By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर संसद में संग्राम, नड्डा बोले- ‘दुखद है, जांच कराएंगे’; खरगे ने पूछा- क्या यही लोकतंत्र है?
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर संसद में संग्राम, नड्डा बोले- ‘दुखद है, जांच कराएंगे’; खरगे ने पूछा- क्या यही लोकतंत्र है?
उत्तराखंडफीचर्ड

हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर संसद में संग्राम, नड्डा बोले- ‘दुखद है, जांच कराएंगे’; खरगे ने पूछा- क्या यही लोकतंत्र है?

The Hill India News
Last updated: August 13, 2026 6:50 am
The Hill India News
Published: August 13, 2026
Share
SHARE

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान में कराए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ हवन का मामला अब सड़क से संसद तक पहुंच गया है। राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटना का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी नेता की सभा के बाद मंच और मैदान का शुद्धिकरण करना लोकतंत्र की मर्यादा है? खरगे के बयान पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद जेपी नड्डा ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यदि बीजेपी से जुड़े लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी ऐसी घटनाओं को स्वीकार नहीं करती। इस मुद्दे पर राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

Contents
हल्द्वानी की घटना ने पकड़ा सियासी तूलराज्यसभा में खरगे ने उठाया सवालनड्डा ने कहा- ‘यह दुखद है, हम जांच करेंगे’‘आप लोग ऐसा करते हैं’ पर नड्डा ने जताई आपत्तिराज्यसभा सभापति ने भी जताया दुखआखिर हल्द्वानी में हुआ क्या था?‘रामलीला के मंच’ को लेकर क्या कहा गया?बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामनेसड़क से संसद तक पहुंचा मामला

हल्द्वानी की घटना ने पकड़ा सियासी तूल

उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त को कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद सामने आए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस रैली में शामिल हुए थे। उनके संबोधन और रैली के बाद रामलीला मैदान में हवन किए जाने की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

मामला तब और गरमा गया जब कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने इसे राज्यसभा में उठाया। उन्होंने सदन में अपने संबोधन के दौरान कहा कि उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में लोगों की समस्याओं को लेकर भाषण दिया था और अपने भाषण में किसी समाज या धर्म का नाम नहीं लिया। इसके बावजूद उनके कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर मंच का ‘शुद्धिकरण’ कराया गया।

खरगे ने सवाल उठाया कि अगर किसी राजनीतिक नेता की सभा के बाद मंच या मैदान का शुद्धिकरण कराया जाता है तो क्या इसे लोकतंत्र की भावना के अनुरूप माना जा सकता है?

राज्यसभा में खरगे ने उठाया सवाल

राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनकी सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि उनके भाषण में किसी समाज या धर्म के खिलाफ कोई बात नहीं कही गई थी।

खरगे ने कहा कि उन्होंने मंच से सिर्फ लोगों की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया। लेकिन उनके कार्यक्रम के बाद वहां बीजेपी से जुड़े लोगों द्वारा हवन कर कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण किए जाने की बात सामने आई।

उन्होंने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि अगर लोकतंत्र में किसी नेता के भाषण के बाद इस तरह की प्रतिक्रिया होती है तो यह चिंता का विषय है। खरगे के इस बयान के बाद सदन का माहौल राजनीतिक रूप से गरमा गया।

नड्डा ने कहा- ‘यह दुखद है, हम जांच करेंगे’

खरगे के आरोपों पर बीजेपी की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने जवाब दिया। नड्डा ने कहा कि खरगे द्वारा जिस घटना का उल्लेख किया गया है, वह निश्चित रूप से दुखद है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना केवल कांग्रेस या खरगे के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए दुखद है।

नड्डा ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि खरगे ने घटना में बीजेपी के लोगों के शामिल होने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके अनुसार इस घटना में बीजेपी के लोग शामिल नहीं थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी घटना हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी।

जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसी चीजों को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि खरगे की भावनाओं को यदि इससे ठेस पहुंची है तो यह निश्चित तौर पर खेद का विषय है।

