
हरिद्वार। उत्तराखंड के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य के सरकारी चिकित्सालयों की जमीनी हकीकत परखने के लिए मंत्री ने एक बार फिर औचक निरीक्षण का दांव खेला है। सोमवार, १८ मई को धार्मिक नगरी हरिद्वार में उस वक्त प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया, जब स्वास्थ्य मंत्री बिना किसी पूर्व सूचना और तामझाम के सीधे हरिद्वार जिला अस्पताल (मेला अस्पताल परिसर) पहुंच गए।
अस्पताल परिसर में कदम रखते ही चारों तरफ पसरी गंदगी, बदहाल वॉशरूम और प्रशासनिक शिथिलता को देखकर स्वास्थ्य मंत्री का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट (CMS) डॉ. आरवी सिंह को कड़ी फटकार लगाई। मंत्री ने बेहद कड़े लहजे में कहा, “क्या हालत हैं आपके वॉशरूम की? सफाई करने में क्या प्रॉब्लम है? मजाक बना कर रखा है। अस्पताल कम कूड़ाघर ज्यादा लग रहा है।”
निजी दौरे के बीच अचानक अस्पताल पहुंचे मंत्री, उड़ गए होश
दरअसल, उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल सोमवार को हरिद्वार के एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। वे वरिष्ठ भाजपा नेता रीता बहुगुणा जोशी के दिवंगत पति पीसी जोशी के अस्थि विसर्जन संस्कार में शामिल होने वीआईपी घाट पहुंचे थे। अस्थि विसर्जन और धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के बाद, मंत्री ने देहरादून लौटने के बजाय सीधे जिला अस्पताल का रुख कर लिया, जिसकी भनक स्थानीय प्रशासन या अस्पताल प्रबंधन को कानों-कान नहीं थी।
जैसे ही मंत्री उनियाल का काफिला मेला अस्पताल की बिल्डिंग में रुका, जहाँ फिलहाल जिला अस्पताल संचालित हो रहा है, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। अमूमन वीआईपी दौरों से पहले चमकने वाले अस्पताल को अपनी मूल और बदहाल स्थिति में देखकर मंत्री उनियाल ने एक-एक वॉर्ड का बारीकी से मुआयना शुरू कर दिया।
सफाई व्यवस्था पर बरसे सुबोध उनियाल: ‘अस्पताल कम, कूड़ाघर ज्यादा’
निरीक्षण के दौरान सबसे खराब स्थिति अस्पताल के शौचालयों और सामान्य वॉर्डों की पाई गई। चारों तरफ कचरा, थूके जाने के निशान और वॉशरूम से आती असहनीय दुर्गंध ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। मरीजों और उनके तीमारदारों ने भी मंत्री के सामने दबी जुबान से अस्पताल की रोजमर्रा की दिक्कतों को साझा किया।
संतोषजनक जवाब न मिलने और सफाई के प्रति घोर लापरवाही देखकर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सीएमएस आरवी सिंह को आड़े हाथों लिया। मंत्री की तीखी फटकार और कड़े सवालों के सामने अस्पताल के आला अधिकारी पानी-पानी नजर आए। मंत्री उनियाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो संस्थान लोगों को बीमारियाँ ठीक करने के लिए बनाया गया है, वही अगर बीमारी का केंद्र बन जाएगा, तो जनता कहाँ जाएगी?
“अस्पतालों में लापरवाही और गंदगी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं संभाल सकते, तो उन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जनता का टैक्स उनकी सुख-सुविधाओं और साफ-सुथरे इलाज के लिए है, अधिकारियों की लापरवाही छिपाने के लिए नहीं।” — सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य मंत्री, उत्तराखंड
स्टाफ नर्स से लेकर डॉक्टरों तक में छाया सन्नाटा
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई और औचक निरीक्षण से अस्पताल परिसर में मौजूद डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों और अन्य कर्मचारियों के बीच सन्नाटा पसर गया। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य विभाग की कमान संभालने के बाद से ही सुबोध उनियाल लगातार जमीनी स्तर पर एक्टिव हैं। वे लगातार विभिन्न जिलों के सरकारी और गैर-सरकारी चिकित्सालयों में औचक छापेमारी कर रहे हैं।
सोमवार को हरिद्वार जिला अस्पताल में उनके इस औचक निरीक्षण ने यह साफ संदेश दे दिया है कि अब केवल कागजों पर ऑल इज वेल दिखाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि अधिकारियों को जमीन पर उतरकर काम करना होगा।
स्वच्छता और मरीज की सुविधाएं सर्वोच्च प्राथमिकता: शासन को कड़े निर्देश
अस्पताल परिसर का निरीक्षण पूरा करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने मौके पर ही मौजूद स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सरकारी और निजी चिकित्सालयों में स्वच्छता, रख-रखाव और मरीजों को मिलने वाली दवाओं व सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मंत्री ने चेतावनी दी कि हरिद्वार जैसे अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल पर, जहाँ रोजाना हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं, वहाँ के मुख्य चिकित्सालय की ऐसी बदहाली उत्तराखंड की छवि को धूमिल करती है। उन्होंने साफ किया कि आगामी दिनों में राज्यभर के अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण का यह सिलसिला थमेगा नहीं, बल्कि और तेज होगा।



