मुंबई: मायानगरी मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री की चमक-धमक और रसूख का इस्तेमाल कर मासूम लोगों को ठगने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भोजपुरी फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी, उनके पति विवेक कुमार उर्फ अभिषेक कुमार सिंह चौहान और उनके कुछ सहयोगियों पर एक व्यवसायी से 11.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। मुंबई की पंतनगर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली है।
क्या है पूरा मामला? ग्लैमर और मुनाफे का खूनी खेल
यह पूरी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। शिकायतकर्ता हितेश कांतिलाल अजमेरा (52), जो सीमा शुल्क निकासी (Customs Clearance) के व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कैसे अभिनेत्री और उनके पति ने उन्हें सुनियोजित तरीके से अपने जाल में फंसाया।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने खुद को फिल्म जगत का एक प्रभावशाली व्यक्तित्व बताया। आकांक्षा अवस्थी ने दावा किया कि अंधेरी में उनका अपना भव्य फिल्म स्टूडियो और कलाकारों के लिए एक बड़ा ट्रेनिंग सेंटर है। उन्होंने अपनी शोहरत और इंडस्ट्री में गहरी पैठ का हवाला देते हुए व्यवसायी को बड़े निवेश और उससे होने वाले मुनाफे के सपने दिखाए।
300 करोड़ का ‘बेतिया वाला गोदाम’ और फर्जी कहानी
धोखाधड़ी की इंतेहा तब हुई जब अभिनेत्री के पति विवेक कुमार ने एक मनगढ़ंत कहानी रची। विवेक ने हितेश अजमेरा को बताया कि बिहार के बेतिया इलाके में स्थित उनके एक गुप्त गोदाम में 300 करोड़ रुपये नकद रखे हुए हैं। उसने दावा किया कि कुछ तकनीकी और कानूनी अड़चनों की वजह से यह रकम फंसी हुई है और इसे निकालने के लिए तत्काल बड़ी पूंजी की जरूरत है।
भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने पीड़ित को एक ‘अनरियल’ ऑफर दिया। उन्होंने वादा किया कि यदि हितेश पैसा निवेश करते हैं, तो मात्र चार दिनों के भीतर उन्हें 200 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त लोन और उनका निवेश किया हुआ पैसा वापस मिल जाएगा। अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी ने खुद इस सौदे की गारंटी दी, जिसके बाद पीड़ित झांसे में आ गया।
मार्च से जुलाई तक का ठगी चक्र: कैसे हुई फंड की हेराफेरी?
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, मार्च से जुलाई 2024 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 11.50 करोड़ रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
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भरोसा जीतने का नाटक: पीड़ित को विश्वास दिलाने के लिए आरोपी उसे पटना ले गए और वहां कुछ कथित सरकारी और गोदाम से जुड़े दस्तावेज दिखाए।
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फरार होने की साजिश: 5 जुलाई 2024 को जब हितेश अजमेरा और विवेक कुमार बेतिया के लिए रवाना हुए, तब रास्ते में विवेक ‘मिठाई खरीदने’ के बहाने कार से उतरा और फिर कभी वापस नहीं आया। कुछ समय बाद उसका मोबाइल भी बंद हो गया।
दो साल बाद दर्ज हुई FIR, सदमे में था पीड़ित
इस बड़ी धोखाधड़ी ने व्यवसायी हितेश अजमेरा को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ दिया। शिकायत दर्ज कराने में हुई देरी का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि इस विश्वासघात के कारण उनकी तबीयत काफी खराब हो गई थी और वे गहरे सदमे में थे। आखिरकार, 28 जनवरी 2026 को उन्होंने हिम्मत जुटाई और मुंबई की पंतनगर पुलिस में आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी, विवेक कुमार और उनके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी (Fraud), आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) और विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) का मामला दर्ज किया है।
पुलिस जांच का दायरा और आगामी कार्रवाई
मुंबई पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। जांच के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
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बैंक लेनदेन की पड़ताल: पुलिस उन सभी खातों की कुंडली खंगाल रही है जिनमें 11.50 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
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दस्तावेजों की सत्यता: पटना और बेतिया में दिखाए गए कागजात और अंधेरी स्थित फिल्म स्टूडियो के दावों की सच्चाई जांची जा रही है।
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आरोपियों की लोकेशन: फिलहाल अभिनेत्री और उनके पति फरार बताए जा रहे हैं, पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
“हमने पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है। बैंक स्टेटमेंट्स और टेक्निकल एविडेंस जुटाए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भेजा जाएगा।” – अधिकारी, पंतनगर पुलिस स्टेशन
ग्लैमर की दुनिया का काला पक्ष
आकांक्षा अवस्थी जैसे चर्चित नाम का इस तरह के विवाद में आना फिल्म इंडस्ट्री की साख पर सवाल खड़ा करता है। यह मामला उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बड़ी हस्तियों के नाम और ‘रातों-रात पैसा डबल करने’ के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा देते हैं।



