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शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में CBI का बड़ा एक्शन: यूपी के मुजफ्फरनगर से दबोचा गया मुख्य शूटर ‘राजकुमार’

कोलकाता/मुजफ्फरनगर। पश्चिम बंगाल की सियासत को दहला देने वाले हाई-प्रोफाइल चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के ठीक दो दिन बाद हुए इस सनसनीखेज मर्डर केस के तार अब उत्तर प्रदेश से जुड़ गए हैं। सीबीआई की टीम ने यूपी की मुजफ्फरनगर पुलिस के साथ मिलकर एक बेहद गोपनीय और सटीक ऑपरेशन चलाते हुए इस हत्याकांड के मुख्य शूटर को धर दबोचा है।

पकड़े गए आरोपी की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है, जो अंडरवर्ल्ड और जरायम की दुनिया में ‘राज सिंह’ के नाम से भी कुख्यात है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या में इस शूटर ने सबसे मुख्य और खतरनाक भूमिका निभाई थी। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद शूटर की तस्वीर भी सार्वजनिक हो गई है, जिससे इस पूरे मामले में शामिल अंतरराज्यीय अपराधियों के गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है।


मुजफ्फरनगर में छिपा था शूटर, कोलकाता कोर्ट में होगी पेशी

सीबीआई के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ६ मई को वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य शूटर राजकुमार लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और अंततः उसने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पनाह ले रखी थी। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर सीबीआई की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई अब ट्रांजिट रिमांड की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। आरोपी राजकुमार को मंगलवार को कोलकाता स्थित विशेष सीबीआई अदालत (Special CBI Court, Kolkata) में पेश किया जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसी कोर्ट से आरोपी की अधिकतम दिनों की कस्टडी की मांग करेगी ताकि उससे कड़ाई से पूछताछ की जा सके और इस पूरी साजिश की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।


हत्याकांड में अब तक ४ गिरफ्तार, मगर ‘मोटिव’ पर सस्पेंस बरकरार

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच अपने हाथ में लेने वाली सीबीआई इस केस में बेहद आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रही है। राजकुमार की गिरफ्तारी को मिलाकर इस मामले में अब तक कुल ४ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

इससे पहले, पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुरुआती तफ्तीश के दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट के आदेश के बाद वे तीनों आरोपी वर्तमान में २३ मई तक सीबीआई की हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि, देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी के सामने अभी भी सबसे बड़ी चुनौती इस हत्याकांड के पीछे के मुख्य कारण (मोटिव) को स्पष्ट करना है। राजनीतिक रंजिश, आपसी दुश्मनी या फिर कोई बड़ी कॉर्पोरेट/क्रिमिनल साजिश— सीबीआई हर एंगल को खंगाल रही है, लेकिन मुख्य शूटर राजकुमार से पूछताछ के बाद ही इस जघन्य हत्याकांड के असली मास्टरमाइंड और हत्या की वजह का आधिकारिक खुलासा होने की उम्मीद है।


६ मई की वो काली रात: कैसे रची गई हत्या की खौफनाक साजिश?

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बहुप्रतीक्षित नतीजे ४ मई को घोषित किए गए थे। इसके ठीक दो दिन बाद, यानी ६ मई की रात को उत्तर २४ परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। ६ मई की देर रात शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ मध्यग्राम में आयोजित एक संगठनात्मक पार्टी कार्यक्रम और बैठक में हिस्सा लेकर अपने घर वापस लौट रहे थे।

शुरुआती फॉरेंसिक और चश्मदीदों की जांच के अनुसार, हमलावरों ने इस हत्याकांड के लिए पूरी रेकी की थी। चंद्रनाथ रथ की गाड़ी का दो मोटरसाइकिलों पर सवार बदमाश काफी दूर से पीछा कर रहे थे। मध्यग्राम के पास एक सुनसान मोड़ पर जैसे ही रथ की गाड़ी एक अन्य चारपहिया वाहन से टकराकर रुकी, वैसे ही पीछा कर रही मोटरसाइकिलों में से एक तेजी से आगे बढ़ी और रथ की गाड़ी के ठीक बगल में आकर रुक गई।


करीब से बरसाईं १० गोलियां, ड्राइवर की हालत में सुधार

गाड़ी रुकते ही मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे हमलावर (जिसके राजकुमार होने का दावा किया जा रहा है) ने बिना एक पल गंवाए बेहद करीब से चंद्रनाथ रथ पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर ने प्वाइंट ब्लैंक रेंज से लगभग १० गोलियां चलाईं, जिससे गाड़ी की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। अधिकांश गोलियां चंद्रनाथ रथ के सिर और छाती में लगीं, जिसके कारण उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

इस जानलेवा हमले में रथ की गाड़ी चला रहे उनके वफादार ड्राइवर बुद्धदेव बेरा भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें शरीर में कई जगह गोलियां लगी थीं। वारदात के तुरंत बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल और फिर कोलकाता के एक बड़े मेडिकल सेंटर में रेफर किया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, बुद्धदेव बेरा की स्थिति में अब तेजी से सुधार हो रहा है, और वे इस केस के सबसे अहम चश्मदीद गवाह हैं, जिनका बयान सीबीआई के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

“यह केवल एक साधारण आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि एक गहरी और सुनियोजित राजनीतिक व आपराधिक साजिश का हिस्सा प्रतीत होती है। मुख्य शूटर की गिरफ्तारी के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो इसके पीछे छिपे असली चेहरों और साजिशकर्ताओं का बेनकाब करने के बेहद करीब है।”राजनीतिक विश्लेषक, पश्चिम बंगाल

इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। शुभेंदु अधिकारी के करीबियों और भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सीबीआई जल्द ही इस मर्डर मिस्ट्री के पीछे छिपे असली चेहरों को दुनिया के सामने लाएगी।

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