रुद्रपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में चर्चित गैंगरेप मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कई दिनों से फरार चल रहे तीनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने देर रात हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो अन्य साथियों को मौके से दबोच लिया गया। घायल आरोपी को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने गैंगरेप मामले की जांच को और तेज करते हुए आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “अपराध मुक्त देवभूमि” अभियान के तहत राज्य में गंभीर अपराधों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने रुद्रपुर गैंगरेप मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देने के साथ-साथ जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
सोमवार देर रात कोतवाली रुद्रपुर क्षेत्र की बगवाड़ा पुलिस चौकी के पास पुलिस टीम नियमित वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्ध युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन वे बाइक मोड़कर तेज रफ्तार में भागने लगे। संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और कुछ दूरी पर घेराबंदी कर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
पुलिस का कहना है कि खुद को घिरता देख तीनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। वहीं, मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे दो अन्य आरोपियों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों की तलाशी ली, जिसमें उनके कब्जे से अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामद हथियारों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों के पास ये हथियार कहां से आए और क्या उनका संबंध किसी अन्य आपराधिक गिरोह से भी रहा है।
इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने बताया कि पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही थी। देर रात चेकिंग के दौरान संदिग्धों की पहचान होने पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने पूरी सतर्कता और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि गैंगरेप जैसे जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाना है। उन्होंने विवेचना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले से जुड़े सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जल्द से जल्द एकत्र किए जाएं, ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश कर आरोपियों को कठोर से कठोर सजा दिलाई जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और घायल आरोपी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गैंगरेप प्रकरण की जांच पूरी पारदर्शिता और तेजी से आगे बढ़ाई जाए। साथ ही पुलिस पर फायरिंग की घटना को भी गंभीरता से लेते हुए अलग से मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ गैंगरेप मामले की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब विवेचना टीम घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को एकत्र कर मामले को अंतिम रूप देने में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
रुद्रपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से लोगों में राहत का माहौल है। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद यह संदेश भी गया है कि गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को किसी भी कीमत पर कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा। अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर है कि पुलिस जल्द से जल्द विवेचना पूरी कर न्यायालय में मजबूत चार्जशीट दाखिल करे, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जा सके।
