में ‘घोटाले’ की गूँज: डस्टबिन से लेकर अलाव की लकड़ी तक जांच के दायरे में, सिटी मजिस्ट्रेट ने जनता से मांगे सबूत
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > लालकुआं नगर पंचायत में ‘घोटाले’ की गूँज: डस्टबिन से लेकर अलाव की लकड़ी तक जांच के दायरे में, सिटी मजिस्ट्रेट ने जनता से मांगे सबूत
उत्तराखंडफीचर्ड

लालकुआं नगर पंचायत में ‘घोटाले’ की गूँज: डस्टबिन से लेकर अलाव की लकड़ी तक जांच के दायरे में, सिटी मजिस्ट्रेट ने जनता से मांगे सबूत

The Hill India News
Last updated: May 12, 2026 2:36 am
The Hill India News
Published: May 12, 2026
Share
SHARE

हल्द्वानी/लालकुआं: उत्तराखंड के नैनीताल जिले की अहम नगर पंचायत लालकुआं इस समय भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और प्रशासनिक जांच के केंद्र में है। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के कथित बंदरबांट की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने अब अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी (DM) नैनीताल ललित मोहन रयाल के कड़े रुख के बाद, सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए लालकुआं नगर पंचायत में दस्तक दी है।

Contents
जांच की जद में चार प्रमुख मामलेसिटी मजिस्ट्रेट की सार्वजनिक सूचना: 16 मई तक का समयडीएम के आदेश के बाद सक्रिय हुआ तंत्रभ्रष्टाचार के आरोपों पर उठते सवालभविष्य की कार्रवाई: क्या गिरेंगी गाज?

अधिकारियों और कर्मचारियों से लंबी पूछताछ के साथ ही अब यह मामला सार्वजनिक हो गया है, जहाँ प्रशासन ने आम जनता से भी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने की अपील की है।

जांच की जद में चार प्रमुख मामले

लालकुआं नगर पंचायत में चल रही इस जांच का दायरा काफी विस्तृत है। मुख्य रूप से चार ऐसे बिंदु हैं जिन पर वित्तीय अनियमितताओं के गहरे आरोप लगे हैं:

  1. डस्टबिन खरीद में नियमों की अनदेखी: आरोप है कि करीब 3 लाख रुपये की लागत से डस्टबिन खरीदे गए, लेकिन इसके लिए अनिवार्य निविदा (Tender) प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। बिना कोटेशन और मनमाने ढंग से की गई इस खरीदारी ने विभागीय पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

  2. शौचालयों का ‘अजीब’ पुनर्निर्माण: नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में मात्र 5 साल पहले बने शौचालयों को ध्वस्त कर दिया गया और उनकी जगह दोबारा निर्माण कराया गया। सवाल यह उठ रहा है कि जो शौचालय अभी अच्छी स्थिति में थे, उन्हें तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह महज बजट खपाने की एक कोशिश थी?

  3. छठ पूजा स्थल निर्माण विवाद: स्थानीय छठ पूजा स्थल पर कराए गए पुनर्निर्माण कार्य के औचित्य और उसकी आवश्यकता को लेकर भी प्रशासन को शिकायतें मिली हैं। इस निर्माण कार्य की लागत और कार्य की गुणवत्ता अब संदेह के घेरे में है।

  4. अलाव के लिए लकड़ी की ‘असामान्य’ खपत: वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान शीतकाल में अलाव जलाने के लिए मंगवाई गई लकड़ी के बिलों ने अधिकारियों को चौंका दिया है। कागजों पर लकड़ी की खपत इतनी अधिक दिखाई गई है जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। इसके भुगतान की पारदर्शिता अब जांच का मुख्य बिंदु है।

सिटी मजिस्ट्रेट की सार्वजनिक सूचना: 16 मई तक का समय

सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने लालकुआं पहुंचकर न केवल फाइलों का निरीक्षण किया, बल्कि कर्मचारियों से भी बंद कमरे में जानकारी ली। लालकुआं नगर पंचायत भ्रष्टाचार जांच को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर से एक सार्वजनिक सूचना जारी की गई है।

