देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसके साथ ही कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर समेत 10 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 14 घंटे कई इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इस दौरान तेज बारिश के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता इस समय अपने चरम पर है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसूनी ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने के कारण उत्तर, पूर्व और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में व्यापक वर्षा की स्थिति बन गई है। इसके चलते कई राज्यों में नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से धीमी पड़ी बारिश ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार 27 से 30 जुलाई के बीच प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, रामपुर, बदायूं, कानपुर, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, मैनपुरी, ललितपुर, कन्नौज, कुशीनगर, गोरखपुर, प्रयागराज और देवरिया सहित कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार होने वाली बारिश किसानों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से खेतों में जलभराव और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहेगी। प्रशासन ने किसानों से मौसम की जानकारी लेकर ही खेती से जुड़े कार्य करने की सलाह दी है।
बिहार में झमाझम बारिश, बिजली गिरने का भी खतरा
बिहार में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान दिखाई दे रहा है। राजधानी पटना सहित गया, सारण, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज, अररिया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई और पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिर सकती है। लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और नदी-तालाब के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
दिल्ली-एनसीआर में उमस रहेगी, लेकिन बारिश के भी आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सोमवार को उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। हालांकि दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शाम या रात के समय तेज बारिश होती है तो लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। वहीं भारी बारिश की स्थिति में कुछ इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। कई स्थानों पर सड़कें बाधित होने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
चारधाम यात्रा, पर्यटन और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करने की अपील की है।
गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने 27, 28 और 29 जुलाई के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में अत्यधिक बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
इसी तरह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी अगले तीन दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
क्यों बढ़ी मानसून की सक्रियता?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने मानसून को नई ऊर्जा दी है। इसके साथ ही मानसूनी ट्रफ उत्तर की ओर खिसक गई है, जिससे उत्तर भारत में वर्षा की गतिविधियां तेज हो गई हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से मिल रही नमी के कारण बादलों का घनत्व लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि देश के कई हिस्सों में एक साथ भारी बारिश देखने को मिल रही है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन न ले जाएं और तेज बारिश या आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे खेतों में जाने से पहले मौसम का पूर्वानुमान अवश्य देखें।
अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले तीन से चार दिन मानसून के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। यदि वर्तमान प्रणाली इसी तरह सक्रिय बनी रही तो कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इससे जहां एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
फिलहाल मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नए अपडेट जारी कर रहा है। ऐसे में नागरिकों के लिए आवश्यक है कि वे अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासन की सलाह का पालन करें। अगले 14 घंटे विशेष रूप से संवेदनशील माने जा रहे हैं, इसलिए सावधानी और सतर्कता ही किसी भी संभावित नुकसान से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय होगी।
