By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड: गौमुख ट्रैक फिलहाल बंद, भारी बर्फबारी बनी बड़ी वजह, यात्रियों को करना होगा इंतजार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड: गौमुख ट्रैक फिलहाल बंद, भारी बर्फबारी बनी बड़ी वजह, यात्रियों को करना होगा इंतजार
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड: गौमुख ट्रैक फिलहाल बंद, भारी बर्फबारी बनी बड़ी वजह, यात्रियों को करना होगा इंतजार

The Hill India News
Last updated: April 13, 2026 6:42 am
The Hill India News
Published: April 13, 2026
Share
SHARE

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध गौमुख ट्रैक पर फिलहाल आम यात्रियों की आवाजाही बंद कर दी गई है। इसकी मुख्य वजह ऊंचाई वाले इलाकों में हुई भारी बर्फबारी है, जिसके चलते ट्रैक पर कई फीट तक बर्फ जमा हो गई है और रास्ता पूरी तरह से बाधित हो गया है। प्रशासन और वन विभाग की टीमों द्वारा लगातार स्थिति का जायजा लिया जा रहा है, लेकिन अभी हालात ऐसे नहीं हैं कि आम पर्यटकों और श्रद्धालुओं को वहां जाने की अनुमति दी जा सके।

गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट भले ही 1 अप्रैल से खोल दिए गए हों, लेकिन गौमुख तक जाने वाला ट्रैक अभी भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। यही कारण है कि ट्रैक खुलने के लगभग दो हफ्ते बाद भी यहां यात्रियों के प्रवेश पर रोक जारी है। हाल ही में पार्क अधिकारियों और गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन की संयुक्त टीम ने ट्रैक का निरीक्षण किया। इस टीम ने कनखू बैरियर से भोजगढ़ी तक करीब 11 किलोमीटर पैदल मार्ग का निरीक्षण किया, लेकिन भोजगढ़ी नाले के पास अत्यधिक बर्फ होने के कारण उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा।

निरीक्षण दल में शामिल अधिकारियों का कहना है कि इस समय ट्रैक पर कई जगहों पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई है, जिससे रास्ता न सिर्फ फिसलन भरा हो गया है बल्कि कई जगहों पर पूरी तरह से ढंका हुआ है। ऐसे में आम यात्रियों के लिए यह ट्रैक बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है। हालांकि अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए स्थिति थोड़ी अलग है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित और अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए ट्रैकिंग संभव हो सकती है, लेकिन इसके लिए भी विशेष अनुमति और सुरक्षा उपाय जरूरी होंगे।

गढ़वाल हिमालय ट्रैकिंग एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि पर्वतारोहण गतिविधियों के लिए मार्ग में कोई बड़ी तकनीकी बाधा नहीं है। इसलिए प्रशासन को पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोलने पर विचार करना चाहिए। वहीं गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी ने कहा कि यदि आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी नहीं होती है, तो संभव है कि एक सप्ताह के भीतर पर्वतारोहियों के लिए ट्रैक खोल दिया जाए।

हालांकि आम पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि ट्रैक पर स्थित आश्रम और जीएमवीएन (गढ़वाल मंडल विकास निगम) के गेस्ट हाउस अभी तक पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाए हैं। ये सुविधाएं यात्रियों के ठहरने और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी मानी जाती हैं। जब तक ये व्यवस्थाएं पूरी तरह से बहाल नहीं हो जातीं, तब तक आम लोगों के लिए ट्रैक खोलना संभव नहीं है।

गौमुख ट्रैक धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह ट्रैक गंगोत्री से शुरू होकर लगभग 18 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गौमुख तक पहुंचता है, जो भागीरथी नदी (गंगा) का उद्गम स्थल है। आमतौर पर इस ट्रैक को दो दिनों में पूरा किया जाता है। पहले दिन यात्री गंगोत्री से भोजबासा तक करीब 14 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, जिसमें लगभग 6 से 7 घंटे का समय लगता है। इसके बाद दूसरे दिन भोजबासा से गौमुख तक करीब 4 किलोमीटर की दूरी तय कर दर्शन किए जाते हैं और फिर वापसी की जाती है।

यह ट्रैक हिमालय की अद्भुत सुंदरता, बर्फ से ढकी चोटियों, भागीरथी शृंखला के शानदार दृश्य और तपोवन की शांति के लिए जाना जाता है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु, प्रकृति प्रेमी और ट्रैकर्स यहां पहुंचते हैं। लेकिन इस बार मौसम की मार ने इस खूबसूरत यात्रा को फिलहाल रोक दिया है।

स्थानीय प्रशासन और वन विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही मौसम अनुकूल होगा और ट्रैक पूरी तरह से सुरक्षित घोषित किया जाएगा, वैसे ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। तब तक यात्रियों को धैर्य रखने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

You Might Also Like

दिल्ली में बड़ा खुलासा: 3.5 करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद, चार गिरफ्तार
दिल्ली में 42 बच्चों से भरी स्कूल बस ने स्कूटी और ऑटो को रौंदा, 1 की मौत, कई घायल
MS Dhoni जल्द करेंगे एक्टिंग में डेब्यू, पत्नी साक्षी ने किया बड़ा खुलासा
IPL 2026: होटल में खिलाड़ियों से कौन चोरी-छिपे मिल रहा? BCCI का बड़ा एक्शन, 7 पन्नों की सख्त गाइडलाइन जारी
प्रयागराज : महाकुंभ भगदड़ में 25 श्रद्धालुओं की मौत 5.71 करोड़ लोग लगा चुके डुबकी
TAGGED:GangotriGaumukh TrekMountain WeatherSnowfallTrekking AlertUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्डराजनीति

उत्तराखंड में चुनावी जंग तेज! कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ के जवाब में BJP निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’, धामी ने किया बड़ा ऐलान

The Hill India News
The Hill India News
October 22, 2026
SBI में बड़ा डेटा लीक! डार्क वेब पर पहुंचे 3,897 ग्राहकों के निजी रिकॉर्ड, नाम-पता से लेकर लोन के दस्तावेज तक उजागर
देहरादून में पद्मश्री योगी ऐरन के ‘जंगल-मंगल’ पर हमला! 50 लोगों की भीड़ पर तोड़फोड़ और धमकी देने का आरोप, जमीन के दस्तावेज खंगाल रही पुलिस
उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?