By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: IAS अधिकारी नहीं लिख सकते IFS अधिकारियों की ACR: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > IAS अधिकारी नहीं लिख सकते IFS अधिकारियों की ACR: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
देशफीचर्ड

IAS अधिकारी नहीं लिख सकते IFS अधिकारियों की ACR: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

The Hill India News
Last updated: May 21, 2025 3:44 pm
The Hill India News
Published: May 21, 2025
Share
File Photo
SHARE

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (APCCF) रैंक तक के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) नहीं लिख सकते।

Contents
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?वन विभाग के लिए अलग दिशा-निर्देश

कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 29 जून 2024 को जारी उस सरकारी आदेश (G.O.) को रद्द कर दिया, जिसमें जिला कलेक्टर और प्रभागीय आयुक्त को संबंधित IFS अधिकारियों की प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (PAR) पर टिप्पणी करने की अनुमति दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने कहा:

“29 जून 2024 का आदेश, इस न्यायालय द्वारा पूर्व में (22 सितंबर 2000 और 19 अप्रैल 2004 को) जारी किए गए स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करता है।”

कोर्ट ने माना कि मध्य प्रदेश सरकार ने वास्तव में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवमानना की, हालांकि उसने इस पर आगे की सजा देने से परहेज किया।

  • सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा राज्य बनाम पी.सी. वाधवा (1987) केस में दिए गए सिद्धांत का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि रिपोर्टिंग अथॉरिटी उस अधिकारी से ऊंचे पद का होना चाहिए।

  • संतोष भारती बनाम मध्य प्रदेश (2007) केस में भी यही दोहराया गया था कि IAS अधिकारी IFS अधिकारियों की समीक्षा अथॉरिटी नहीं हो सकते।

  • कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि APCCF रैंक तक के अधिकारियों की ACR लिखने का अधिकार केवल वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के पास होना चाहिए।

वन विभाग के लिए अलग दिशा-निर्देश

  • केवल PCCF (Principal Chief Conservator of Forests) की ACR रिपोर्टिंग के लिए किसी अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को मान्यता दी जा सकती है।

  • कोर्ट ने यह सुझाव दिया कि जिला प्रशासन के फंड से किए गए कार्यों पर कलेक्टर या आयुक्त चाहें तो अलग शीट पर अपने विचार दर्ज कर सकते हैं, लेकिन उसे भी अंततः वन विभाग का वरिष्ठ अधिकारी ही मान्य कर सकता है।

सुनवाई के दौरान CJI बी.आर. गवई ने कहा:

“मेरे 22 साल के न्यायिक अनुभव से कह सकता हूं कि कई IAS अधिकारी IPS और IFS अधिकारियों पर अपनी श्रेष्ठता जताना चाहते हैं। हमेशा एक संघर्ष होता है…”

  • सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय अंतर-सेवा सम्मान, संवैधानिक दायरे, और वन सेवा अधिकारियों की स्वायत्तता को सुदृढ़ करता है।

  • सभी राज्यों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि IFS अधिकारियों की ACR केवल उनके तत्काल वरिष्ठ वन अधिकारियों द्वारा ही लिखी जाए।

  • कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह अपने नियमों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप संशोधित करे।

You Might Also Like

UP: घास काटने गई एक ही परिवार की 4 बेटियां लापता होने से मचा हड़कंप, तलाश में जुटी पुलिस
सीमांत किसानों की बढ़ेगी आय: चमोली में ITBP और औद्यानिक परिषद के बीच ऐतिहासिक समझौता, अब जवानों की थाली तक पहुँचेगी स्थानीय सब्जियां
संकट की घड़ी में पाकिस्तान की मदत करने वालों को पीएम शहबाज ने दी दुआएं
संसद के ‘भगवा प्रदर्शन’ पर कानूनी शिकंजा: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
देहरादून के हाई-प्रोफाइल बिल्डर की आत्महत्या केस में एफआर: 18 महीने बाद गुप्ता बंधुओं को मिली क्लीनचिट, सवाल बरकरार
TAGGED:Big decision of Supreme CourtIAS officerswrite ACR of IFS officers
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्डराजनीति

मांजलपुर उपचुनाव में BJP की शानदार जीत: सतीश पटेल ने 30 हजार से अधिक वोटों से कांग्रेस को हराया, गुजरात में कमल फिर खिला

The Hill India News
The Hill India News
August 3, 2026
ITR Refund का इंतजार खत्म कब होगा? जानिए इनकम टैक्स रिफंड की पूरी प्रक्रिया, कितने दिनों में मिलेगा पैसा और किन वजहों से हो सकती है देरी
पप्पू यादव के भगवा प्रदर्शन पर INDIA गठबंधन में दरार! सपा ने किया किनारा, राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष के अलग-अलग सुर आए सामने
NEET पेपर लीक आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘छात्रों को मिलेगा न्याय, लेकिन अपराधियों को नहीं मिलेगी कोई राहत’; FIR, पुलिस कार्रवाई और जांच पर कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर, परीक्षा रद्द करने से लेकर CBI जांच तक उठीं बड़ी मांगें
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर: क्या बदलेगा विरोध प्रदर्शन का केंद्र? केंद्र सरकार से मांगा जवाब
बृज भूषण शरण सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट से बरी होने के बाद बोले— “अगर एक भी आरोप साबित होता तो खुद फांसी पर लटक जाता”
ऐतिहासिक फैसला! राष्ट्रपति मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक कानून को दी मंजूरी, अब 2 महीने में जांच, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की जेल
गलत नंबर पर हो गया मोबाइल रिचार्ज? घबराएं नहीं! Airtel और Jio यूजर्स ऐसे वापस पा सकते हैं अपने पैसे, जानिए पूरा प्रोसेस
संसद के ‘भगवा प्रदर्शन’ पर कानूनी शिकंजा: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?