देहरादून: आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती को देखते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। इस फेरबदल में उत्तराखंड कांग्रेस के चार प्रमुख नेताओं का कद बढ़ाते हुए उन्हें अन्य राज्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी हाईकमान ने महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित चार नेताओं को उत्तर प्रदेश और नागालैंड में ‘संगठन सृजन अभियान’ का पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया है।
राहुल गांधी के ‘संगठन सृजन’ विजन को मिलेगी गति
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने इस नियुक्ति पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि यह निर्णय पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी की ‘संगठन सृजन’ कार्यक्रम की दूरगामी सोच का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर पार्टी की नींव को मजबूत करना और ऐसे नेतृत्व को आगे लाना है, जिसकी जड़ें जनता के बीच गहरी हों।
डॉ. सिंह के अनुसार, “कांग्रेस अब जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में कार्यकर्ताओं की रायशुमारी को सर्वोपरि रख रही है। उत्तराखंड वह चौथा राज्य था जहाँ सबसे पहले इस पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाया गया था। अब इसी सफल मॉडल को अन्य राज्यों में भी लागू किया जा रहा है।”
उत्तर प्रदेश और नागालैंड में क्या होगी भूमिका?
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन पर्यवेक्षकों का प्राथमिक कार्य राज्यों के विभिन्न जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से संवाद करना है।
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चयन प्रक्रिया: ये नेता जिला अध्यक्षों के चयन के लिए जमीनी स्तर पर फीडबैक लेंगे।
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लोकतांत्रिक नियुक्तियाँ: केवल उन्हीं नेताओं को पद दिया जाएगा जिन्हें स्थानीय कार्यकर्ता और आम जनता पसंद करती है।
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संगठन का विस्तार: उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में संगठन सृजन अभियान को नई ऊर्जा देना पार्टी की प्राथमिकता है।
छह राज्यों के लिए जारी हुई सूची
कांग्रेस हाईकमान ने केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश, नागालैंड, गोवा, मणिपुर और मेघालय जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के लिए पर्यवेक्षकों की सूची जारी की है। इस अखिल भारतीय सूची में उत्तराखंड के चार नेताओं को स्थान मिलना राज्य इकाई के लिए गर्व की बात मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी अब क्षेत्रीय नेताओं के अनुभव का उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर कर रही है।
उत्तराखंड कांग्रेस में उत्साह की लहर
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस संगठन लगातार विस्तार कर रहा है और जनहित के मुद्दों पर आक्रामक रूप से काम कर रहा है। राहुल गांधी के मार्गदर्शन में संगठन को हर स्तर पर ‘प्रो-वर्कर’ (कार्यकर्ता समर्थक) बनाया जा रहा है। उत्तराखंड के नेताओं को बाहर जिम्मेदारी मिलने से स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी यह संदेश गया है कि मेहनत करने वाले नेताओं को केंद्रीय नेतृत्व पहचान दे रहा है।
आगामी चुनौतियों की तैयारी
जिस तरह से कांग्रेस हाईकमान ने चुनावी राज्यों और महत्वपूर्ण हिंदी बेल्ट (UP) में उत्तराखंड के विधायकों और पदाधिकारियों को तैनात किया है, उससे साफ है कि पार्टी ‘बॉटम-अप’ अप्रोच (नीचे से ऊपर की ओर) अपना रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये पर्यवेक्षक उत्तर प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को कितनी मजबूती प्रदान कर पाते हैं।



