
नई दिल्ली/गुरुग्राम। उत्तर भारत इन दिनों कुदरत के दोहरे वार से जूझ रहा है। एक तरफ आसमान से तेज धूप खिल रही है, तो दूसरी तरफ बर्फीली हवाओं और कड़ाके की ठंड ने पूरे क्षेत्र को ‘कोल्ड टॉर्चर’ में डाल दिया है। राजधानी दिल्ली से लेकर हरियाणा और राजस्थान तक, पारा गोता लगा रहा है। विशेष रूप से गुरुग्राम (Gurugram) में सर्दी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, जिससे यहाँ का तापमान शून्य के करीब पहुँच गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम और आसपास के इलाकों के लिए अगले दो दिनों का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
गुरुग्राम में रिकॉर्डतोड़ सर्दी: 0.6 डिग्री तक गिरा पारा
हरियाणा के औद्योगिक हब गुरुग्राम में इस सीजन की सबसे डरावनी ठंड दर्ज की गई है। भारत मौसम विभाग के चंडीगढ़ कार्यालय और गुरुग्राम AWS (Automatic Weather Station) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। यह न केवल इस सीजन का सबसे कम तापमान है, बल्कि इसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं।
गुरुग्राम के ग्रामीण इलाकों की स्थिति और भी विकट है। खेतों में खड़ी फसलों और सब्जियों पर पाले (Frost) की सफेद चादर साफ देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी गाड़ियों की छतों और खेतों में जमी बर्फ जैसी परत की तस्वीरें साझा की हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि तापमान शून्य के बेहद करीब बना हुआ है।
NCR के अन्य शहरों का हाल: कहाँ कितनी ठंड?
ठंड का कहर केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं है। समूचे उत्तर भारत में शीत लहर (Cold Wave) ने अपना जाल बिछा रखा है। विभिन्न शहरों के न्यूनतम तापमान पर एक नज़र डालें:
| शहर | न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) |
| सीकर (राजस्थान) | 0.4° |
| गुरुग्राम (हरियाणा) | 0.6° |
| नारनौल (हरियाणा) | 1.2° |
| दिल्ली (लोधी रोड/सफदरजंग) | 3.0° |
| नोएडा | 3.3° |
| फरीदाबाद | 4.0° |
| देहरादून | 4.5° |
| गाजियाबाद | 5.3° |
दिल्ली में जहाँ 12 जनवरी को पारा 3 डिग्री था, वहीं 13 जनवरी को यह 4 डिग्री के आसपास बना रहा। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, साउथ दिल्ली और सैनिक फार्म जैसे इलाकों में तापमान -1 डिग्री से 1.5 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है।
फसलों पर पाले की मार: किसानों की बढ़ी चिंता
गुरुग्राम और हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में पड़ रहा पाला किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जब तापमान शून्य के आसपास पहुँचता है, तो ओस की बूंदें जम जाती हैं, जिसे ‘पाला’ कहा जाता है। यह पाला सरसों, आलू और टमाटर जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा सकता है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिन यही स्थिति रही, तो उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा।
क्या मकर संक्रांति पर मिलेगी राहत?
ठिठुरते उत्तर भारतीयों के लिए मौसम विभाग ने राहत की एक हल्की किरण दिखाई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
आईएमडी के अनुसार, मकर संक्रांति के बाद अधिकतम तापमान भी 21-22 डिग्री तक जा सकता है, जिससे दिन के समय लोगों को शीत लहर से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड का सिलसिला अभी कुछ दिनों तक जारी रहने का अनुमान है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस भीषण ठंड को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
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ऑरेंज अलर्ट का पालन करें: जब तक बहुत जरूरी न हो, सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचें।
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ऊनी कपड़ों की लेयरिंग: शरीर को गर्म रखने के लिए एक मोटे कपड़े के बजाय परतों (Layers) में गर्म कपड़े पहनें।
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हीटर और अलाव का उपयोग: बंद कमरों में कोयले की अंगीठी जलाने से बचें, क्योंकि यह कार्बन मोनोऑक्साइड के कारण जानलेवा हो सकती है।
प्रशासन की तैयारी
बढ़ती ठंड को देखते हुए रैन बसेरों में भीड़ बढ़ गई है। प्रशासन ने जगह-जगह अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। गुरुग्राम और दिल्ली के स्कूलों के समय में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
उत्तर भारत में ठंड का यह तांडव अभी थमा नहीं है। अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जो खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।