इस सूचना के माध्यम से क्षेत्र की जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिकायतकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है कि यदि उनके पास डस्टबिन खरीद, निर्माण कार्य या लकड़ी खपत से जुड़े कोई भी तथ्य, वीडियो, फोटो या दस्तावेज (साक्ष्य) मौजूद हैं, तो वे 16 मई 2026 तक कार्यालय अवधि में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय, हल्द्वानी पहुंचकर उन्हें प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी से जांच और भी पुख्ता होगी।

डीएम के आदेश के बाद सक्रिय हुआ तंत्र

इस पूरे मामले की पटकथा तब शुरू हुई जब लालकुआं के कुछ जागरूक नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को एक विस्तृत शिकायती पत्र सौंपा था। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि नगर पंचायत में नियमों को दरकिनार कर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुँचाया जा रहा है और वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

मामले की गंभीरता और सार्वजनिक धन की बर्बादी की आशंका को देखते हुए डीएम ने इसे ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत लिया और तत्काल सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को जांच अधिकारी नियुक्त कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर उठते सवाल

नगर पंचायत लालकुआं के गलियारों में अब सन्नाटा पसरा है। सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान कई ऐसे अभिलेख मिले हैं जिनमें तारीखों और हस्ताक्षरों में विसंगतियां हैं। विशेष रूप से डस्टबिन खरीद वाले मामले में बिना टेंडर के भुगतान की प्रक्रिया ने लेखा विभाग को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। इसके अलावा, 5 साल पुराने मजबूत शौचालयों को ‘जर्जर’ बताकर गिराने के पीछे की इंजीनियरिंग रिपोर्ट पर भी अब सवालिया निशान लग रहे हैं।

भविष्य की कार्रवाई: क्या गिरेंगी गाज?

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नगर पंचायत के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद यदि भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ न केवल विभागीय कार्रवाई की जाएगी, बल्कि गबन की गई राशि की वसूली और जरूरत पड़ने पर एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।

लालकुआं की जनता अब 16 मई का इंतजार कर रही है, जब सिटी मजिस्ट्रेट के सामने साक्ष्य रखे जाएंगे। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर टैक्स के पैसों का दुरुपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

You Might Also Like

कपिल शर्मा को धमकी देने वाला हरि बॉक्सर कौन? लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अमेरिका में बैठा ‘खतरनाक खिलाड़ी’
‘उत्तराखंड के गांधी’ स्व. इंद्रमणि बडोनी की जयन्ती की पूर्व संध्या पर CM धामी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि; बोले- ‘पहाड़ के सच्चे हितैषी थे बडोनी जी’
अयोध्या गैंगरेप मामले के आरोपी सपा नगर अध्यक्ष मोईद खान पर सियासत गरमाई, अखिलेश ने की डीएनए टेस्ट की मांग
उत्तराखण्ड : राज्य में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जायेगी- मुख्यमंत्री धामी
Uttrakhand : FDA में खाद्य सुरक्षा अफसरों के तबादले, सूची देखिए
TAGGED:Chhath Puja site construction dispute.DM Lalit Mohan Raiyal investigation orderdustbin purchase scam UttarakhandHaldwani City Magistrate AP BajpaiNagar Panchayat Lalkuan financial irregularities
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डस्पोर्ट्स

फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें

The Hill India News
The Hill India News
June 27, 2026
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
उत्तराखंड की बेटी सपना राणा को जर्मनी में मिली ₹3.30 लाख की नौकरी, CM धामी की वैश्विक रोजगार योजना का बड़ा असर
प्यार, साजिश और मौत: मंगेतर सिया ने प्रेमी के साथ मिलकर रचा केतन की हत्या का खौफनाक खेल, कैफे में बना था पूरा प्लान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?