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Delhi: 17 छात्राओं से यौन शोषण का आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, पटियाला हाउस कोर्ट में कल होगी सुनवाई

The Hill India News
Last updated: November 26, 2025 12:21 pm
The Hill India News
Published: November 26, 2025
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में संचालित एक प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान से जुड़े आश्रम में 17 छात्राओं के कथित यौन शोषण मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज प्रकरण में मुख्य आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती सहित चार लोगों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। अदालत में इस चार्जशीट पर कल महत्वपूर्ण सुनवाई प्रस्तावित है, जिसे इस मामले की दिशा बदलने वाली सुनवाई माना जा रहा है।

Contents
12 वर्षों से आश्रम का संचालन, छात्राओं की देखरेख का जिम्मा17 छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप, बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्जपुलिस ने चार्जशीट में क्या-क्या शामिल किया?तिहाड़ में बंद है मुख्य आरोपीपहले भी रहा है आरोपों का इतिहासआश्रम प्रबंधन भी जांच के दायरे मेंदेशभर में उठ रहे सवालसरकारी एजेंसियां भी अलर्टकल की सुनवाई क्यों महत्वपूर्ण?

12 वर्षों से आश्रम का संचालन, छात्राओं की देखरेख का जिम्मा

चैतन्यानंद सरस्वती मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह लगभग पिछले 12 वर्षों से दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के आश्रम में रह रहा था। आश्रम के संचालन, दैनिक गतिविधियों की देखरेख और छात्राओं की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्य उसी के जिम्मे थे।

इसी आश्रम में रह रही विभिन्न राज्यों से आई छात्राओं ने बीते महीनों में शिकायतें दर्ज कराईं कि चैतन्यानंद लंबे समय से उनका यौन शोषण कर रहा था। उनकी शिकायत आने के बाद पुलिस ने तत्काल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था।

17 छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप, बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज

ताज़ा जानकारी के मुताबिक, 17 छात्राओं ने अपने बयान दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि आश्रम में रहते हुए उन्हें कई बार चैतन्यानंद सरस्वती द्वारा शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी पीड़िताओं के बयान मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत दर्ज कराए गए हैं, ताकि आगे की प्रक्रिया में किसी भी तकनीकी आपत्ति की गुंजाइश न रहे।

ये बयान इस बात को दर्शाते हैं कि आरोप केवल सतही नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से वर्षों तक चलता रहा एक गंभीर अपराध है, जिसकी परतें अब खुल रही हैं।

पुलिस ने चार्जशीट में क्या-क्या शामिल किया?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस की चार्जशीट में शामिल हैं—

  • पीड़ित छात्राओं के बयान
  • आश्रम परिसर में एकत्र किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य
  • चैतन्यानंद सरस्वती के मोबाइल डेटा, सीसीटीवी रिकॉर्ड
  • आश्रम स्टाफ से पूछताछ
  • मेडिकल रिपोर्ट्स
  • मनोवैज्ञानिक आकलन

चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि आरोपी अपने पद और धार्मिक छवि का दुरुपयोग करके छात्राओं पर दबाव बनाता था, ताकि वे उसके खिलाफ आवाज न उठा सकें।

तिहाड़ में बंद है मुख्य आरोपी

गिरफ्तारी के बाद से चैतन्यानंद सरस्वती न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पुलिस ने अदालत में बताया है कि आरोपी से कई बार पूछताछ की गई, लेकिन उसने अधिकांश सवालों के जवाब टालने या स्वयं को निर्दोष बताने की कोशिश की।

पुलिस ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी है कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनसे उसका पैटर्न स्पष्ट होता है।

पहले भी रहा है आरोपों का इतिहास

यह मामला चैतन्यानंद का पहला विवाद नहीं है।

  • 2009 में, दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था।
  • 2016 में, उसके खिलाफ एक महिला ने छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस का कहना है कि पूर्व मामलों के रिकॉर्ड उसकी प्रवृत्ति को उजागर करते हैं और यह दर्शाते हैं कि चैतन्यानंद लंबे समय से गलत गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

आश्रम प्रबंधन भी जांच के दायरे में

चार्जशीट में यह बिंदु भी शामिल किया गया है कि आश्रम का प्रबंधन कैसे इतने लंबे समय तक इन गतिविधियों से अनजान रहा। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या आश्रम प्रशासन ने किसी स्तर पर इस घटना को दबाने या अनदेखा करने की कोशिश की थी।

पुलिस के अनुसार, आश्रम से जुड़े तीन अन्य व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। यह जांच की जा रही है कि क्या उन्होंने चैतन्यानंद को यौन शोषण को छिपाने में मदद की, या किसी रूप में इस अपराध में सहभागी थे।

देशभर में उठ रहे सवाल

मामले के उजागर होने के बाद कई सामाजिक संगठनों और बाल संरक्षण समितियों ने चिंता व्यक्त की है कि कैसे दिल्ली जैसे महानगर में एक प्रतिष्ठित संस्थान के भीतर इतने लंबे समय तक यह अपराध चलता रहा।
कई विशेषज्ञों का कहना है कि देश भर में छात्रावासों और आश्रमों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त करने की ज़रूरत है, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।

सरकारी एजेंसियां भी अलर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने भी पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यदि आवश्यकता हुई तो छात्राओं के पुनर्वास के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कल की सुनवाई क्यों महत्वपूर्ण?

पटियाला हाउस कोर्ट में कल होने वाली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस दौरान—

  • पुलिस चार्जशीट का संक्षिप्त विवरण पेश करेगी
  • अदालत आरोप तय करने की दिशा में अगला कदम उठाएगी
  • आगे की न्यायिक प्रक्रिया की रोडमैप तैयार होगा

यदि अदालत चार्ज स्वीकार कर लेती है, तो इस मामले में तेजी से सुनवाई प्रारंभ हो सकती है।

वसंत कुंज के आश्रम में 17 छात्राओं के यौन शोषण का यह मामला दिल्ली ही नहीं, पूरे देश के लिए चेतावनी है। यह न केवल धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि कैसे प्रभाव और पद का उपयोग कर लंबे समय तक अपराध को ढका जा सकता है।

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब पूरा देश अदालत की अगली सुनवाई पर नजरें टिकाए हुए है, जो शायद इस मामले में न्याय की ओर पहला बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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