
नई दिल्ली: NEET-2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किया गया अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं, जबकि मेहनत करने वाले ईमानदार छात्रों को इसकी सजा भुगतनी पड़ती है।
दरअसल, NEET-2026 परीक्षा में पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। जांच एजेंसियों को मिले शुरुआती संकेतों के अनुसार इस पेपर लीक के तार हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र के नासिक तक जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है, क्योंकि अब परीक्षा दोबारा आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट लिखकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को भ्रष्ट व्यवस्था ने कुचल दिया है। राहुल ने लिखा कि किसी पिता ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया, किसी मां ने अपने गहने बेच दिए, जबकि लाखों छात्रों ने रात-रात भर जागकर परीक्षा की तैयारी की। लेकिन बदले में उन्हें पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था में फैला भ्रष्टाचार मिला।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह केवल परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं यह दिखाती हैं कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है। राहुल गांधी ने कहा कि जब युवाओं की तकदीर मेहनत के बजाय पैसे और पहुंच से तय होने लगे, तो शिक्षा का महत्व खत्म हो जाता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जिस “अमृतकाल” की बात करती है, वह युवाओं के लिए “विषकाल” बनता जा रहा है। राहुल ने कहा कि छात्र पहले ही मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव से गुजर रहे थे, लेकिन अब परीक्षा रद्द होने से उन्हें दोबारा उसी कठिन दौर से गुजरना पड़ेगा।
इधर, NEET परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों में भी भारी निराशा है। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने पूरे साल कठिन मेहनत की थी और अब दोबारा परीक्षा की तैयारी करना उनके लिए मानसिक रूप से बेहद मुश्किल होगा। सोशल मीडिया पर भी छात्रों का गुस्सा लगातार देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर छात्रों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
विपक्षी दलों ने भी सरकार से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं युवाओं के भरोसे को तोड़ रही हैं। अब सभी की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई होती है और छात्रों को कब तक नई परीक्षा की तारीख मिलती है।



