
देहरादून | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर शहर की सड़कों को छलनी करने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनमानस की सुरक्षा को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण कार्यों और रोड कटिंग की सभी अनुमतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रशासन का यह कड़ा फैसला शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और संभावित आपदाओं के मद्देनजर लिया गया है।
लापरवाही पर चला प्रशासन का हंटर: क्यों लिया गया यह फैसला?
जिला प्रशासन के संज्ञान में आया था कि शहर के विभिन्न हिस्सों में जल संस्थान, यूपीसीएल, स्मार्ट सिटी और अन्य विभागों द्वारा सड़क काटकर पाइपलाइन और केबल डालने का काम किया जा रहा है। हालांकि, इन कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था।
प्रशासन की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में निम्नलिखित गंभीर कमियां पाई गईं:
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कार्यस्थल पर सुरक्षा बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतकों (Signages) का अभाव।
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संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारियों की कार्यस्थल पर अनुपस्थिति।
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खुली छोड़ दी गई सड़कें और बेतरतीब ढंग से फैली निर्माण सामग्री।
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पेनल्टी और मुकदमों के बावजूद कार्यदायी संस्थाओं के व्यवहार में सुधार न होना।
10 दिन का अल्टीमेटम: मशीनों को हटाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि सभी कार्यदायी संस्थाएं एक दिन के भीतर अपने कार्यक्षेत्र से मशीनरी और निर्माण सामग्री हटा लें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 10 दिन के भीतर सड़कों को उसकी पुरानी स्थिति (First position) में लाना अनिवार्य होगा।
अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी (PWD) और एनएच (NH) को निर्देशित किया गया है कि वे अभियंताओं की रोस्टर वार ड्यूटी लगाएं ताकि सुधारीकरण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी की जा सके।
इन प्रमुख विभागों की अनुमतियां हुईं निरस्त
परियोजना समन्वय समिति देहरादून ने जिन प्रमुख विभागों और संस्थानों को दी गई अनुमतियां रद्द की हैं, उनमें शामिल हैं:
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उत्तराखंड जल संस्थान (दक्षिण और अन्य शाखाएं)
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UPCL (आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड क्षेत्र)
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पेयजल संस्थान विकास एवं निर्माण निगम, राजेंद्र नगर
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देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड, कौलागढ़ रोड
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UUSDA, देहरादून
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा कंट्रोल रूम से आकस्मिकता के आधार पर दी गई सभी कार्यालय अनुमतियां भी अब अमान्य होंगी।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: DM सविन बंसल का कड़ा संदेश
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि निर्माण कार्यों के नाम पर जनता की जान को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। सड़क कटिंग के बाद उन्हें उसी हाल में छोड़ देने से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने के बाद भी विभागों द्वारा कार्यशैली में सुधार न लाना चिंताजनक है, जिसके कारण यह सख्त निर्णय लेना पड़ा।
आगे क्या होगा?
आगामी 10 दिनों तक शहर की प्रमुख सड़कों पर मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चलेगा। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़कें दुरुस्त नहीं की जाती हैं, तो संबंधित विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। शहरवासियों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि धूल और गड्ढों से राजधानी की सूरत बिगड़ रही थी।



