
जयपुर/नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित साबरमती एक्सप्रेस में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। सेना के एक जवान की ट्रेन के सफर के दौरान हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विवाद मात्र चादर मांगने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ था, जो बाद में जानलेवा झगड़े में बदल गया।
यह घटना रविवार रात बीकानेर-जम्मू तवी साबरमती एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14887) में हुई। मृतक जवान की पहचान गुजरात के साबरमती निवासी के रूप में हुई है। वह फ़िरोज़पुर कैंट (पंजाब) से अपने गृह नगर की ओर लौट रहा था। इस दौरान ट्रेन में तैनात अटेंडेंट जुबेर मेमन से चादर को लेकर विवाद हो गया। देखते-देखते बहस इतनी बढ़ी कि आरोपी ने जवान पर चाकू से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल जवान की मौके पर ही मौत हो गई।
बीकानेर रेलवे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी जुबेर मेमन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
रात की ड्यूटी के दौरान हुआ विवाद
सूत्रों के अनुसार, घटना रात लगभग 10 बजे की है जब साबरमती एक्सप्रेस बीकानेर के पास थी। बताया गया कि ट्रेन के कोच में ठंड बढ़ने लगी थी, जिस पर जवान ने अटेंडेंट से एक अतिरिक्त चादर की मांग की। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ी कि अटेंडेंट ने अचानक अपनी जेब से चाकू निकालकर जवान पर वार कर दिया।
जवान लहूलुहान होकर गिर पड़ा और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। यात्रियों ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और ट्रेन स्टाफ को सूचना दी। ट्रेन को बीकानेर स्टेशन पर रोका गया, जहां पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
घटना के बाद यात्रियों में दहशत
इस भयावह घटना के बाद ट्रेन में अफरातफरी मच गई। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। कुछ यात्रियों ने कहा कि “हमने सोचा था कि सेना का जवान तो सुरक्षित होगा, लेकिन ट्रेन में भी कोई सुरक्षित नहीं है।”
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन को बाद में कुछ घंटे की देरी के बाद रवाना किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बीकानेर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
पुलिस और सेना ने की संयुक्त जांच शुरू
बीकानेर के जीआरपी एसपी ने बताया कि आरोपी जुबेर मेमन को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने नशे की हालत में वारदात को अंजाम दिया।
“हम सभी साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची जा रही है,” पुलिस अधिकारी ने कहा।
वहीं, सेना ने भी अपने स्तर पर इस घटना को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि मृतक जवान की यूनिट और उसके परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है।
रेलवे में सुरक्षा और स्टाफ की जांच पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवालों के घेरे में है। पिछले कुछ महीनों में ट्रेनों में चोरी, झगड़े और हिंसा की घटनाओं में इजाफा देखा गया है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में ट्रेन के अंदर झगड़े या हिंसा से जुड़ी 250 से अधिक घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें कई बार यात्री गंभीर रूप से घायल हुए।
रेलवे यात्रियों के संगठनों ने मांग की है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में अटेंडेंट्स और सफाई कर्मचारियों की बैकग्राउंड वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सख्त किया जाए और हर कोच में सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहें।
रेलवे यात्री परिषद के अध्यक्ष ने कहा, “अगर एक सैनिक ट्रेन में सुरक्षित नहीं है, तो आम यात्री का क्या होगा? यह घटना सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी है।”
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। गुजरात और राजस्थान के कुछ नेताओं ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस सांसद ने पोस्ट किया, “अगर सैनिक सुरक्षित नहीं, तो रेलवे प्रशासन को जवाब देना होगा। यह ट्रेन में व्याप्त लापरवाही का नतीजा है।”
वहीं, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीकानेर पुलिस से रिपोर्ट मांगी है और ट्वीट कर कहा, “घटना अत्यंत दुखद है। दोषी को कठोरतम सजा दी जाएगी।”
मृतक जवान का पार्थिव शरीर गुजरात भेजा गया
सेना और रेलवे प्रशासन ने संयुक्त रूप से मृतक जवान के पार्थिव शरीर को सोमवार सुबह एयरलिफ्ट कर गुजरात भेजा। साबरमती में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मृतक जवान की उम्र लगभग 28 वर्ष बताई जा रही है। वह भारतीय सेना की एक इन्फैंट्री यूनिट में तैनात था और छुट्टी पर घर जा रहा था।
रेलवे में नई गाइडलाइन की तैयारी
इस घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने संकेत दिए हैं कि वह ट्रेन परिचालन में शामिल कर्मचारियों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन जारी करेगा। इसमें अटेंडेंट्स और सफाई कर्मियों के आचरण, ट्रेन में रखे धारदार उपकरणों की निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल शामिल होंगे।
एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा, “यह घटना एक चेतावनी है कि यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी समीक्षा जरूरी है। हम कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।”
साबरमती एक्सप्रेस में सेना के जवान की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह न सिर्फ रेलवे सुरक्षा पर सवाल उठाती है बल्कि यह भी दर्शाती है कि अनुशासन और संवेदनशीलता की कमी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। अब उम्मीद है कि रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर ऐसे तंत्र को मजबूत करेंगी जिससे यात्री और कर्मचारी, दोनों सुरक्षित रहें।