नड्डा के इस बयान से सरकार की ओर से इस मुद्दे पर जांच की संभावना का संकेत मिला है। वहीं, कांग्रेस इस घटना को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से गंभीर मुद्दा बता रही है।

‘आप लोग ऐसा करते हैं’ पर नड्डा ने जताई आपत्ति

बहस के दौरान जब मल्लिकार्जुन खरगे ने इस तरह की घटनाओं के लिए बीजेपी की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘आप लोग ऐसा करते हैं’, तो जेपी नड्डा ने इस पर आपत्ति जताई।

नड्डा ने कहा कि किसी भी घटना को लेकर सीधे तौर पर बीजेपी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार और बीजेपी की ओर से यह स्पष्ट किया जा रहा है कि घटना की जांच की जाएगी। उन्होंने खरगे से कहा कि इस तरह के आरोप लगाने के बजाय जांच के परिणाम का इंतजार किया जाना चाहिए।

नड्डा ने दोहराया कि यदि किसी व्यक्ति ने खरगे की रैली के बाद ऐसा कृत्य किया है तो वह उचित नहीं है और बीजेपी इसकी निंदा करती है।

राज्यसभा सभापति ने भी जताया दुख

हल्द्वानी की घटना पर राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि सदन इस घटना पर दुख व्यक्त करता है। उन्होंने सरकार से कहा कि यदि किसी व्यक्ति या समूह ने ऐसी घटना को अंजाम दिया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

सभापति की टिप्पणी के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं।

आखिर हल्द्वानी में हुआ क्या था?

मामला 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद रैली’ से जुड़ा है। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हिस्सा लिया था। रैली समाप्त होने और कांग्रेस नेताओं के वहां से चले जाने के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर शुद्धिकरण हवन कराया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े लोगों ने इस अनुष्ठान का आयोजन किया। संगठन के अध्यक्ष गिरीश पांडे और पंडित मोहन शास्त्री की ओर से दावा किया गया कि रैली के दौरान धार्मिक नारों और कथित टिप्पणियों के कारण मैदान की पवित्रता प्रभावित हुई थी, जिसके बाद शुद्धिकरण हवन कराया गया।

हालांकि, इस दावे को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस की ओर से इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक विरोध के स्तर को गिराने वाली घटना बताया जा रहा है, जबकि आयोजकों की ओर से इसे धार्मिक आस्था और परंपरा से जोड़कर देखा गया।

‘रामलीला के मंच’ को लेकर क्या कहा गया?

शुद्धिकरण हवन कराने वाले संगठन से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर कहा कि रामलीला मैदान में धार्मिक आयोजन और रामलीला का मंचन होता है। उनका तर्क था कि ऐसे स्थान पर किसी ऐसे व्यक्ति की राजनीतिक सभा के बाद, जिसे वे सनातन और हिंदू संगठनों का विरोधी मानते हैं, धार्मिक अनुष्ठान किया जाना आवश्यक था।

संगठन की ओर से खरगे के पुराने कथित बयानों का भी हवाला दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में लगाए गए राजनीतिक आरोपों और दावों को लेकर अलग-अलग पक्षों के अलग-अलग विचार हैं।

बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने

हल्द्वानी की घटना ने उत्तराखंड की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक विचारों से असहमति हो सकती है, लेकिन किसी नेता के कार्यक्रम के बाद मंच का कथित शुद्धिकरण कराना राजनीतिक विरोध की मर्यादा पर सवाल खड़ा करता है।

दूसरी ओर, बीजेपी ने सीधे तौर पर इस घटना से खुद को अलग करते हुए जांच की बात कही है। जेपी नड्डा का बयान इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि बीजेपी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी और ऐसी घटना स्वीकार्य नहीं है।

इस पूरे विवाद में अब सबसे अहम सवाल यही है कि शुद्धिकरण कराने वाले लोग वास्तव में कौन थे, क्या उनका किसी राजनीतिक संगठन से कोई प्रत्यक्ष संबंध था और इस आयोजन का उद्देश्य क्या था।

