
23 अप्रैल 2026 को सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर घरेलू बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर आज सोने और चांदी के भाव कमजोर नजर आए। सुबह 10:22 बजे के आंकड़ों के अनुसार, सोने का 5 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.44% यानी 674 रुपये की गिरावट के साथ 1,51,983 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। कारोबार के दौरान सोने ने 1,51,719 रुपये का न्यूनतम स्तर और 1,52,200 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ।
वहीं, चांदी की कीमतों में और भी ज्यादा गिरावट देखने को मिली। चांदी का 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.64% यानी 4,076 रुपये टूटकर 2,44,288 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। आज चांदी ने 2,42,220 रुपये का लो और 2,44,730 रुपये का हाई लेवल बनाया।
बड़े शहरों में सोने के ताजा भाव
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के दाम में भी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली में सोने का भाव 1,51,870 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में यह करीब 1,52,130 रुपये पर बिक रहा है, जबकि कोलकाता में 1,51,970 रुपये के आसपास है। चेन्नई में सोना सबसे महंगा 1,52,290 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। वहीं बेंगलुरु और हैदराबाद में सोने के दाम 1,52,290 से 1,52,410 रुपये के बीच बने हुए हैं।
चांदी की कीमतों में भी नरमी
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी फीकी पड़ गई है। मुंबई में चांदी 2,45,300 रुपये प्रति किलो पर बिक रही है, जबकि दिल्ली में इसका भाव 2,44,620 रुपये है। चेन्नई में चांदी 2,45,130 रुपये और हैदराबाद में 2,45,320 रुपये प्रति किलो पर है। बेंगलुरु में चांदी का भाव 2,45,130 रुपये और कोलकाता में 2,44,610 रुपये के आसपास है।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह डॉलर की मजबूती मानी जा रही है। Dollar Index (डॉलर इंडेक्स) में 0.11% की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे यह 98.50 के स्तर के ऊपर पहुंच गया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने जैसी कमोडिटी की कीमतों पर दबाव बनता है क्योंकि यह डॉलर में ट्रेड होती हैं।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी एक बड़ा कारण है। Brent Crude 1.22% बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है, जबकि WTI Crude 94 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ी और सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी
सिर्फ भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार COMEX (COMEX) पर सोना 0.68% गिरकर 4,720 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। वहीं चांदी में 2.43% की गिरावट आई है और यह 76 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक डॉलर मजबूत बना रहेगा और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि, गिरती कीमतें उन लोगों के लिए अच्छा मौका हो सकती हैं जो लंबे समय के लिए सोने या चांदी में निवेश करना चाहते हैं या शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक हालात, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, और भू-राजनीतिक तनाव सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। अगर डॉलर और मजबूत होता है तो कीमतों में और गिरावट संभव है, जबकि किसी भी वैश्विक अनिश्चितता की स्थिति में सोना फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में चमक सकता है।
कुल मिलाकर, आज की गिरावट ने बाजार में हलचल जरूर पैदा की है, लेकिन यह निवेशकों के लिए एक अवसर भी बन सकती है।



