
देहरादून, 26 नवंबर 2025। जिला प्रशासन ने देहरादून में सरकारी भूमि और परिसंपत्तियों पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित अतिक्रमण-मुक्त अभियान की पाँचवीं अंतरविभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि “समयबद्ध कार्रवाई ही अतिक्रमण-मुक्ति का आधार है—और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
समीक्षा बैठक में डीएम ने दो टूक स्पष्ट किया कि जिन विभागों की परिसम्पत्तियों पर अतिक्रमण चिन्हित है, उन पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित अधिकारियों के वेतन रोकने, निलंबन, और सेवा बाधित करने जैसे कदम उठाए जाएंगे।
“अब केवल चिट्ठियाँ लिखने का दौर खत्म—धरातल पर एक्शन दिखाई देना चाहिए,”
डीएम ने उपस्थित अधिकारियों को फटकारते हुए कहा।
अतिक्रमण हटाने की समयसीमा अधिकारियों से ही मांगी गई
बैठक में जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रत्येक विभाग से सीधे पूछा कि वे चिन्हित अतिक्रमणों को किस समयसीमा में हटाएंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शासन स्तर पर भी इस अभियान की निरंतर समीक्षा हो रही है, इसलिए किसी भी विभाग की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीएम ने विभागों को निर्देश दिए कि:
- तय समयसीमा के भीतर सभी चिन्हित अतिक्रमण हटाए जाएं
- प्रगति का अद्यतन विवरण तत्काल गूगल शीट में दर्ज किया जाए
- जिन विभागों की भूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं है, वे प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें
उन्होंने साफ कहा कि इस अभियान में हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी और किसी प्रकार की लापरवाही को गंभीर अनियमितता माना जाएगा।
ईओ हरबर्टपुर को डीएम की कड़ी फटकार—2 दिन में कार्रवाई न हुई तो निलंबन तय
बैठक के दौरान डीएम को बताया गया कि नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर क्षेत्र में तीन पुराने चिन्हित अतिक्रमण अब भी लंबित हैं।
जब यह जानकारी सामने आई कि कार्रवाई के लिए केवल पत्र लिखे जाने का हवाला दिया जा रहा है, जबकि पत्र अभी 22 नवंबर को जारी हुआ है, तो डीएम बंसल ने ईओ हरबर्टपुर को सख्त चेतावनी दी।
डीएम ने कहा:
“बार-बार चिट्ठीबाजी का बहाना नहीं चलेगा। यदि दो दिन में अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो निलंबन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”
अतिक्रमण को विकास और प्रशासन दोनों के लिए बताया गंभीर खतरा
डीएम बंसल ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न केवल विकास कार्यों को प्रभावित करता है बल्कि:
- सार्वजनिक सुविधाओं में बाधा उत्पन्न करता है
- कानून-व्यवस्था की स्थिति को जटिल बनाता है
- विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब पैदा करता है
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दो दिन के भीतर विभाग अपने-अपने परिसंपत्तियों की अद्यतन सूची, अतिक्रमण की स्थिति और प्रस्तावित कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
अभियान के दौरान वीडियोग्राफी और डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी ढंग से हो। इसके लिए उन्होंने कहा:
- प्रत्येक कार्रवाई की वीडियोग्राफी की जाए
- साइट मैपिंग और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान अनिवार्य किया जाए
- सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
- आगे किसी विवाद की संभावना न रहे, इसके लिए पूर्ण दस्तावेजीकरण किया जाए
उन्होंने सभी विभागों—राजस्व, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, सिंचाई, वन, लोक निर्माण आदि—से संयुक्त अभियान चलाने को कहा।
विभागवार प्रगति रिपोर्ट: कौन आगे और कौन पीछे?
बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। रिपोर्ट के अनुसार:
नगर निकाय
- नगर पालिका परिषद विकासनगर: 2 प्रकरण—1 हाई कोर्ट में, 1 पीपी एक्ट नोटिस
- नगर पालिका परिषद डोईवाला: 3 में से 1 अतिक्रमण हटाया गया, 2 पर पीपी एक्ट नोटिस
- नगर पालिका परिषद मसूरी: 99 चिन्हित अतिक्रमण में से 9 हटाए गए
- डीएम ने ऑनलाइन जुड़े एसडीएम मसूरी को ईओ से सख्त अनुपालन कराने के निर्देश दिए
- हरबर्टपुर: 3 पुरानी फाइलें लंबित—2 दिन की चेतावनी
लोक निर्माण विभाग (PWD)
- प्रांतीय खंड: 125 में से 87 अतिक्रमण हटाए
- ऋषिकेश खंड: 274 में से 79 हटाए
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH)
- देहरादून खंड: 4 में से 2 हटाए
- डोईवाला खंड: 9 में से 7 हटाए
सिंचाई विभाग
- 315 में से 221 अतिक्रमण हटाए गए
नगर निगम देहरादून
- 203 चिन्हित अतिक्रमण में से 194 हटाए—सबसे बेहतर प्रदर्शन
राजस्व विभाग
- सदर: 54 में से 49 हटाए
- विकासनगर: 34 में से 20 हटाए
- डोईवाला: 26 में से 19 हटाए
- ऋषिकेश: 46 में से 30 हटाए
- चकराता, कालसी, त्यूनी: कुल 15 चिन्हित प्रकरण लंबित
अधिकारीगण उपस्थित
बैठक में प्रभावी वनाधिकारी नीरज शर्मा, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह सहित अनेक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अभियान होगा और भी कड़ा—डीएम की स्पष्ट कार्यशैली
जिलाधिकारी सविन बंसल ने अंत में कहा कि अतिक्रमण-मुक्ति अभियान जिला प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है और आगे किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा:“जिले की हर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना हमारा संकल्प है। समयसीमा में कार्य न करने वाले अधिकारी खुद परिणाम के लिए तैयार रहें।”



