By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: ग्वालियर में सीएसपी और वकील आमने-सामने: ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा फूलबाग, प्रशासन अलर्ट पर
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > ग्वालियर में सीएसपी और वकील आमने-सामने: ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा फूलबाग, प्रशासन अलर्ट पर
देशफीचर्ड

ग्वालियर में सीएसपी और वकील आमने-सामने: ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा फूलबाग, प्रशासन अलर्ट पर

The Hill India News
Last updated: October 15, 2025 2:05 am
The Hill India News
Published: October 15, 2025
Share
SHARE

ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में सोमवार शाम एक ऐसा वाकया हुआ जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र और आम लोगों को चौंका दिया। फूलबाग इलाके में एक ओर शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा थे, और दूसरी ओर पुलिस अधिकारी सीएसपी हिना खान।

Contents
सुंदरकांड पाठ रोकने से भड़के वकील, नारेबाज़ी से गर्म हुआ माहौलधारा 163 लागू, प्रशासन हाई अलर्ट परपिछले वीडियो से भड़का था विवाद‘यह धर्म का नहीं, प्रशासन का आदेश है’ — हिना खानसोशल मीडिया पर निगरानी, 260 पोस्ट हटाई गईंग्वालियर की सियासत में नई बहस – ‘नारे की राजनीति या अनुशासन का सवाल?’फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, लेकिन तनाव बरकरार

दोनों के बीच पहले प्रशासनिक आदेश को लेकर तीखी बहस हुई और देखते ही देखते पूरा माहौल धार्मिक नारों से गूंज उठा — “जय श्री राम, जय श्री राम…”

जो मामला दरअसल धारा 163 (भारतीय न्याय संहिता) के तहत लगी निषेधाज्ञा के पालन को लेकर शुरू हुआ था, वह अचानक धार्मिक नारों की टकराहट में तब्दील हो गया। प्रशासन पहले से ही डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना विवाद को लेकर सतर्क था, लेकिन इस अप्रत्याशित भिड़ंत ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए।


सुंदरकांड पाठ रोकने से भड़के वकील, नारेबाज़ी से गर्म हुआ माहौल

सूत्रों के मुताबिक, सोमवार की शाम एडवोकेट अनिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ फूलबाग क्षेत्र में सुंदरकांड पाठ करने पहुंचे थे। लेकिन सीएसपी हिना खान ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोक दिया। उन्होंने कहा कि शहर में निषेधाज्ञा लागू है और किसी भी तरह की सभा, जुलूस या धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं है।
इस पर मिश्रा भड़क गए और उन्होंने कहा —
“आप सनातन धर्म के खिलाफ हैं। आपने हमारे धर्म का अपमान किया है।”

यह सुनते ही उन्होंने “जय श्री राम” के नारे लगाने शुरू कर दिए।
हैरान करने वाली बात यह रही कि सीएसपी हिना खान ने भी जवाब में वही नारा दोहराया।
उन्होंने मिश्रा की ओर देखते हुए चार बार “जय श्री राम” कहा और पूछा — “और क्या?”
यह दृश्य कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके में फैल गया और भीड़ ने ज़ोरदार नारेबाज़ी शुरू कर दी।


धारा 163 लागू, प्रशासन हाई अलर्ट पर

ग्वालियर प्रशासन ने पिछले हफ्ते बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर बढ़ते विवाद के चलते पूरे शहर में धारा 163 लागू कर दी थी।
इस धारा के तहत किसी भी प्रकार का जुलूस, धरना या सार्वजनिक सभा प्रतिबंधित है। इसके बावजूद जब वकील अपने समर्थकों के साथ फूलबाग पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।

कलेक्टर रुचिका चौहान और आईजी अरविंद सक्सेना के अनुसार, शहर में करीब 4,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन पेट्रोलिंग और बैरिकेडिंग की गई है।
रातभर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने फ्लैग मार्च निकाला, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।


पिछले वीडियो से भड़का था विवाद

इस पूरे टकराव की जड़ एक पुराने विवादित वीडियो को माना जा रहा है, जो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
वीडियो में अधिवक्ता अनिल मिश्रा को लेकर डॉ. आंबेडकर के कथित अपमान का आरोप लगाया गया था।
इस वीडियो के बाद ग्वालियर और महाराष्ट्र में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

विवाद बढ़ने के बाद शहर में भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी और ओबीसी महासभा जैसे संगठनों ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि बाद में प्रशासन से बातचीत के बाद 15 अक्टूबर का प्रस्तावित धरना प्रदर्शन वापस ले लिया गया।
इसके बावजूद, शहर में माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है।


‘यह धर्म का नहीं, प्रशासन का आदेश है’ — हिना खान

सूत्रों के अनुसार, जब मिश्रा ने हिना खान पर धर्म विरोधी रवैये का आरोप लगाया, तो उन्होंने शांत स्वर में जवाब दिया —
“यह धर्म का नहीं, प्रशासन का आदेश है।”

