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The Hill India > Blog > देश > बंगाल के राज्यपाल का राजभवन कर्मचारियों को आदेश, ‘जांच के संबंध में किसी भी पुलिस कर्मी से बात न करें’
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बंगाल के राज्यपाल का राजभवन कर्मचारियों को आदेश, ‘जांच के संबंध में किसी भी पुलिस कर्मी से बात न करें’

The Hill India News
Last updated: May 6, 2024 12:00 pm
The Hill India News
Published: May 6, 2024
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर राजभवन की एक अस्थायी महिला कर्मचारी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. इसको लेकर कोलकाता पुलिस ने एसआईटी गठित की है. इसी बीच राज्यपाल ने एक आदेश दिया है, जिसको लेकर सियासत तेज हो गई. टीएमसी के पूर्व सांसद राज्यसभा डॉ शांतनु सेन ने राष्ट्रपति से आरोप लगाने वाली महिला की मदद करने की अपील की है. राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस मामले को लेकर राजभवन कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वो कोलकाता पुलिस की एसईटी जांच के संबंध में किसी भी पुलिस कर्मी से बात न करें. एसबी, आईबी या कोलकाता पुलिस को राजभवन में प्रवेश की इजाजत न दी जाए.

राज्यपाल के इस आदेश के बाद टीएमसी के पूर्व सांसद राज्यसभा डॉ शांतनु सेन ने कहा है कि राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए कुछ संवैधानिक अधिकार हैं. मगर, वह कुर्सी के लिए हैं और न कि व्यक्ति के लिए. जब वो पद पर नहीं होंगे तब तो एक्शन होगा. एक महिला होने के नाते भारत की राष्ट्रपति को एक महिला को न्याय दिलाने में मदद करनी चाहिए. पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसके साथ दो बार छेड़खानी की गई. मगर, राज्यपाल के खिलाफ तुरंत कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. दरअसल, राज्यपाल पद को संवैधानिक छूट मिली हुई, जिसके कारण बोस को पद पर रहते हुए आपराधिक आरोपों का सामना नहीं करना पड़ेगा. इस शक्ति का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 361 में है.

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