सड़क से संसद तक पहुंचा मामला

हल्द्वानी का यह विवाद अब केवल स्थानीय राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा इसे राज्यसभा में उठाए जाने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। एक ओर जहां कांग्रेस इसे अपने अध्यक्ष के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार के रूप में देख रही है, वहीं बीजेपी जांच और तथ्यों के सामने आने की बात कह रही है।

इस विवाद ने राजनीतिक असहमति, धार्मिक आस्था और लोकतांत्रिक मर्यादा के बीच संतुलन को लेकर भी बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यदि जांच शुरू होती है तो यह स्पष्ट हो सकता है कि हवन का आयोजन किसके निर्देश पर हुआ और इसमें शामिल लोगों का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध था या नहीं।

फिलहाल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान का यह मामला उत्तराखंड से निकलकर संसद तक पहुंच चुका है। राज्यसभा में खरगे का सवाल, नड्डा का जवाब और सभापति की कार्रवाई की अपील ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या सामने आता है और क्या इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है।

You Might Also Like

उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अस्पताल से डिस्चार्ज, डॉक्टरों ने दी कुछ दिन आराम की सलाह
रंगों के उत्सव में रंगे मुख्यमंत्री धामी: लोहाघाट में बोले- ‘काली कुमाऊँ की होली हमारी समृद्ध लोकपरंपरा और सांस्कृतिक पहचान’
”सूने हो रहे घर और बढ़ रहे वृद्धाश्रम, यह व्यथित करता है’: वृद्धजन जागरूकता दिवस पर सीएम योगी की भावुक पाती
Uttarakhand: सीएम धामी ने की चम्पावत को ‘आदर्श जनपद’ बनाने के लिए लिए, कार्ययोजना और गतिमान कार्यों की समीक्षा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह को कांग्रेस में मिली बड़ी जिम्मेदारी
TAGGED:BJPCongressHALDWANIJP NaddaKhargeParliamentRajya SabhaUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! 3,000 रुपये तक टूटी कीमतें, जानें दिल्ली-मुंबई समेत आपके शहर में क्या है भाव

The Hill India News
The Hill India News
August 13, 2026
गौतम गंभीर की आलोचना पर हरभजन सिंह का करारा जवाब, बोले- ‘वो बढ़िया इंसान हैं, कड़वी बातें नहीं बल्कि कड़वी सच्चाई कहते हैं’
हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर संसद में संग्राम, नड्डा बोले- ‘दुखद है, जांच कराएंगे’; खरगे ने पूछा- क्या यही लोकतंत्र है?
देहरादून में आधी रात पुलिस और गैंगस्टर के बीच मुठभेड़, दोनों पैरों में लगी गोली; साथी नवाब अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
ईरान के करीब समुद्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों का बढ़ता तनाव! 250 दिन से जमीन पर नहीं उतरे जवान, आत्महत्या की कोशिशों के दावों से मचा हड़कंप
CBSE-NCERT में नौकरियों का बड़ा संकट! NCERT में 1,596 और CBSE में 44% पद खाली, जल्द शुरू हो सकती है बंपर भर्ती
बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला! सनी देओल की ‘बटवारा 1947’ पर भारी पड़ रही ‘आवारापन 2’? एडवांस बुकिंग में इमरान हाशमी ने बनाई बढ़त
लाल किला ब्लास्ट के तार AQIS से जुड़े! UNSC रिपोर्ट ने खोली आतंकी नेटवर्क की परतें, भारत में छोटे-छोटे सेल बनाकर साजिश का आरोप
JPSC भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा! चेयरमैन से एजेंट और कोचिंग संचालक तक जुड़ा कथित नेटवर्क, अभय तिवारी के बयान से सामने आई ‘सेटिंग’ की कहानी
26 साल का इंतजार खत्म: शहीद की पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से मिला इंसाफ, देश के लिए जान देने वाले वीर की पत्नी को अब मिलेगा पूरा हक
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?