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हैदराबाद में नशे की लत ने उजाड़ दी जिंदगी: सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने घर की छत पर उगाया गांजा, गिरफ्तार

हैदराबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नशे की लत ने एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पूरी जिंदगी को पटरी से उतार दिया। कभी आईटी सेक्टर में अच्छी नौकरी करने वाला यह युवक आज बेरोजगार हो गया और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होकर जेल पहुंच गया। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा चेतावनी संकेत है कि नशा किस तरह एक व्यक्ति के करियर और जीवन को बर्बाद कर सकता है।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान सी.एच. शशिधर के रूप में हुई है, जो हैदराबाद के नचारम इलाके में रहता था। शशिधर ने एक सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी शुरू की थी और शुरुआती दौर में उसका करियर काफी अच्छा चल रहा था। लेकिन कुछ ही महीनों में वह गांजे की लत का शिकार हो गया। धीरे-धीरे उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा नशे पर खर्च होने लगा। हालत यह हो गई कि उसकी पूरी सैलरी लगभग नशीले पदार्थों में ही खत्म होने लगी।

काम के बढ़ते दबाव और नशे की लत के कारण वह अपनी नौकरी पर ध्यान नहीं दे पाया। आखिरकार उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। बेरोजगारी और नशे की बढ़ती जरूरत ने उसे गलत रास्ते पर धकेल दिया। जब उसके पास गांजा खरीदने के लिए पैसे नहीं बचे, तो उसने एक खतरनाक फैसला लिया—अपने ही घर की छत पर गांजे की खेती शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि शशिधर ने अपने घर की छत पर गमलों में गांजे के पौधे लगाए और उनकी देखभाल करने लगा। कुछ ही समय में ये पौधे काफी बड़े हो गए। पुलिस के अनुसार, कुछ पौधों में फूल भी आ चुके थे और कुछ पौधे तीन मीटर तक ऊंचे हो चुके थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन पौधों से करीब 10 किलो तक गांजा तैयार किया जा सकता था।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर सीआई बलराज के नेतृत्व में रंगा रेड्डी एनफोर्समेंट टीम ने नचारम के गांधी नगर स्थित शशिधर के घर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से 17 गांजे के पौधे बरामद किए। इसके बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और आगे की कार्रवाई के लिए घाटकेसर एक्साइज पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। हाल के दिनों में हैदराबाद और उसके आसपास के इलाकों में गांजे की तस्करी और सेवन के मामले तेजी से बढ़े हैं। खास बात यह है कि इन मामलों में बड़ी संख्या में युवा छात्र और नौकरीपेशा लोग शामिल पाए जा रहे हैं। कई लोग नशे के आदी होकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग जल्दी पैसा कमाने के लालच में इसकी सप्लाई में जुड़ रहे हैं।

इसी कड़ी में एक अन्य कार्रवाई के दौरान मेडीपल्ली इलाके में दो बी.टेक छात्रों को भी गांजा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उनके पास से करीब 480 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों छात्र छोटे स्तर पर गांजे की सप्लाई में शामिल थे।

एक्साइज विभाग ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक कई बड़े ऑपरेशन चलाए गए हैं, जिनमें भारी मात्रा में गांजा जब्त किया गया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक मामले में 8 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया, जबकि दूसरे मामले में 10 किलो गांजे के साथ तीन लोगों को पकड़ा गया।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नशे के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। गांजे के सेवन, बिक्री या तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और अपने करियर व भविष्य पर ध्यान दें।

यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि नशा केवल एक आदत नहीं, बल्कि एक ऐसी बुरी लत है जो इंसान से उसका सब कुछ छीन सकती है—करियर, सम्मान और आजादी तक। इसलिए समाज और परिवार दोनों को मिलकर इस समस्या के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन मिल सके।

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