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सीएम योगी की शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात: मिलेगा 5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर, मानदेय भी बढ़ा

गोरखपुर में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित शिक्षा मित्र सम्मान समारोह में शिक्षामित्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों को 5 लाख रुपये तक का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों का मानदेय पहले ही बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया जा चुका है, जो अप्रैल महीने से लागू हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा मित्रों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मित्र केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।


“पहले देश, फिर हम” — मुख्यमंत्री का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा मित्रों से सकारात्मक सोच अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ट्रेड यूनियन जैसी मानसिकता और नकारात्मक दृष्टिकोण को पूरी तरह त्याग दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शिक्षक और शिक्षा मित्र केवल मांगों और विरोध की राजनीति में उलझे रहेंगे, तो इससे बच्चों की शिक्षा और भविष्य दोनों प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार करना भी है।

उन्होंने शिक्षा मित्रों से कहा कि हर व्यक्ति को अपने आप से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए और अपने कार्य में निरंतर सुधार लाना चाहिए। सकारात्मक सोच और समर्पण के साथ कार्य करने वाले शिक्षक ही देश के लिए बेहतर पीढ़ी तैयार कर सकते हैं।


वर्षों पुरानी मांगों का समाधान संवाद से

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा मित्रों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान सरकार ने टकराव के बजाय संवाद और सहयोग के माध्यम से किया है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नियमों की अनदेखी करके शिक्षा मित्रों को सहायक शिक्षक बनाने का प्रयास किया गया था, जिसके कारण मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और शिक्षा मित्रों की सेवाएं समाप्त होने की स्थिति बन गई थी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई, तब सबसे बड़ी चुनौती डेढ़ लाख से अधिक परिवारों को संकट से बचाने की थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों ने 18-19 वर्षों तक सेवा दी है और इस उम्र में उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने निर्णय लिया कि शिक्षा मित्रों की सेवाएं समाप्त नहीं की जाएंगी, बल्कि उनकी क्षमता और अनुभव का उपयोग शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जाएगा।


मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में उनकी सरकार बनने के बाद शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया था। अब इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय शिक्षा मित्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें और पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा कार्य में योगदान दें।

कार्यक्रम में चयनित शिक्षा मित्रों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किए गए।


5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में एक भावुक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि जनता दर्शन कार्यक्रम में एक शिक्षा मित्र परिवार अपनी गंभीर रूप से बीमार बेटी के इलाज के लिए सहायता मांगने आया था। इस घटना से प्रभावित होकर सरकार ने शिक्षा मित्रों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सभी शिक्षा मित्रों को प्रधानमंत्री कैशलेस स्वास्थ्य योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का वार्षिक कैशलेस स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी तक इस सुविधा से वंचित हैं, उन्हें भी जल्द शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिए कि जरूरतमंद शिक्षा मित्रों को तुरंत लाभ पहुंचाया जाए और शीघ्र ही एक विशेष समारोह आयोजित कर सभी को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाएं।


बैंक खाते और बीमा सुविधा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सभी भुगतान सीधे बैंक खातों में भेजे जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिक्षा मित्रों के बैंक खाते खुलवाने के लिए बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षा मित्रों को बीमा जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा मित्रों को 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।


नजदीकी विद्यालय में तैनाती की सुविधा

मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों की तैनाती संबंधी समस्याओं का भी समाधान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों को उनके जिले और नजदीकी विद्यालयों में तैनात किया जाएगा।

विशेष रूप से महिला शिक्षा मित्रों के लिए म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शादीशुदा महिला शिक्षा मित्रों को उनके मायके या ससुराल के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें पारिवारिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।


उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी विद्यालयों की स्थिति में व्यापक सुधार किया गया है।

उन्होंने बताया कि पहले विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, फ्लोरिंग और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं की उपलब्धता केवल 30 से 36 प्रतिशत तक थी, लेकिन अब यह बढ़कर 96 से 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में भारी कमी आई है। पहले जहां ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत थी, वह अब घटकर केवल 3 प्रतिशत रह गई है।


बच्चों को प्यार से पढ़ाने की अपील

मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों से अपील की कि वे जुलाई में स्कूल खुलने के बाद “स्कूल चलो अभियान” को और तेज करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक और शिक्षा मित्र समय से पहले स्कूल पहुंचें और घर-घर जाकर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ प्यार और संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाए। किसी भी परिस्थिति में बच्चों के साथ मारपीट न की जाए। कहानियों, कविताओं और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार की परेशानियों को स्कूल तक नहीं लाना चाहिए और विद्यार्थियों के सामने हमेशा सकारात्मक वातावरण बनाए रखना चाहिए।


चयनित शिक्षा मित्रों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई चयनित शिक्षा मित्रों को सम्मानित भी किया। इनमें गोरखपुर, कासगंज, फिरोजाबाद, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती और संत कबीर नगर के शिक्षा मित्र शामिल रहे।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ‘विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर अरुणोदय’ का विमोचन भी किया। इस कैलेंडर का उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। इसमें विज्ञान, गणित, भाषाई कौशल, पर्यावरण संरक्षण, रोल प्ले, कला और क्राफ्ट जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया और बेसिक शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।


शिक्षा मित्रों को नई उम्मीद

गोरखपुर में आयोजित इस समारोह ने प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षा मित्रों को नई उम्मीद दी है। स्वास्थ्य सुरक्षा, बढ़ा हुआ मानदेय, बीमा सुविधा और नजदीकी विद्यालय में तैनाती जैसी घोषणाओं से शिक्षा मित्रों में उत्साह देखा गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत में कहा कि शिक्षित समाज ही मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र की नींव रखता है। उन्होंने शिक्षा मित्रों से ईमानदारी, समर्पण और सकारात्मकता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

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