देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस पूर्व सैनिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी के आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी और उत्साह के साथ उनका भव्य स्वागत किया। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। कर्नल रोहित चौधरी अपने देशव्यापी “अग्निवीर आक्रोश यात्रा” के तहत देहरादून पहुंचे, जहां उन्होंने अग्निवीर योजना, सैनिकों के सम्मान और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।
स्वागत समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि रही है और यहां के युवाओं का सेना में भर्ती होने का गौरवशाली इतिहास रहा है। ऐसे में सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए यह यात्रा प्रदेश में एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आई है।
अपने संबोधन में कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा केवल आधुनिक हथियारों से नहीं, बल्कि मजबूत सैन्य व्यवस्था, प्रशिक्षित जवानों और उच्च मनोबल से सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि सेना की मजबूती राष्ट्र की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार का समझौता देशहित में नहीं हो सकता।
उन्होंने अग्निवीर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना में कई ऐसी व्यावहारिक चुनौतियां हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, योजना के वर्तमान स्वरूप को लेकर युवाओं के भविष्य, सैन्य प्रशिक्षण की निरंतरता और सशस्त्र बलों की दीर्घकालिक क्षमता को लेकर अनेक सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से लगातार उठाती रहेगी और सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की आवाज को मजबूती से देश के सामने रखेगी।
कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि सेना देश की सबसे सम्मानित संस्थाओं में से एक है और इसके साथ जुड़े हर निर्णय का दूरगामी प्रभाव पड़ता है। इसलिए आवश्यक है कि सैनिकों के हितों और युवाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सभी नीतियों की समय-समय पर समीक्षा की जाए।
इस अवसर पर परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि कर्नल रोहित चौधरी का देहरादून आगमन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को “वीरभूमि” के नाम से जाना जाता है, जहां लगभग हर परिवार का सेना से किसी न किसी रूप में जुड़ाव रहा है। ऐसे प्रदेश में सैनिकों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद और जनजागरण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सैनिकों के सम्मान और युवाओं के रोजगार के मुद्दों को प्राथमिकता देती रही है तथा आगे भी जनहित के विषयों को मजबूती के साथ उठाती रहेगी।
कांग्रेस पूर्व सैनिक संगठन के जिला अध्यक्ष महेश कुकरेती ने भी अपने संबोधन में कहा कि संगठन सैनिकों, पूर्व सैनिकों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार कार्य करता रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाकर जनसरोकारों के मुद्दों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही सैनिकों के सम्मान और युवाओं के रोजगार से जुड़े विषयों पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, पूर्व सैनिकों को जोड़ने तथा युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा की। नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सैनिकों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इस अवसर पर परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी, कांग्रेस पूर्व सैनिक संगठन के जिला अध्यक्ष महेश कुकरेती, कांग्रेस एससी विभाग के जिलाध्यक्ष मुकेश प्रसाद, जिला उपाध्यक्ष एस.पी. बहुगुणा, दुर्गा थापा, राजेंद्र बिष्ट, ध्यानेंद्र पंवार, सरजीत कृशाली, विजय गोस्वामी, जिला सचिव साहिल अली, आशिक अली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, देहरादून में कर्नल रोहित चौधरी का स्वागत कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की राजनीतिक और संगठनात्मक सक्रियता का भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन बनकर सामने आया। वहीं, “अग्निवीर आक्रोश यात्रा” के माध्यम से पार्टी ने सैनिकों के हित, युवाओं के भविष्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपनी बात जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया।
