
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के चहुंमुखी विकास और आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों को गति देते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹256 करोड़ की भारी-भरकम वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा आपदा प्रबंधन और जिलों की त्वरित राहत क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आवंटित किया गया है, जो ‘देवभूमि’ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के इस कदम से न केवल हरिद्वार में होने वाले आगामी कुंभ मेले की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश के सभी 13 जनपदों को आपदा से निपटने के लिए सीधे तौर पर बड़ी आर्थिक शक्ति मिलेगी।
आपदा प्रबंधन: जिलों को किया गया ‘आर्थिक’ रूप से सशक्त
उत्तराखंड एक आपदा संवेदनशील राज्य है, जहाँ मानसून और सर्दियों के दौरान बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचता है। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के तहत 15वें वित्त आयोग की अवशेष धनराशि से प्रत्येक जनपद के लिए ₹10 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
इस ₹10 करोड़ की राशि का वितरण तीन मुख्य मदों में किया गया है:
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राहत एवं बचाव मद: प्रत्येक जनपद को ₹3.00 करोड़।
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पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद: प्रत्येक जनपद को ₹5.00 करोड़।
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तैयारी एवं क्षमता विकास मद: प्रत्येक जनपद को ₹2.00 करोड़।
कुल मिलाकर, प्रदेश के सभी 13 जिलों के लिए ₹130 करोड़ अवमुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ‘नोन एसडीआरएफ’ (Non-SDRF) मद के तहत जिलाधिकारियों को आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए प्रति जनपद ₹2 करोड़ की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की गई है, जिसकी कुल लागत ₹26.00 करोड़ है।
कुम्भ मेला-2027: सड़कों का होगा कायाकल्प
वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ को ‘भव्य और दिव्य’ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने सड़क बुनियादी ढांचे के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-58 से औद्योगिक क्षेत्र तक: चार लेन मार्ग के नवीनीकरण हेतु ₹2.72 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
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पथुलोक बैराज मार्ग: 5 किमी तक के बी.सी. (Bituminous Concrete) सुधार कार्य के लिए ₹2.13 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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बहादराबाद-रोहाल्की तिराहा: अलीपुर-सुकरासा-पथरी अम्बूवाला मार्ग के नवीनीकरण के लिए ₹1.36 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है।
इन योजनाओं का उद्देश्य कुंभ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को जाम मुक्त और सुगम यातायात का अनुभव प्रदान करना है।
पेयजल संकट का समाधान: देहरादून से लेकर रुद्रप्रयाग तक राहत
मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न नगरों में पेयजल की किल्लत दूर करने के लिए SASCI कार्यक्रम के अंतर्गत बड़ी धनराशि को मंजूरी दी है।
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देहरादून (पित्थूवाला शाखा): कमला पैलेस और जी.एम.एस. रोड क्षेत्र में नलकूप निर्माण, राइजिंग मेन और वितरण प्रणाली के लिए ₹20.37 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इससे दून के एक बड़े शहरी क्षेत्र को शुद्ध पेयजल मिलेगा।
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रुद्रप्रयाग (तिलवाड़ा): नगर पंचायत पेयजल योजना के लिए ₹39.86 करोड़।
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चमोली (पीपलकोटी): नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹24.38 करोड़।
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टिहरी गढ़वाल (हिण्डोलाखाल): पंपिंग पेयजल योजना के लिए ₹9.73 करोड़।
पहाड़ी क्षेत्रों में पंपिंग पेयजल योजनाओं के लिए यह बजट मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इससे दूरदराज के क्षेत्रों में ‘हर घर नल से जल’ के संकल्प को मजबूती मिलेगी।
शहीदों का सम्मान: रुड़की के ‘सुनहरा मार्ग चौराहा’ का नया नाम
विकास कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए एक महत्वपूर्ण अनुमोदन प्रदान किया है। रुड़की नगर निगम के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध ‘सुनहरा मार्ग चौराहा’ का नाम अब बदलकर ‘शहीद चौक’ रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्थानीय जनता और पूर्व सैनिकों ने स्वागत किया है, इसे देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले बलिदानियों के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि माना जा रहा है।
सुशासन और त्वरित विकास पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह वित्तीय स्वीकृति दर्शाती है कि राज्य सरकार का ध्यान केवल मेगा इवेंट्स (जैसे कुंभ) पर ही नहीं, बल्कि जिलों की आंतरिक मजबूती और बुनियादी सुविधाओं पर भी समान रूप से केंद्रित है। आपदा के लिए बजट की अग्रिम व्यवस्था करना शासन की दूरगामी सोच का परिचायक है। आने वाले समय में ये परियोजनाएं धरातल पर उतरने के बाद उत्तराखंड के विकास की तस्वीर बदलने का सामर्थ्य रखती हैं।