लेकिन समर्थकों की भीड़ के बीच नारेबाज़ी का सिलसिला इतना तेज़ हुआ कि पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
हालांकि किसी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ की घटना नहीं हुई, लेकिन टकराव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला राज्य स्तर तक चर्चा में आ गया है।


सोशल मीडिया पर निगरानी, 260 पोस्ट हटाई गईं

ग्वालियर प्रशासन ने बताया कि शहर में फैल रही भड़काऊ पोस्टों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
अब तक 260 से अधिक पोस्ट हटाई जा चुकी हैं, जबकि 700 अतिरिक्त पुलिसकर्मी संवेदनशील इलाकों में तैनात किए गए हैं।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा —
“हमारी प्राथमिकता शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। प्रशासन किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है। सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।”


ग्वालियर की सियासत में नई बहस – ‘नारे की राजनीति या अनुशासन का सवाल?’

घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय सियासत में यह बहस तेज़ हो गई है कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा धार्मिक नारा लगाने को “धार्मिक सहिष्णुता” के तौर पर देखा जाए या “प्रशासनिक अनुशासन भंग” के रूप में।
कुछ लोग इसे “सीएसपी की साहसिक प्रतिक्रिया” कह रहे हैं, जबकि कई लोगों का मानना है कि यह विवेकहीन क्षण था जिसने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

ग्वालियर के वरिष्ठ समाजशास्त्री डॉ. ए.के. चौधरी ने कहा —
“यह घटना दिखाती है कि धर्म और प्रशासन के बीच की रेखा कितनी पतली होती जा रही है। पुलिसकर्मी और वकील दोनों ही जनता के प्रतिनिधि हैं, लेकिन कानून का पालन सबसे ऊपर होना चाहिए।”


फिलहाल स्थिति नियंत्रण में, लेकिन तनाव बरकरार

मंगलवार तक शहर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
फूलबाग, लश्कर और हजीरा इलाकों में पुलिस की गश्त लगातार जारी है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर संयम बरतने की अपील की है।

हालांकि स्थानीय स्तर पर लोग अब भी इस घटना पर दो राय हैं —क्या यह कानून व्यवस्था की सख्ती का मामला था या प्रशासनिक संवादहीनता का परिणाम?

एक बात तय है — ग्वालियर इस वक्त मध्यप्रदेश के सबसे संवेदनशील शहरों में से एक बना हुआ है,
जहाँ एक नारा, एक वीडियो, या एक विवाद भी शहर की शांति को हिला सकता है।

ग्वालियर की यह घटना सिर्फ एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि उस सामाजिक और प्रशासनिक द्वंद्व की झलक है, जो आज के भारत में अक्सर सामने आता है —जहाँ धर्म, राजनीति और कानून की सीमाएँ बार-बार एक-दूसरे से टकरा रही हैं।

You Might Also Like

BJP उम्मीदवार पर बयान देकर बुरे फंसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर, मिला मानहानि का कानून नोटिस
GST दर में बदलाव पर मंथन : रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर घटने की उम्मीद
नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के परिणामों की घोषणा की
शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 900 अंक लुढ़का, निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ मिनटों में स्वाहा
Uttarakhand: सत्ता और संवेदना का संगम: जब काफिला रोक सड़क हादसे में घायल युवक की मदद को उतरे मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

नई साड़ी नहीं लाने पर पत्नी ने कुकर के ढक्कन से हमला कर ली पति की जान, बेनकाब हुई खौफनाक साजिश

The Hill India News
The Hill India News
July 22, 2026
‘मैं जीना चाहता हूं, लेकिन युवाओं के भविष्य की कीमत पर नहीं’ – सोनम वांगचुक का केंद्र सरकार को भावुक व कड़ा पत्र
देहरादून में ड्रग्स तस्करी पर बड़ा प्रहार: 30 लाख की MDMA और स्मैक बरामद, हाई-प्रोफाइल पार्टियों तक पहुंचने से पहले आरोपी गिरफ्तार
‘152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित’: शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, सरकार से मांगे जवाब और कार्रवाई
उत्तराखंड की एकल महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: मुख्यमंत्री धामी ने स्वरोजगार योजना के द्वितीय चरण में 488 महिलाओं को सौंपी ₹2.76 करोड़ से अधिक की सहायता राशि
ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: दो महिला जजों ने सुनवाई से किया इनकार, गिरीबाला की जमानत याचिका CBI कोर्ट ट्रांसफर
CJP प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज मामले में दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस; सबूत सुरक्षित रखने के दिए निर्देश
INS मालवन से बढ़ी भारतीय नौसेना की ताकत, समुद्र में दुश्मनों पर रखेगा पैनी नजर; आत्मनिर्भर भारत को मिला नया सुरक्षा कवच
उत्तराखंड के स्कूलों में मिड-डे मील की होगी रियल टाइम निगरानी, हर विद्यालय का सोशल ऑडिट अनिवार्य; शिक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं पर सरकार का बड़ा फोकस
लोकसभा में बड़ा एक्शन: महिला सांसदों पर कथित अभद्र टिप्पणी के बाद TMC सांसद कल्याण बनर्जी निलंबित, संसद में मचा सियासी तूफान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?