कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी देकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि प्रदर्शन से जुड़े छात्रों को अब भी पुलिस की ओर से परेशान किया जा रहा है और सरकार ने अपने वादों को पूरा नहीं किया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि अगर छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई और उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो संगठन दोबारा शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगा।
कॉकरोच जनता पार्टी का पिछला विरोध प्रदर्शन खत्म हुए अभी ज्यादा समय नहीं बीता है, लेकिन संगठन की ओर से दोबारा आंदोलन की बात सामने आने के बाद सरकार और सीजेपी के बीच विवाद फिर से बढ़ता दिखाई दे रहा है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन खत्म करने के दौरान सरकार की ओर से जो आश्वासन दिए गए थे, उन्हें अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।
सीजेपी का आरोप- छात्रों को बनाया जा रहा निशाना
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार से अपील की है कि आंदोलन में शामिल रहे छात्रों को किसी भी तरह से निशाना न बनाया जाए। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों का उत्पीड़न तुरंत रोका जाना चाहिए और उन्हें भविष्य में परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
पार्टी का दावा है कि सरकार और सीजेपी के बीच हुई तीसरी वार्ता में यह सहमति बनी थी कि केंद्र सरकार लिखित रूप से आश्वासन देगी कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया था कि भविष्य में भी प्रदर्शनकारियों को परेशान नहीं किया जाएगा।
हालांकि सीजेपी का आरोप है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला है। इसी वजह से संगठन ने दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
सरकार से वादे पूरे करने की मांग
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को बातचीत के दौरान किए गए सभी वादों को समय पर पूरा करना होगा।
उनका कहना है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी प्रदर्शनकारी छात्र के खिलाफ भविष्य में कोई कार्रवाई न हो। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो देश में एक बार फिर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं।
सीजेपी नेता सौरव दास ने भी सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखती है तो यह पहले दिए गए आश्वासनों के विपरीत होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मिली प्रदर्शनकारियों को राहत
सीजेपी की ओर से दोबारा आंदोलन की चेतावनी के बीच सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि 18 साल से कम उम्र के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे नाबालिग प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाए, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद कई प्रदर्शनकारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सुनवाई के बाद महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कई लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
अब आगे क्या होगा?
सीजेपी के आंदोलन की चेतावनी के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। संगठन का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाता रहेगा, लेकिन अगर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।
वहीं, सरकार की ओर से इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल छात्र, प्रदर्शनकारी और राजनीतिक संगठन सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना है और वह किसी भी तरह के कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत होती है या फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
