
देहरादून में 30 मार्च को हुई दर्दनाक फायरिंग घटना में जान गंवाने वाले सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का बुधवार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। मॉर्निंग वॉक पर निकले एक वरिष्ठ नागरिक और पूर्व सैन्य अधिकारी की इस तरह आकस्मिक मौत ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंतिम संस्कार के दौरान परिवारजनों, स्थानीय लोगों और कई गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रही। ब्रिगेडियर जोशी के बेटे ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
सीएम धामी ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में “ऑपरेशन प्रहार” चलाकर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Harish Rawat भी ब्रिगेडियर जोशी की अंत्येष्टि में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घटना पर दुख व्यक्त किया और राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और सरकार को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
घटना की बात करें तो 30 मार्च की सुबह देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोहड़ी गांव में यह हादसा हुआ था। पुलिस के अनुसार, एक नाइट क्लब में बिल को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते मारपीट और फिर फायरिंग में बदल गया। आरोप है कि बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो में सवार कुछ युवकों ने ‘जेन जी क्लब’ से जुड़े लोगों की फॉर्च्यूनर कार पर गोलियां चलाईं।
इसी दौरान पास से मॉर्निंग वॉक कर रहे 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी अचानक इस फायरिंग की चपेट में आ गए। उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह घटना न केवल एक निर्दोष नागरिक की जान ले गई, बल्कि शहर में सुरक्षा को लेकर लोगों के मन में भय भी पैदा कर गई।
घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच तेज कर दी गई। इस केस से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार



